फ्लेक्सी लोन और टर्म लोन दोनों ही लोन हैं। यह अलग बात है कि दोनों लोन का अलग – अलग प्रकार है।  दोनों के मिलने का प्रोसेस, पात्रता और अनिवार्य कागजातों की मांग एक – दूसरे से अलग की जाती है।

फ्लेक्सी लोन में जैसा कि नाम से यह प्रतीत होता है कि यह लोन का प्रकार लचीली प्रक्रिया के तहत मिलता है। हालांकि टर्म लोन की प्रक्रिया कोई बहुत कठिन नहीं होती है। लेकिन, दोनों ही लोन की प्रक्रिया अलग होती है।

आइये आपको इस आर्टिकल में फ्लेक्सी लोन और टर्म लोन के बारें में जानकारी देते हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि फ्लेक्सी लोन और टर्म लोन में से कौन बेहतर लोन होता है।

फ्लेक्सी लोन क्या होता है? – व्हाट इज ए फ्लेक्सी लोन?

फ्लेक्सी लोन का टर्म भारत में नया शुरु हुआ है। लोन यह प्रकार उन ग्राहकों के लिए बहुत बेहतरीन साबित होता है जिनका कैश में नियमित तौर काम होता रहता है। जब कभी पैसा किसी पार्टी के पास फंस जाता है तो उन्हें फ्लेक्सी लोन के तौर पर कैश मिल जाता है।

फ्लेक्सी लोन को ओवरड्राफ्ट भी कहते हैं। फ्लेक्सी लोन एक वित्तीय सुविधा है जो ग्राहक के बैंक अकाउंट के हिस्ट्री के आधार पर दी जाती है। बैंक अकाउंट हिस्ट्री कहने का अर्थ है कि किसी ग्राहक के बैंक अकाउंट 10 लाख रुपये है। उस ग्राहक द्वारा हर महीने अपने अकाउंट से लेनदेन होता रहता है। तो वह चाहे तो बैंक में फ्लेक्सी लोन के लिए आवेदन कर सकता है।

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बैंक द्वारा उक्त ग्राहक को एक कैश लिमिट दी जाएगी। उस कैश लिमिट के अनुसार ग्राहक जब चाहे तब अपने बैंक अकाउंट से धन निकाल सकता है। ग्राहक अपने बैंक अकाउंट से धन तब भी निकाल सकता है, जब उसके बैंक खाते में उसके द्वारा जमा किया धन न रहे। ग्राहक को बैंक द्वारा कैश लिमिट दी जाती है उस कैश लिमिट के अनुसार ग्राहक धन निकाल सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ग्राहक के द्वारा निकाले गये धन पर ब्याज दर चार्ज किया जाता है।

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माना किसी ग्राहक को फ्लेक्सी लोन के तौर पर 10 लाख रुपये की कैश लिमिट प्राप्त हुई है। लेकिन, ग्राहक अपनी आवश्यकतानुसार सिर्फ 5 लाख रुपये ही निकालता है तो ग्राहक को उसके द्वारा निकाले गये सिर्फ 5 लाख रुपये पर ही ब्याज दर का भुगतान करना होगा।

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फ्लेक्सी लोन को हम सरल भाषा में पैसा उधार लेने का नया तरीका भी कह सकते हैं। फ्लेक्सी लोन अधिकतर ग्राहकों के बैंक खातों पर पहले से ही मंजूर होता है। खास बात यह है कि ग्राहक फ्लेक्सी लोन का भुगतान समयावधि से पहले भी कर सकता है।

इसी के साथ ग्राहक को यह भी सुविधा मिलती है कि वह चाहे तो फ्लेक्सी लोन को EMI के रुप में भुगतान कर सकता है। EMI के तौर पर भी ग्राहक चाहे तो पहले वर्ष में लोन पर लागू ब्याज दर की रकम ही EMI के तौर पर जमा करे और दूसरे वर्ष से लोन + ब्याज दर की EMI एक साथ जमा करे।

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फ्लेक्सी लोन सैलरी पर्सन के लिए पर्सनल लोन के तौर पर मिलता है। कारोबारियों को बिजनेस लोन के तौर पर मिलता है। प्रोफेशनल्स और बड़े उद्योगपतियों को कार्पोरेट फ्लेक्सी लोन के तौर प्रदान किया जाता है। फ्लेक्सी लोन की तमाम सुविद्धाओं के साथ इस बात का उल्लेख किया जाता आवश्यक है कि फ्लेक्सी लोन पर टर्म लोन की अपेक्षा अधिक ब्याज दर लागू की जाती है।

टर्म लोन क्या है? – व्हाट इज ए टर्म लोन?

