बिजनेस में लाभ पाने के लिए कारोबारी दिपावली में लक्ष्मी जी की आराधना करते है. दिवाली यानी दिपावली का मौका हर भारतीय के लिए खास होता है। भारत के साथ- साथ विदेशों में बसे भारतीयों के यहां भी दिवाली हर्ष और उल्लास के साथ मनाई जाती है।

दिपावली एक ऐसा त्‍यौहार है, जिसमे लोग लक्ष्मी- गणेश भगवान की पूजा करते है। लक्ष्मी गणेश की मूर्ति स्थापित करते है। जो कारोबारी होते हैं वह अपने बिजनेस की जगह पर लक्ष्मी- गणेश की पूजा करते है; यह माना जाता है कि दिवाली के मौके पर की गई लक्ष्मी- गणेश की आराधना से कारोबार में उन्नति होती है।

बिजनेस में लाभ होता है और घर- परिवार में समृधि आती है। आगे बढ़ने से पहले दिवाली की मान्यताओं और ऐतिहासिकता की बात जान लेते है।

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दिवाली 2020: विभिन्न मान्यताएं समेटें ऐतिहासिक त्‍यौहार

यह प्रकाश यानी उजाला का उत्सव है। दिवाली यानी दिपावली मूल रुप से प्रकाश पर्व के रुप में मनाया जाता है। दिवाली के मूल में है- असत्य पर सत्य की जीत और आध्‍यात्मिक अज्ञान को दूर कर ज्ञान मार्ग को प्रशस्त करना।

दिपावली शब्द का शाब्दिक अर्थ है- दीपों की पंक्तियां (मिट्टी के दीप)। यह त्योहार भगवान राम के 14 वर्ष वनवास से वापस अयोध्या लौटने की स्मृति यानी याद में मनाया जाता है।

जिस प्रकार जब भगवान श्रीराम 14 वर्ष बाद घर लौटे तो अयोध्या वासी ख़ुशी के मारे विभिन्न तरह की दीप जलाएं, उत्सव मनाएं, घर में अच्छा पकवान बनाएं नए वस्त्र धारण किये श्रीराम की स्तुति गान किये। इस स्वागत से भगवान श्रीराम खुश होकर उन्हें हीरे- मोती, जवाहरात इत्यादि के आभूषण उपहार स्वरूप दिए।

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दिवाली को – प्रकाश पर्व व आतिशबाजी, खुशी व आनन्‍दोत्‍सव दैव शक्तियों की बुराई पर विजय की सूचक है। भगवती लक्ष्मी जो कि धन और समृद्धि की प्रतीक हैं, उन्हीं की इस दिन पूजा की जाती है। पश्चिमी बंगाल में यह त्‍यौहार काली पूजा के रूप में मनाया जाता है।

बिजनेस में लाभ: दिवाली के मौके पर बाजार में हो जाती है रौनक

हर साल दिवाली कार्तिक के 15वें दिन (अक्तूबर/ नवंबर) महीने में पड़ती है। दीपावली 2020 में 14 नवंबर  को है । प्राचीन चली आ रही मान्यताओं के अनुसार लोग इस मौके पर ढेर सारी खरीदारी करते है।

दिवाली से  पहले पड़ने वाले धनतेरस के मौके पर बाजार हर तरफ और हर तरह से सज जाता है। कारोबारियों को इस मौके पर बिजनेस में लाभ भरपूर होता है। आइए समझते हैं कि किन- किन सेक्टर के कारोबारियों को दिवाली पर हो सकता है बिजनेस में लाभ।

बिजनेस में लाभ: स्टील प्रोडक्ट के आइटम में

शुभ दीपावली में अगर सबसे अधिक प्रोडक्ट बिकता है तो वह स्टील के प्रोडक्ट। स्टील के बर्तन की मांग दिपावली में सबसे अधिक रहती है। लोग साल भर से धनतेरस का इंतजार करते है कि कब धनतेरस आये और वह जरूरी बर्तन वगैरह खरीदें। धनतेरस की यह भी मान्यता होती है कि इस दिन खरीद करने से धन में बढ़ोतरी होती है। लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं।

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क्या करना चाहिए स्टील कारोबारियों को? 

