किसी भी कारोबारी का यह सपना होता है कि वह अपने बिजनेस को बढ़ता हुआ देखे। कारोबारी चाहता है कि बिजनेस का विस्तार होता रहे,बिजनेस में मुनाफा बढ़े बिजनेस लोगों के बीच लोकप्रिय हो। ऐसा होता भी है। हमारे सामने ऐसे बहुत से कारोबारियों का उदाहारण है, जिन्होंने छोटे स्तर से बिजनेस की शुरुवात किये और कुछ वर्षों के दरमियाँ उन्होंने अपना पूरा बिजनेस सामराज्य खड़ा कर दिया।

हालांकि, यह भी सही है कि कारोबार सिर्फ सोचने से नहीं बढ़ता है। बिजनेस बढ़ाने के लिए उपयुक्त धन की आवश्यकता होती है। अगर कारोबारी के पास उपयुक्त धन नहीं होगा तो बिजनेस बढ़ाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कारोबारियों के सामने बिजनेस लोन लेकर कारोबार बढ़ाने का विकल्प सदैव खुला होता है और यह विकल्प शानदार भी होता है।

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बिजनेस लोन की सहायता से बिजनेस का विस्तार बहुत आसानी से किया जा सकता है। और बिजनेस लोन का भुगतान ईएमआई के रुप में किया जा सकता है। लेकिन, बहुत से कारोबारी बिजनेस लोन लेने में हिचकिचाते हैं। क्योंकि, उन्हें लगता है कि बिजनेस लोन ले लिया और लोन की रकम खर्च नहीं हो पाई तो भी बिजनेस लोन पर ब्याज देते रहना होगा।

कारोबारियों की यह बात आंशिक तौर पर सही भी है। लेकिन, कहते हैं कि ऐसी जरूरत, वैसा आविष्कार। कुछ इसी तरह बैंकिंग सेक्टर भी कार्य कर रहा है। बैंकिंग सेक्टर द्वारा फ्लेक्सी लोन के तौर पर दिया जाने वाला लोन कुछ अलग तरह का लोन है। आइये समझते हैं कि फ्लेक्सी लोन क्या है और बिजनेस बढ़ाने में फ्लेक्सी लोन का क्या योगदान हो सकता है।

फ्लेक्सी लोन क्या है?

फ्लेक्सी लोन को हम एक तरह से न्यूनतम इंटरेस्ट रेट वाला लोन भी कह सकते हैं। यह नये जमाने का फाइनेंशियल प्रोडक्ट है। फ्लेक्सी लोन को कस्टमर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसे हम मोबाइल टॉप – अप रिचार्ज की तरह भी देख सकते हैं, जब किसी मोबाइल कस्टमर के वर्तमान रिचार्ज का बैलेंस समाप्त हो जाता है, तो वह कुछ पैसों का टॉप-अप करवा लेता है और बकाया वैधता का इस्तेमाल करता है।

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फ्लेक्सी लोन सिर्फ पर्सनल लोन के तौर पर मिलता है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि फ्लेक्सी लोन प्री अप्रूव्ड होता है। मतलब पहले से ही मंजूर किया गया लोग होता है। इसलिए इस लोन की डिसबर्सल प्रक्रिया बहुत तेज होती है। इस लोन को प्रपात करने के लिए लिए कस्टमर को कोई अतिरिक्त कागजात इत्यादि नहीं देना होता है, क्योंकि खाता खुलवाते समय ही सभी कागजात जम किये गये होते हैं।

फ्लेक्सी लोन की खासियत

ओवरड्राफ्ट की सुविधा प्राप्त होना: फ्लेक्सी लोन के तौर बैंक से ग्राहक को एक क्रेडिट लिमिट दी जाती है। इस क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल ग्राहक इमरजेंसी में पड़ी पैसों की जरूरत के वक्त कर सकता है। मतलब जब ग्राहक को पैसों की तत्काल में जरूरत हो तो वह अपने क्रेडिट लिमिट के तहत धन निकाल सकता है। ग्राहक द्वारा निकाला गया धन ही फ्लेक्सी लोन के तौर पर जुड़ जाता है। मतलब ग्राहक को अलग से लोन के लिए आवेदन नहीं करना पड़ता है।

