कारोबार में लोन का लिया जाना और लोन को चुकाया जाना लगा रहता है। बिना बिजनेस लोन के कोई भी बिजनेस का संचालन नहीं किया जाता है। हालांकि कई बार कारोबारियों को लगता है कि उन्हें दोबारा से बिजनेस लोन लेने की आवश्यकता है। बिजनेस में ऐसा होना स्वाभाविक भी है। क्योंकि बिजनेस में एक तरफ से पैसा आता है तो दूसरे तरफ से चला भी जाता है।

किसी भी बिजनेस में तमाम तरह का खर्च होता है। वर्किंग कैपिटल को मैनेज करना होता है। इन सभी में फंड का होना अनिवार्य होता है। तो अगर किसी कारोबारी को दोबारा से फाइनेंस कराना हो तो जरुर कराना चाहिए। लेकिन, इन 5 बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  1. आपका सिबिल स्कोर दोबार लोन लेने की इजाजत देता है या नहीं?
  2. ब्याज दर फिक्स्ड या वेरिएबल है?
  3. लोन की रकम का उपयोग किस कार्य के लिए होना है?
  4. आपकी लोन वापस करने की कैपेसिटी कितनी है?
  5. लोन प्री-पेमेंट चार्जेस फ्री है या नहीं है?

आपका सिबिल स्कोर दोबार लोन लेने की इजाजत देता है या नहीं?

लोन का और सिबिल स्कोर का नाता साथ – साथ चलता है। अगर आपने पहले से ही बिजनेस लोन या किसी प्रकार का कोई लोन लिया होगा, तो आपका सिबिल हिट हुआ होगा। अगर आपके द्वारा अपने पिछले या वर्तमान लोन की एक भी ईएमआई देर से जमा की गई होगी, इसका असर आपके सिबिल स्कोर पर पड़ा होगा। इसलिए, सिबिल स्कोर प्रभावित हुआ होगा।

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इस कंडिशन में दोबारा से लोन के लिए आवेदन करना ठीक नहीं होता है। क्योंकि फिर सिबिल हिट होगा और एक बार फिर से सिबिल स्कोर प्रभावित होगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप लोन के लिए आवेदन ही नहीं करें। इस कंडीशन में आपके लिए यह बेहतर होगा कि आप किसी एनबीएफसी से बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें और आपने बिजनेस का संचालन सफलतापूर्वक करते रहें।

ब्याज दर फिक्स्ड या वेरिएबल है?

लोन लेते वक्त जो सबसे अधिक जिस बारें में तिखार करना चाहिए, वह है लोन की ब्याज दर। क्योंकि ब्याज दर से ही यह तय होता है कि लोन की कितनी रकम चुकाना होगा। ब्याज दर दो तरह की होती है- फिक्स्ड और वेरिएबल।

फिक्स्ड ब्याज दर वाले बिजनेस लोन के मामले में लोन की पूरे समय तक ब्याज दर एक ही रहती हैं। वेरिएबल ब्याज दरों वाले बिजनेस लोन में ब्याज दर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) से जुड़ी होती हैं और इनमें बदलाव होता रहता है।

इसे भी जानिएः बिज़नेस लोन पर ब्याज़ की गणना कैसे की जाती है?

अगर आप जानते हैं कि आप लोन को बहुत जल्द ही चुका देंगे तो आपके लिए फिक्स्ड ब्याज दर पर बिजनेस लोन ठीक रहेगा। वहीं, आप लोन को पूरे टेन्योर में वापस करने का मन बनाए हैं तो आपके लिए वेरिएबल ब्याज दर पर बिजनेस लोन ठीक रहेगा।

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लोन की रकम का उपयोग किस कार्य के लिए होना है?

बिजनेस लोन पर ब्याज दर लागू होता है। जिसके चलते लोन का मूल्य बढ़ जाता है और मूलधन के साथ ब्याज भी चुकाना होता है। इसलिए बिजनेस लोन फिर से लेने से पहले यह तय कर लेना अनिवार्य है कि बिजनेस लोन के तौर पर मिली रकम का उपयोग किस कार्य के लिए किया जाता है।

बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें

बेहतर होगा कि आप एक प्लान तैयार करें। उस प्लान में यह तय करें कि आपको बिजनेस लोन के रुप में मिली रकम का उपयोग किस – किस कार्य के लिए करना है। इससे यह होगा कि आपके बिजनेस लोन धनराशि का दुरुप्रयोग नहीं होगा।

आपकी लोन वापस करने की कैपेसिटी कितनी है?

जितना लोन वापस चुकाने की कैपेसिटी हो, उसी के अनुसार बिजनेस लोन लेना चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि कारोबारी लेने को तो अधिक अमाउंट का बिजनेस लोन ले लेते हैं लेकिन उन्हें लोन की ईएमआई भरने में कई तरफ की दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है।

इसे भी जानिएः बिज़नेस लोन आसानी से कैसे प्राप्त करें?

इसलिए, बिजनेस लोन के लिए आवेदन करने से पहले इस बात की तस्दीक करें कि आपके पास इनकम का सोर्स कितना है और महिने में कितनी रकम खर्च हो जाती है। इनकम में से खर्च की रकम घटा देने के बाद जो रकम बचती है, उसी के हिसाब से लोन लेना चाहिए। ताकि बिजनेस लोन की EMI का भुगतान आसानी से हो सके।

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लोन प्री-पेमेंट चार्जेस फ्री है या नहीं है?                            

अगर आप बिजनेस लोन को उसके तय समय से पहले चुका सकते हैं। तो आपको बाकि बचे लोन पिरीयड के लिए ब्याज नहीं देना होता है। सिर्फ मूलधन का भुगतान करना होता है। यह सुविधा तब मिलती है, जब आपका बिजनेस लोन प्री-पेमेंट चार्जेस फ्री होता है।

बिजनेस लोन लेते वक्त अधिकतर कारोबारी को यह अंदाजा नहीं होता कि वे समय से पहले लोन चुका सकते हैं या नहीं। सच यह है कि 50 फीसदी से अधिक लोग इस संभावना की तलाश लोन की अवधि के बीच में ही करते हैं।

इसे भी जानिएः कार्यशील पूंजी लोन और बिज़नेस टर्म लोन के बीच क्या अंतर है?

आप यह ध्यान रखें कि आप बिजनेस लोन को समय से पहले चुकाने से संबंधित सभी नियम एवं शर्त को ध्यान से पढ़ लिजिए। अगर बिजनेस लोनो समय से पहले चुकाने में कोई चार्ज लग रहा हो तो आप इससे बचें और ऐसे वित्त संस्थान से बिजनेस लोन लिजिए, जहां पर प्री-पेमेंट चार्जेस फ्री बिजनेस लोन मिलता हो। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश की प्रमुख नॉन बैंकिंग फाइनेंशिल कंपनी (एनबीएफसी) ZipLoan से 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, सिर्फ 3 दिन* में मिलता है। ZipLoan से मिलने वाला बिजनेस लोन 6 महिने बाद प्री-पेमेंट चार्जेस फ्री होता है।

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