लोन हो या कोई अन्य वित्तीय प्रोडक्ट इसमें हर कदम फूंक – फूंक कर रखना होता है। अगर वित्तीय प्रणाली या रणनीति ठीक नहीं होती है कई मुश्किलें एक साथ आ जाती हैं। कारोबारियों को खासतौर से अपनी वित्तीय रणनीति बनाते समय बहुत सतर्कता बरतनी चाहिए।

किसी भी कारोबारी की वित्तीय सेहत को सबसे अधिक प्रभावित करने वाला फैक्टर बिजनेस लोन या किसी अन्य प्रकार का लोन होता है। लोन कारोबारी को दो तरह से प्रभावित करता है।

जब लोन की रकम कारोबारी को मिलती है तब कारोबारी लोन की रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने के लिए करता है। दूसरी तरफ लोन की रकम चुकाने में कारोबारी प्रभावित होता है। क्योंकि कारोबारी को हर महीने लोन की किस्त जमा करना होता है।

इस तरह से देखा जाये तो कारोबारी लोन की रकम का इस्तेमाल अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए करता है वहीं दूसरी तरफ वह एक निश्चित रकम किस्त के तौर पर जमा करता है। ऐसे में कारोबारी द्वारा लोन लेने से पहले कुछ आवश्यक बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए।

बिजनेस लोन की जरूरत कब होती है?

लोन की जरूरत किसी को भी कभी भी पड़ सकती है। कारोबार में अक्सर माल जाता है तो पेमेंट कुछ समय बाद मिलती है। ऐसे में कम पूंजी वाले कारोबारी को अपना बिजनेस चलाने के लिए पैसों की जरूरत होती है। संभव है कि इसी बीच में कारोबारी को बिजनेस में किसी सामान की जरूरत पड़ जाये।

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ऐसे में कारोबारी के सामने किसी से पैसे मांगकर बिजनेस की जरूरत को पूरा करने के अलावा, सूद पर पैसा लेने और बिजनेस लोन का विकल्प होता है। यह भी संभव है कि कारोबारी जिससे पैसे मांगे उनके पास भी उस समय पर पैसा न हो।

जैसे कि हम सभी जानते हैं कि सूद पर पैसा लेना यानी अपने पैरों में कुल्हाड़ी मारना होता है। सूद के पैसों से बिजनेस नही चलाया जा सकता है। ऐसे में कारोबारी के पास सबसे बेहतरीन विकल्प बिजनेस लोन का होता है।

बिजनेस लोन के कई फायदें भी होते हैं क्योंकि बिजनेस लोन आरबीआई रजिस्टर्ड बैंक/कंपनी से मिलता है। ब्याज दर निश्चित होती है। सभी प्रक्रिया पारदर्शी होती है। लेकिन बिजनेस लोन लेते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों पर जरूरी से ध्यान देना चाहिए।

बिजनेस लोन की ब्याज दर क्या है?

जैसा कि हम सभी को यह जानकारी है कि लोन की रकम पर ब्याज लागू होता है। लेकिन ब्याज इतना होना चाहिए कि कारोबारी उसे सहज ही चुका सके। जब भी आप लोन के लिए आवेदन करने का विचार करें तो सबसे पहले आप यह जाँच लें कि लोन की ब्याज दर क्या है?

कई बार कारोबारी जानकारी के आभाव में ऊँचें ब्याज दर पर लोन ले लेते हैं और जब लोन चुकाने का समय आता है तो कारोबारियों को इसके बारे में जानकारी होती है। इसलिए बिजनेस लोन लेने की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण ब्याज दर के बारे में जानकारी प्राप्त करना होता है।

जब भी आप कहीं से भी लोन के लिए अप्लाई करें तो सबसे पहले उस लोन पर लगने वाली ब्याज दर यानी इंटरेस्ट रेट का पता पहले से कर लें। अगर ब्याज दर आपको ठीक लगे तभी लोन के लिए आगे बढ़ें, अन्यथा किसी और कंपनी से लोन लेने के लिए अप्लाई करें।

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प्री पेमेंट चार्जेस का रखें ध्यान 

बहुत से कारोबारी लोन देने वाले बैंक/कंपनी की शर्तों के बारे में ध्यान से नहीं पढ़ते हैं। इसलिए इसका खमियाजा उन्हें बाद में चुकाना पड़ता है। अक्सर ऐसा होता है कि कारोबारीयों को तत्काल जरूरत पूरा करने के लिए पैसा होता है। जब उन्हें लोन मिल जाता है और कुछ समय बाद उन्हें कारोबार में मुनाफा हो जाता है तो कारोबारी चाहते हैं कि वह लोन एक बार में चुका कर बाकी ब्याज से बच जाएं।

लेकिन एक बार में लोन चुकाने के लिए उन्हें प्री पेमेंट चार्ज देना पड़ जाता है। प्री पेमेंट वह चार्ज होता है जो लोन की रकम तय समय से पहले लोन की रकम चुकाने पर चार्ज की जाती है। आप यह जरुर सुनिश्चित कर लें कि आप जहां से लोन लेना चाहतें हैं वहां पर लोन की रकम प्री पेमेंट चार्जेस फ्री हो।

लोन चुकाने की समय सीमा

यह आपके सुविधा अनुसार होना चाहिए। अगर लोन चुकाने की समय सीमा बहुत कम हो या बहुत अधिक होगी तो भी आपको दिक्कत हो सकती है। इसलिए लोन चुकाने की ऐसी समय सीमा तय करें जिससे आपको आसानी हो।

लोन गिरवी रखने पर है या बिना कुछ गिरवी रखे: लोन दो तरह का मिलता है। प्रॉपर्टी गिरवी रखकर और बिना कुछ गिरवी रखे। प्रॉपर्टी गिरवी रखने के बदले मिलने वाले लोन को सिक्योर्ड लोन कहते हैं। बिना कुछ गिरवी रखे मिलने वाले लोन को अनसियोर्ड लोन कहते हैं। बिना कुछ गिरवी रखे लोन के लिए कोई भी प्रॉपर्टी गिरवी नही रखना होता है। हालाँकि लोन देने वाली कंपनी की शर्तों को पूरा करना होता है।

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अगर आप भी लोन लेने के लिए सोच रहे हैं तो यहां बताई गई सभी बातों का ध्यान रखकर ही लोन के लिए अप्लाई करें। अगर आपको बिजनेस बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन की जरूरत है तो हम सुझाव देंगे कि आप देश की प्रमुख एनबीएफसी ZipLoan कंपनी से बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें। यहां बताई गई सभी ध्यान रखने वाली बातें ZipLoan कंपनी फ़ॉलो करती है।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेना के फायदें

कई ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से कारोबारियों को अपने बिजनेस में पैसों की जरूरत पड़ने पर ZipLoan से बिजनेस लोन लेना चाहिए।

  • लोन लेने के लिए कहीं भागदौड़ नही करना होता है – घर बैठे ऑनलाइन अप्ल्लाई कर सकते हैं।
  • पैसों के लिए अधिक इंतजार नही करना होता है। अप्लाई करने के बाद सिर्फ 3 दिन के भीतर 5 लाख तक का लोन मिल जाता है।
  • बिजनेस लोन पाने के लिए कुछ गिरवी नही रखना होता है यानी बिना कुछ सेक्योरिटी लोन मिल जाता है।
  • ZipLoan कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रजिस्टर्ड है।
  • 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री की सुविधा उपलब्ध है।
  • बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन: ZipLoan कंपनी से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों को बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।

 

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