उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत उद्यम स्थापित करने वाले छोटे कारोबारियों के लिए खजाना खोल दिया है। योजना के तहत मार्जिन मनी की धनराशि अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ ही जिलों को अपने उत्पाद की पहचान बनाने में सुविधा मिलेगी।

छोटे कारोबारियों के लिए तोहफा

छोटे कारोबारियों को लाभ-

छोटे कारोबारियों के लिए प्रोजेक्ट की लागत के हिसाब से 6.25 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की छूट दी जाएगी। बीते मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि ODOP योजना में राष्ट्रीयकृत बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों द्वारा लोन दिया जाएगा। लाभार्थियों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा मार्जिन मनी की धनराशि दी जाएगी।

यह भी पढ़ें:- छोटे कारोबारी सीखें जैक मा से बिजनेस को सफल बनाने के टिप्स

क्या है ODOP-

‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना की अवधारणा मूल रूप से जापान सरकार द्वारा वर्ष 1979 में प्रारंभ की गई थी। इसके उपरांत इस योजना को थाईलैंड सरकार ने भी क्रियान्वित किया था। इन देशों के साथ ही, इस तरह की योजना का मॉडल इंडोनेशिया, फिलीपींस, मलेशिया और चीन द्वारा भी अपनाया गया। 24 जनवरी, 2018 को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (One District, One Product) योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के माध्यम से जिले के छोटे, मध्यम और परंपरागत उद्योगों का विकास संभव हो पाएगा।

यह भी पढ़ें:- स्वरोजगार और इस मॉडल से मजबूत होगी इन शहरों के कारोबारियों की आर्थिक स्थिति

ऐसे मिलेगा लाभ-

इस योजना के तहत 25 लाख रुपये की कुल परियोजना लागत की इकाइयों को कुल लागत का 25% या 6.25 लाख रुपये, 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजना लागत का 20% या 6.25 लाख रुपये मार्जिन मनी के तौर पर दी जाएगी। इसके अलावा 50 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये या लागत का 15% और इससे अधिक की परियोजनाओं में लागत का 10% या अधिकतम 20 लाख रुपये अनुदान के रूप में दिए जाएंगे।

योग्यता मापदंड-

ODOP योजना के तहत धन प्राप्त करने के लिए आवेदक कम से कम 18 साल का होना चाहिए। शैक्षिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं है। उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र में पैसों संबंधी सहायता की सुविधा संबंधित जिले के ODOP उत्पाद इकाइयों को ही मिलेगी। आवेदक या इकाई किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, वित्तीय संस्था या सरकारी संस्था आदि का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। उसने भारत सरकार या प्रदेश सरकार की संचालित किसी अन्य  स्वरोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त न किया हो। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य को योजना का लाभ केवल 1 बार ही मिलेगा।

लोन या वित्त पोषण की प्रक्रिया-

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में आए आवेदन पत्रों को क्रमवार रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। साक्षात्कार के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक महीने में एक बार आयोजित की जाएगी। लाभार्थी के चयन के 7 दिन के अंदर उसका आवेदन पत्र संबंधित बैंक शाखा को भेज दिया जाएगा। बैंक शाखा प्रबंधक को एक माह के भीतर ऋण के स्वीकृति या अस्वीकृति के संबंध में निर्णय लेना होगा। इसी समय तत्काल जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र को सूचना भेजनी होगी।

यह भी पढ़ें:- HDFC बैंक ने दिया बड़ा झटका, सभी तरह के लोन को किया महंगा

चयनित नए लाभार्थियों को न्यूनतम एक सप्ताह का अनिवार्य प्रशिक्षण राजकीय पॉलीटेक्निक, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और उद्यमिता विकास संस्थान आदि से दिलवाया जाएगा। पूर्व में प्रशिक्षण ले चुके लाभार्थियों को इससे मुक्त रखा जाएगा। प्रशिक्षण के बाद संबंधित बैंक शाखा ऋण वितरण की कार्यवाही पूरी करेंगे। प्रशिक्षण के एक माह के अंदर बैंक को ऋण की पहली किस्त लाभार्थी को दी जाएगी।

लोन की पहली किस्त दिए जाने के 7 दिन के अंदर बैंक को मार्जिन मनी के दावे संबंधित जिले के उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र से किया जाएगा। उपायुक्त उद्योग दावा प्राप्त होने के 7 दिन के अंदर मार्जिन मनी की धनराशि बैंक शाखा या लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे।

यह भी पढ़ें:- लखनऊ में आसानी से बिजनेस लोन पाने के लिए यहां क्लिक करें

आसान उपाय-

अब क्योंकि यह एक सरकारी प्रक्रिया है, तो समय तो लगेगा ही। लेकिन इस लंबी-चौड़ी प्रक्रिया और इतने लंबे इंचजार से बचने का एक उपाय है। अगर आपका कारोबार 2 साल पुराना हो गया है, तो आप Ziploan से बिजनेस लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। Ziploan छोटे कारोबारियों को बिना किसी सिक्योरिटी के बेहद कम समय में 1 से 5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन प्रदान करता है।

Source:- Amar Ujala