प्री पेमेंट चार्जेस की झंझट से छुटकारा: फ्लेक्सी लोन प्री पेमेंट चार्जेस फ्री होता है। मतलब ग्राहक जब चाहे तब फ्लेक्सी लोन के तौर पर ली गई रकम का भुगतान एक साथ कर सकता है। इसके लिए ग्राहक को किसी प्रकार का कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होता है।

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सिर्फ निकाली गई रकम पर ब्याज: फ्लेक्सी लोन की सबसे बेहतरीन सुविधा यह है कि ग्राहक क्रेडिट लिमिट में से धन निकालना है या उपयोग करता है, ग्राहक को सिर्फ उसी धन पर ब्याज देना होता है। उदाहरण के तौर देखिये: माना नरेंद्र की क्रेडिट लिमिट 7 लाख रुपये है। नरेंद्र ने अपनी आवश्यकतानुसार केवल 2 लाख रूपये ही खर्च किया। अब नरेंद्र को सिर्फ 2 लाख रुपये पर ही ब्याज चुकाना होगा। 5 लाख रुपये पर नहीं।

बिजनेस बढ़ाने में फ्लेक्सी लोन कैसे योगदान कर सकता है?

माना किसी कारोबारी ने अपनी पुरानी दूकान के नाम पर ही एक नई दुकान किसी और जगह खोलना चाहते हैं। कारोबार द्वारा बिजनेस की नई ब्रांच खोलने के लिए लोन ले लिया गया है लेकिन अचानक कारोबारी को पता चलता है कि जिस कमरे में वह दूकान खोलने वाले थे, उस कमरे को मालिक ने किसी और दुकानदार को किराए पर दे दिया है।

ऐसी स्थिति में कारोबारी क्या करेंगे? माथा पिट लेंगे। क्योंकि, दुकान की ब्रांच तो खुली नहीं ऊपर से लोन ले लिया सो अलग। लोन पर ब्याज चुकाना ही चुकाना है। तो यहां पर उक्त कारोबारी के लिए दोहरी मुश्किल वाला हालत बन गया है।

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लेकिन, कारोबारी ने अगर फ्लेक्सी बिजनेस लोन लिया होता तो वह लोन की रकम जब तक बैंक अकाउंट से नहीं निकालते तब तक लोन की धनराशि पर ब्याज नहीं लगता। एक तरह से कारोबारी को सपोर्ट मिलता कि अकाउंट में उपयुक्त धन पड़ा हुआ है, जैसे ही कोई दूसरी जगह मिलेगी दुकान की नई ब्रांच खुल जाएगी।

इस तरह से यह कहा जा सकता है कि फ्लेक्सी बिजनेस लोन कारोबारियों के लिए एक भरोसेमंद साथी की तरह है। इसी के साथ आपको जानकारी के लिए बता दें कि देश की प्रमुख एनबीएफसी ZipLoan द्वारा एमएसएमई कारोबारियों को 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जाता है।

बिजनेस बढ़ाए ZipLoan के बिजनेस लोन के साथ

ZipLoan एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी) है। कंपनी का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। ZipLoan द्वारा छोटे और मध्यम श्रेणी के कारोबारियों (एमएसएमई) को आर्थिक मदद के तौर पर 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जाता है।

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बिजनेस लोन की पात्रता

  • कारोबार 2 साल से अधिक का पुराना होना चाहिए।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर 5 लाख रुपये से अधिक होना चाहिए।
  • कारोबार के लिए आईटीआर फाइल होना चाहिए। पिछले फाइनेंशियल ईयर में डेढ़ लाख रुपये से अधिक की आईटीआर फाइल होना चाहिए।
  • घर और बिजनेस की जगह दोनों अलग – अलग स्थान पर होना चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के कारोबारी के नाम पर या कारोबारी के किसी ब्लड रिलेटिव के नाम होना चाहिए।

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बिजनेस लोन के लिए जरूरी कागजात

  • आधार कार्ड।
  • पैन कार्ड।
  • 9 महीने का बैंक स्टेटमेंट (करेंट अकाउंट)।
  • पिछले वित्तीय वर्ष में फाइल किये गये आईटीआर की कॉपी ।
  • घर या बिजनेस की जगह में से किसी एक का मालिकाना हक का प्रूफ। मालिकाना प्रूफ खुद। कारोबारी के नाम हो या कारोबारी के किसी ब्लड रिलेटिव के नाम पर होगा तो भी मान्य होता है।

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