फाइनेसियल ईयर 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि में बस कुछ ही दिन शेष बचे हैं। इस स्थिति में अभी तक जिन कारोबारियों या नौकरीपेशा लोग आयकर रिटर्न फाइल नहीं कर पाए हैं वह 31 अगस्त तक आईटीआर फाइल कर सकते है

 

आईटीआर फाइल करते वक्त कुछ सावधानियों का विशेष रुप से ध्यान रखना आवश्यक होता हैटैक्स बचाने के लिए किसी भी तरह की फर्जी रसीद या ऐसा कोई दस्तावेज़ नहीं दिखाना चाहिए जिससे जब वेरिफिकेशन हो तो मुश्किलों का सामना करना पड़े। कई लोग ऐसा करते रहे हैं, लेकिन अब सभी आयकर दाताओं को ऐसा करने पर नुकसान उठाना पड़ेगा।

Table of Contents

इनकम टैक्स रिटर्न 2019: सबसे अधिक फर्जी रसीदों का मामला

कई बार ऐसा होता है की लोग इनकम डिपार्टमेंट के अधिकारियों को कम समझदार समझने की भूल करते है। बहुत सारी ऐसी रसीदें जमा कर देते हैं, जो हाथ से लिखी गई होती है। ऐसा 2019 से पहले खूब होता था। चूंकि इस तरह की रसीदों का वेरिफिकेशन करना जरा कठिन होता है इसलिए लोगों इसका जमकर फायदा उठाए, लेकिन वर्ष 2019-20 से इनकम डिपार्टमेंट ऐसी रसीदों पर जरा सख्ती करने जा रहा है। यदि जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो विभाग नोटिस जारी करेगा।

इस तरह की रसीदों पर रहेगी इनकम टैक्स विभाग की नजर

  • मकान के किराए की रसीद
  • बच्चों की पढ़ाई की रसीद
  • होटल इत्यादि की फर्जी बिल
  • मकान बनवाने की फर्जी रसीद

इनकम टैक्स रिटर्न 2019: मकान के किराए की रसीद

मकान के किराए की बिल में सबसे अधिक इस बात का फायदा उठाया जाता है की- एक लाख रुपये तक सालाना किराया वाले मकान पर मकान मालिक को पैन कार्ड की डिटेल नहीं देना होता है। लेकिन, अब इस नियम में भी बदलाव कर दिया गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस बार नए संशोधित रिटर्न फार्म को इस तरह से बनाया है कि गलत दस्तावेज लगाने वाले तुरंत पकड़ में आ जाएंगे।

नहीं दे पाएंगे पेट्रोल की हाथ लिखी पर्ची

बहुत से लोग ऐसे लोग ऐसे होते हैं जिनको पेट्रोल और डीजल के लिए सरकार के तरफ से या कंपनी की तरफ से भत्ता मिलता है। अधिकतर लोग ऐसा करते हैं की पेट्रोल/ डीजल अपने हिसाब से लेकर उसकी पर्ची हाथ से ही बना लेते हैं ताकि क्लेम अपने हिसाब से किया जा सके। अब नियम बदल गया है।

अब पेट्रोल/डीजल की पर्ची केवल वही मान्य होगी जो मशीन से निकली होगी। ऐसे में आप पेट्रोल पंप की हाथ लिखी रसीद को नहीं दे सकते हैं। ऐसे में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त केवल प्रिंटेड रसीद ही मान्य होगी, जो मशीन से निकलती है।

बच्चों की पढ़ाई के फीस की रसीद

बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च पर इनकम टैक्स में छूट मिलती है। इस व्यवस्था में बच्चों की पढ़ाई में लगने वाली फीस की रसीद दिखा कर इनकम टैक्स में छूट का क्लेम किया जाता है। अकसर ही ऐसा होता है की लोग बच्चों की फीस कुछ और होती है।

लेकिन, लोग अपने हाथ से फीस कुछ और बनाकर इनकम टैक्स छूट का लाभ ले लेते हैं। लेकिन अब यह नहीं चल पायेगा। अब हाथ से लिखी हुई पर्ची या रसीद से आप मुश्किल में फंस सकते हैं। फॉर्म 16 में इसकी गलत जानकारी देने पर विभाग आप पर जुर्माना लगा सकता है।