शुभ दीपावली फेस्टिवल नजदीक आते ही अपने दुकान में लोगों की जरूरत का सामान स्टॉक कर लेना चाहिए। इससे जो भी ग्राहक आएगा उसको दुकान देखने में अच्छी लगेगी। ग्राहक के मनमुताबिक प्रोडक्ट मिलेगा तो आपका मुनाफा होगा।

बिजनेस में लाभ: प्लास्टिक प्रोडक्ट के दुकानदार

दिवाली के मौके पर प्लास्टिक के प्रोडक्ट की मांग में भी जबरदस्त इजाफा होता है। लोग अपने घर के लिए तरह- तरह की सजावटी चीजों को खरीदते है। गिफ्ट देने के लिए सामान खरीदते है।

ऐसे में प्लास्टिक प्रोडक्ट की बिक्री करने वाले दुकानदारों/कारोबारियों को दिपावली नजदीक आते ही अपने यहां जरूरी सामान स्टॉक कर लेना चाहिए। प्लास्टिक के बिजनेस की एक बड़ी खासियत यह भी होती है कि इसमें लागत कम लगती है और मुनाफा अधिक होता है।

दिवाली के मौके पर प्लास्टिक प्रोडक्ट में सजावटी लाइट्स की भी मांग में बहुत बढ़ोतरी हो जाती है। अगर किसी कारोबारी का प्लास्टिक के प्रोडक्ट का बिजनेस है तो वह अपने चलते हुए बिजनेस के साथ ही सजावटी लाइट्स इत्यादि का बिजनेस कर सकते है।

बिजनेस में लाभ: ऑटोमोबाइल पार्ट्स विक्रेता

लगभग हर साल ही यह देखने को मिलता है कि धनतेरस पर रिकार्ड वाहनों की बिक्री हुई है। जब भी वाहनों की बिक्री बढ़ती है तब उसमे मोडिफाइड पार्ट्स लगाने का काम ऑटोमोबाइल पार्ट्स विक्रेता करते हैं।

इस स्थिति में पार्ट्स विक्रेताओं को चाहिए कि वह अपने यहां एक्स्ट्रा पार्ट्स रखे ताकि अचानक बढ़ी मांग को पूरा किया जा सके।

व्यवसायी इन सभी बिजनेस के जरिए दीपावली के मौके पर बेहतरीन आमदनी कर सकते हैं। दिवाली पर होने वाले अन्य बिजनेस भी हैं जिनमें अच्छी इनकम होती है लेकिन यह बिजनेस सीजनल होते है। इन बिजनेस में शामिल है:

  • पटाखा
  • चॉकलेटस्वीट्स गिफ्ट पैक
  • ड्राई फ्रूट डेकोरेटिव पैक
  • दीये, मूर्तियां, डेकोरेटिव कैंडल्स और सजावटी सामान

यह प्रोडक्ट सीजनल होते जरूर हैं लेकिन इसमें मुनाफा अधिक होता है। इन प्रोडक्ट के साथ एक चुनौती यह भी होती है कि इनको इक्कठा खरीदना पड़ता है। थोक माल खरीदने के लिए एकमुश्त रकम की जरूरत पड़ती है। यह जरूरी नहीं कि सभी कारोबारियों के पास एकमुश्त धन हो, हो सकता कि कुछ कारोबारियों के पास रकम न हो। ऐसे में जिन कारोबारियों के पास पर्याप्त धन न हो, वे बिजनेस लोन की सहायता ले सकते है।

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अगर आपका पहले से ही कोई बिजनेस चल रहा हो तो भी आप दिवाली के अवसर इन बिजनेस में से कोई एक शुरु कर सकते हैं। अगर पैसों की कमी आपके बिजनेस विस्तार के सपने में बाधक बने तो आप ZipLoan से बिजनेस लोन ले सकते है। ‘ZipLoan’ फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है।

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