अक्सर हम देखते हैं कि हमारे आस – पास अमूल, नमस्ते इंडिया पतंजलि इत्यादि का स्टोर खुला होता है। इन स्टोर्स पर संबंधित ब्रांड के प्रोडक्ट मिलते हैं लेकिन दुकान का नाम किसी कुछ और होता होता। इसे ही फ्रेंचाइजी बिजनेस कहा जाता है। फ्रेंचाइजी बिजनेस का मतलब है कि किसी ब्रांड का नाम लेकर, उस ब्रांड के प्रोडक्ट को बेचना। यह बिजनेस आज की तारीख में काफी मुनाफा वाला साबित हो चुका है। इस आर्टिकल में हम आपको यह बताने जे रहे हैं कि फ्रेंचाइजी बिजनेस क्या होता है, फ्रेंचाइजी कैसे प्राप्त हो सकती है और इसमें लाभ कितना होता है।

फ्रेंचाइजी बिजनेस क्या है?

यह एक ब्रांड नाम पर चलने वाला बिजनेस है। फ्रेंचाइजी बिजनेस को ब्रांड बिजनेस भी कहते हैं। जब किसी पॉपुलर ब्रांड की ब्रांच लेकर उस ब्रांड का प्रोडक्ट आप बेचने लगते हैं, तो उसे फ्रेंचाइजी बिजनेस कहते हैं। फ्रेंचाइजी बिजनेस का सबसे शानदार उदाहरण ‘अमूल’ है। अमूल की मोबाइल शॉप आपने बहुत सी जगह जैसे कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एयरपोर्ट, शापिंग काम्प्लेक्स इत्यादि में देखा होगा।

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अमूल के मोबाइल शॉप और अमूल स्टोर्स में दूध, दही, छाछ, आइसक्रीम इत्यादि बिकता है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि सभी स्टोर्स में एक ही क्वालिटी और एक ही क्वांटिटी के साथ एक ही मूल्य पर प्रोडक्ट मिलता है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों है? ऐसा इसलिए है क्योंकि सभी स्टोर्स पर प्रोडक्ट की सप्लाई एक ही फक्ट्री से होती है।

आज के समय में फ्रेंचाइजी का बिजनेस चलाना बहुत फायदेमंद है। क्योंकि इस इस बिजनेस में आप मूल ब्रांड की कंपनी को कुछ रुपये देकर उसके पार्टनर बन जाते हैं। बदले में वह ब्रांड/कंपनी आपको अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए देती है। ब्रांड/कंपनी से मिलने वाले प्रोडक्ट का एक फिक्स मूल्य होता है। जब उसी प्रोडक्ट को फ्रेंचाइजी बिजनेस चलाने वाला व्यक्ति बेचता है तो वह प्रोडक्ट पर छपे मूल्य पर बेचते हैं।

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आपको एक तथ्य बता दें कि इसी भी प्रोडक्ट का मूल्य जो छपा होता है वह 20% से 30% अधिक छपा होता है। लेकिन दुकानदार को वही प्रोडक्ट 20% से 30% तक कम मूल्य पर मिलता है। इस तरह फ्रेंचाइजी चलाने वाले व्यक्ति सीधे तौर परक प्रति प्रोडक्ट 20% से 30% लाभ प्राप्त होता है। इस लिहाज से फ्रेंचाइजी बिजनेस एक मुनाफ़े वाला बिजनेस है।

कैसे शुरु हो सकता है फ्रेंचाइजी बिजनेस?

बहुत से लोग फ्रेंचाइजी बिजनेस शुरु करना चाहते हैं लेकिन उनका सवाल होता है कि फ्रेंचाइजी का बिजनेस कैसे शुरु होगा या फ्रेंचाइजी कैसे मिलेगी? इस सवाल का उत्तर बहुत आसान है। उत्तर है कि फ्रेंचाइजी बहुत आसानी से मिल जाती है। हां फ्रेंचाइजी प्राप्त करने के लिए ब्रांड/कंपनी की न्यूनतम शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होता है। आइये अब आपको यह बताते हैं कि फ्रेंचाइजी प्राप्त करने के लिए किन – किन स्टेप्स को पूरा करना होता है।