जैसा कि नाम में ही टर्म लगा है। टर्म अंग्रेजी भाषा का शब्द है। टर्म शब्द का हिन्दी में अर्थ समयावधि होता है। इस तरह देखें तो टर्म लोन का मतलब निश्चित समयावधि के लिए उधार ली गई धनराशि होता है। मतलब एक निश्चित समय के भीतर वापस लौटने के अनुबंध पर ली गई रकम टर्म लोन कहलाती है। टर्म लोन प्रमुख रुप से दो प्रकार का होता है:

  1. सिक्योर्ड लोन (प्रॉपर्टी गिरवी रखकर लिया जाने वाला लोन)
  2. अनसिक्योर्ड लोन (बिना कुछ गिरवी रखे लिया जाने वाला लोन)
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सिक्योर्ड लोन के बारें में जानिए

जैसा कि आप पढ़ सकते हैं कि इस लोन में सिक्योर्ड शब्द लगा हुआ है। सिक्योर्ड अंग्रेजी भाषा का शब्द है। सिक्योर्ड शब्द का अर्थ सुरक्षित होता है। मतलब जो लोन सुरक्षित होता है उसे सिक्योर्ड लोन कहते हैं। लेकिन यह किसके लिए सुरक्षित होता है? यह लोन उनके लिए सुरक्षित होता है, जो बैंक या एनबीएफसी लोन प्रदान करते हैं।

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मतलब जब कोई बैंक या एनबीएफसी लोन देने से पहले लोन की रकम के बराबर कोई प्रॉपर्टी अपने पास गिरवी रखती है तो उसे सियोर्ड लोन कहते हैं। जब सिक्योर्ड लोन लेने वाला ग्राहक किसी कारणवश लोन चुका नहीं पाता है तो लोन देने वाला बैंक या एनबीएफसी कंपनी उस लोन के बदले अपने पास गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी को बेचकर लोन के तौर दिया गया धन वसूल करती है।

सिक्योर्ड लोन की खास बात यह है कि इस प्रकार के लोन की समयावधि अधिक होती है। मतलब सिक्योर्ड की धनराशि का भुगतान करने के लिए अधिक समय मिलता है। सिक्योर्ड लोन मुख्यतः होम लोन, कार लोन, आभूषण लोन, अन्य कोई प्रॉपर्टी लोन होता है।

अनसिक्योर्ड लोन यानी बिना कुछ गिरवी रखे लोन के बारें में जानिए

लोन का यह प्रकार छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों के लिए बहुत शानदार लोन का विकल्प होता है। क्योंकि इस तरह का लोन प्राप्त करने के लिए कोई प्रॉपर्टी गिरवी नहीं रखना होता है। बिना कुछ गिरवी रखे लोन बैंक खाते के ट्रांजेक्शन और वित्तीय वर्ष फाइल की आईटीआर के फॉर्म 16 के आधार पर ही प्राप्त हो जाता है।

अनसिक्योर्ड लोन में प्रमुख रुप से बिजनेस लोन और पर्सनल लोन आता है। चूंकि छोटे कारोबारियों के पास इतनी प्रॉपर्टी नहीं होती है कि वह अपनी प्रॉपर्टी गिरवी रखकर अपने बिजनेस का विस्तार कर सकें, तो उनके लिए बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन एक तरह का वरदान होता है। क्योंकि, वह बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन का लाभ उठाकर अपने बिजनेस का अपने मनमुताबिक विस्तार कर सकते हैं।

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फ्लेक्सी लोन और टर्म लोन में से बेहतर लोन कौन सा लोन है?

जैसा कि इस आर्टिकल में फ्लेक्सी लोन और टर्म लोन दोनों के ही संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। दोनों लोन अपने – अपने हिसाब से बेहतर होता है। जिनका हर रोज धन का लेनदेन होता है उनके लिए फ्लेक्सी लोन बेहतर विकल्प है। जिन लोगों को घर या कार खरीदना होता है, उनके लिए सिक्योर्ड टर्म लोन बेहतर विकल्प होता है। वहीं एमएसएमई यानी छोटे और मध्यम श्रेणी के कारोबारियों के लिए बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन बेहतरीन विकल्प होता है।

ZipLoan से मिलता है आसान पात्रता पर बिजनेस लोन

देश की प्रमुख नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) ZipLoan द्वारा एमएसएमई यानी छोटे और मध्यम श्रेणी के कारोबारियों को 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जता है। ZipLoan द्वारा मिलने वाले बिजनेस लोन की पात्रता निम्नलिखित है:

  • बिजनेस दो साल से अधिक पुराना होना चाहिए।
  • कारोबार का सालाना टर्नओवर 10 लाख रुपये से अधिक का होना चाहिए।
  • बिजनेस के लिए आईटीआर फाइल होना चाहिए। पिछले वित्तीय वर्ष में डेढ़ लाख रुपये से अधिक की आईटीआर फाइल होना चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद कारोबारी के नाम या कारोबारी के किसी ब्लड रिलेटिव के नाम पर होना चाहिए।

ZipLoan से बिजनेस लोन प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित कागजातों की आवश्यकता होती है:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पिछले 9 महीने की बैंक स्टेटमेंट
  • पिछले वित्तीय वर्ष में फाइल की गई आईटीआर की कॉपी
  • घर या बिजनेस की जगह में से किसी एक के मालिकाना हक का प्रूफ। मालिकाना प्रूफ खुद कारोबारी के नाम हो या कारोबारी के किसी ब्लड रिलेटिव के नाम होगा तो भी मान्य किया जाता है।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने का प्रमुख लाभ

  • बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन* में मिल जाता है।
  • कोई प्रॉपर्टी गिरवी नहीं रखना होता है।
  • बिजनेस लोन 6 महीने बाद प्री पेमेंट चार्जेस फ्री होता है।
  • 9 EMI का भुगतान तय समय पर करने वाले ग्राहकों को टॉप-अप लोन की सुविधा दी जाती है।

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