 

इनकम टैक्स रिटर्न 2019: होटल इत्यादि की फर्जी बिल से हो जाएगी दिक्कत

बहुत सारे ऐसे लोग होते है जिनको नौकरी की जरूरत के अनुसार यात्रा करना होता है। ऐसे लोगो को कंपनी या सरकार की तरफ से एलटीसीजी का लाभ मिलता है। ऐसे में कई बार लोग एलटीसीजी का अधिक लाभ लेने के लिए और टैक्स से बचने के लिए हाथ से ही होटल या खाने की बिल बनाकर पेश कर देते हैं। लेकिन अब यह संभव नहीं होगा। ऐसा करने से फंसने के चांसेज अधिक हो गया है। अब इनकम टैक्स विभाग को अगर किसी तरह की कोई गड़बड़ी दिखी, तो वह आपको नोटिस भेज सकता है।

मकान बनवाने की फर्जी रसीद से जारी हो जायेगा नोटिस

मकान बनवाने पर भी इनकम टैक्स में छूट मिलती है। मकान बनवाने में लगने वाले सीमेंट, ईंट या सरिया इत्यादि के बिल को लोग अपने हिसाब से बनाकर दिखा देते है जिससे टैक्स छूट से लाभ मिल जाता है, लेकिन अब संभव नहीं होगा। अब सभी रसीदें कम्प्यूटर से निकली ही मान्य होंगी।

 

फॉर्म 26AS क्या है और ITR फाइल करने में कैसे करता है मदद?

 

इनकम टैक्स फाइल करना क्यों है जरूरी

भारत जैसे विशाल भूभाग और बड़ी जनसंख्या वाले देश में सभी लोगों की सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में सरकार जनता से टैक्स के रुप में ली जाने वाली रकम से ही सार्वजनिक सुविधाएं प्रदान करती है। दूसरी तरफ पब्लिक को टैक्स भरने से अपना अलग फायदा है। इनकम टैक्स भरने से आपको ने केवल अपना बिजनेस बढ़ाने में मदद मिलती है, बल्कि आपको बिजनेस लोन भी आसानी से मिल जाता है। इतना ही नहीं, आपको जीवन बीमा लेने में और प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने में भी  आसानी हो जाती है।

 

जानिए कैसे है इनकम टैक्स बचाना है आसान

 

इनकम टैक्स रिटर्न से आसानी से मिलता है बिजनेस लोन

बिजनेस लोन देने वाली कंपनी लोन देने से पहले यह देखती हैं की लोन की मांग करने वाले व्यक्ति का इनकम कितना है? इनकम का सोर्स क्या है? ऐसे में आपके द्वारा फाइल किया गया इनकम टैक्स रिटर्न काम आ सकता है। इनकम टैक्स रिटर्न से आपकी आमदनी वैलिड होती है। ऐसे बहुत से वित्तीय संस्था हैं जो आपकी आईटीआर में दी गई जानकारी के आधार पर ही लोन देती हैं। इसलिए बिजनेस लोन लेने में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना बहुत सहायक हो सकता है।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि है 31 अगस्त

आयकर भरने की पहले अंतिम तिथि 31 जुलाई थी। टैक्स फाइलर्स एसोसिएशन के निवेदन पर ITR फाइल करने ई अंतिम तिथि में बदलाव करते इसे 31 अगस्त कर सिया गया है।

31 अगस्त के बाद लगेगा इतना जुर्माना

ITR फाइल करने की अंतिम तिथि के बाद आईटीआर फाइल करने पर जुर्माना लगेगा। 31 अगस्त 2019 के बाद लेकिन 31 दिसंबर 2019 से पहले आईटीआर फाइल करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं एक जनवरी से 31 मार्च 2020 तक आईटीआर फाइल करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।

आपको यह लेख पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें। बिजनेस से जुड़ी कोई भी नई अपडेट या जानकारी पाने के लिए हमसे फेसबुकट्वीटर और लिंक्डन पर भी जुड़े।