डिसाइड करिये कि आपको किस प्रोडक्ट का बिजनेस करना है

भूख सभी को लगती है। खाना सभी को चाहिए होता है। लेकिन सिर्फ भूख मिटाने के लिए इंसान कुछ भी नहीं खा सकता है। इंसान वही खाना पसंद करता है, जो उसके मन को भाता है। ठीक इसी प्रकार पृथ्वी पर जन्म लेने वाले सभी इंसानों को अपना पेट पालने के लिए धन की आवश्यकता होती है। लेकिन धन कमाने के लिए कुछ भी नहीं किया जा सकता है। फ्रेंचाइजी उसी प्रोडक्ट की लेना चाहिए जिस प्रोडक्ट की मांग व्यक्ति के आस-पास हो। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इंसान को उसी प्रोडक्ट की फ्रेंचाइजी लेना चाहिए जो प्रोडक्ट इंसान बेचना पसंद करता हो।

फ्रेंचाइजी के लिए ब्रांड/कंपनी से संपर्क करें

आपने अक्सर अख़बारों में देखा होगा कई कंपनियों का फ्रेंचाइजी विज्ञापन आता रहता है। ठीक इसी तरह सभी सभी कंपनियों का एक फ्रेंचाइजी होता है। इस विभाग में सिर्फ फ्रेंचाइजी से संबंधित चीजें ही देखी जाती हैं। फ्रेंचाइजी लेने के लिए आपको सिर्फ संबंधित ब्रांड/कंपनी से संपर्क करना होता है और यह बताना होता है कि आपको फ्रेंचाइजी लेना है। इसके बाद का सारा काम संबंधित ब्रांड/कंपनी का होता है।

ब्रांड/कंपनी आपसे संपर्क स्थापित करेगा और फ्रेंचाइजी से संबंधित सभी बतायेगा। इसके बाद एक फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ फ्रेंचाइजी के लिए निर्धारित फीस भी जमा करना होता है। फीस के तौर पर ली गई रकम से आपके मोबाइल शॉप/स्टोर का डेकोरेशन और सभी जरूरी उपकरण इत्यादि ब्रांड/कंपनी के तरफ से प्रदान किया जाता है।

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आपको यह जानकारी होना आवश्यक है कि किसी भी ब्रांड/कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए संबंधित ब्रांड/कंपनी की फ्रेंचाइजी संबंधित पात्रता को पूरा करना आवश्यक होता है। बिना पात्रता पूर्ण किये फ्रेंचाइजी मिलने संभव नहीं हो सकता है। इसलिए जब भी आप फ्रेंचाइजी लेने के लिए किसी संस्था से बात करें तो सबसे पहले पात्रता और फीस इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें।

फ्रेंचाइजी लेने में कुल कितना खर्च आ जाता है?

सभी कंपनी और ब्रांड द्वारा फ्रेंचाइजी देने के लिए अलग – अलग शुल्क लिया जाता है। इसके साथ आप अगर आप किसी किराये की दुकान में स्टोर खोलते हैं तो उसका खर्च आपको देना होगा। कोई कर्मचारी रखते हैं तो उसका भी वेतन आपको ही देना होगा। यह तो जरा कम खर्च की बात हो गई लेकिन बड़ा खर्च अभी बाकी है। बड़े खर्च के तौर पर आपको ब्रांड/कंपनी को प्रोडक्ट मांगने के लिए एडवांस दिया जाता है। यह रकम प्रोडक्ट की वैराइटी और लागत पर निर्भर होती है।

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उदाहरण के तौर अमूल डेयरी प्रोडक्ट की फ्रेंचाइजी के लिए लगने वाले खर्च को देखते हैं। अमूल डेयरी प्रोडक्ट की अगर कोई व्यक्ति अमूल पार्लर फ्रेंचाइजी लेता है तो उसे फीस के तौर पर 2 लाख रुपये चुकाना होता है। इसमें नॉन रिफंडेबल ब्रांड सिक्‍योरिटी के तौर पर 25 हजार रुपए, रिनोवेशन पर 1 लाख रुपए, इक्‍वीपमेंट पर 75 हजार रुपए का खर्च शामिल होता है। हां प्रोडक्ट मंगाने के लिए अलग से घन देना होता है।

फ्रेंचाइजी बिजनेस में कितना मुनाफा होता है?

मुनाफा होना इस बात पर निर्भर करता है कि दुकान कितनी चलती है। दिनभर में दुकान पर कितने ग्राहक आते हैं और कौन सा प्रोडक्ट खरीदते हैं। हालांकि प्रोडक्ट पर मिलने वाले कमीशन की बात करें तो यह इस बात बार निर्भर करता है कि किस प्रोडक्ट की फ्रेंचाइजी है और प्रोडक्ट पर कितना कमीशन मिल रहा है।

उदहारण के रुप में अमूल ब्रांड की फ्रेंचाइजी में होने वाले मुनाफा को देखें तो अमूल के सभी प्रोडक्ट पर 20% से 30% तक का कमीशन मिलता है।

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