दीवाली इंडिया का सबसे बड़ा त्योहार है और कारोबारियों के लिए तो दीवाली से बड़ा कोई त्योहार नहीं होता। ऐसे में हर कारोबारी चाहता है, कि वह दीवाली में अपना बिजनेस का विस्तार करके अपना मुनाफा भी बढ़ा सके। जिसके लिए उसे पैसों की आवश्यकता होती है और वह बिजनेस लोन की तलाश करता है। मगर सबसे बड़ी समस्या होती है कि वह जल्दबाजी में बिजनेस लोन लेने के चक्कर में कुछ गलतियां कर बैठता है। जिसकी वजह से उसे बाद में पछताना पड़ता है।

बिजनेस लोन

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एक बार में ज्यादा बड़ा बिजनेस लोन ना लें-

बिजनेस की ग्रोथ के लिए बिजनेस लोन अच्छा होता है, लेकिन कोशिश करिए कि एक ही बार में ज्यादा अमाउंट का बिजनेस लोन ना लीजिए। इसके पीछे का कारण है कि अगर आप एक बार में ज्यादा धनराशि का लोन ले लेगें और अगर आपकी सेल उसके हिसाब से नहीं हो पाई, तो लोन चुकाने में आपको परेशानी होगी। जरूरत के मुताबिक ही लोन लें, इसके पहले यह सुनिश्चित कर लें कि कितना लोन आप समय पर चुकता कर पाएंगे। लोन के लिए आवेदन जमा करने से पहले इस बारे में जांच-परख कर लें। इसीलिए बिजनेस की ग्रोथ के लिए छोटे बिजनेस लोन लीजिए।

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बिजनेस लोन

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ब्याज दरें जरूर जान लें-

लोन लेते सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक होती है, उस लोन की ब्याज दरें। ब्याज दरें 2 प्रकार की होती हैं-

  1. फिक्स्ड
  2. वेरिएबल

फिक्स्ड ब्याज दर वाले लोन के मामले में कर्ज की पूरी अवधि तक ब्याज दरें एक ही रहती हैं। जबकि वेरिएबल ब्याज दरों वाले लोन में इंटरेस्ट रेट्स मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) से जुड़ी होती हैं और इनमें बदलाव होता रहता है।

मौजूदा वक्त में ब्याज की कम दरों के माहौल को देखते हुए वेरिएबल रेट्स में फायदा आपको तब होता है, जब ब्याज दरें और कम हो जायें। तो ऐसे में जब आप देख रहे हों कि ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका है, तो आपको तुरंत फिक्स्ड ब्याज दर वाले रेट में शिफ्ट हो जाना चाहिए। फिक्स्ड टू वेरिएबल रिजीम में शिफ्ट होना इतना आसान नहीं है। इसमें कुछ खर्च जुड़े होते हैं।

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मॉर्गेज लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम

जब भी आप कोई बड़ा लोन लेते हैं, तो उस मामले में आप सबसे बुरी स्थिति की कल्पना करें। अगर लोन लेने वाले व्यक्ति की अचानक मौत हो जाती ,है तो उसके परिवार पर एक बड़ा बोझ आ जायेगा। इस तरह के इंश्योरेंस से आपके परिवार का ना सिर्फ बोझ घटेगा, बल्कि लोन की बाकी रकम भी बीमा कंपनी चुका देगी। इससे आपके परिवार का भविष्य सुरक्षित बन सकेगा। इसे आप एक बोझ की तरह नहीं बल्कि मदद की तरह लें। ZipLoan से बिजनेस लोन लेते वक्त आप इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

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बिजनेस लोन

प्री-पेमेंट के क्या चार्जेज हैं-

बिजनेस लोन लेते वक्त आपको पैसों की जरूरत रहती है, जिसके कारण लोन लेना पड़ता है। लेकिन बाद में प्रॉफिट होने के बाद अगर आप लोन को चुकाने चाहे, तो प्री-पेमेंट में कोई चार्जेज तो नहीं हैं। यह बात आपको लोल लेते वक्त ध्यान रखनी है। आप किसी लोन को उसकी तय अवधि से पहले चुका सकते हैं। पार्ट पेमेंट के मामले में आप लोन की बकाया रकम का एक हिस्सा चुकाते हैं।

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लोन लेते वक्त अधिकतर कारोबारी को यह अंदाजा नहीं होता कि वे समय से पहले लोन चुका सकते हैं या नहीं। सच यह है कि 50 फीसदी से अधिक लोग इस संभावना की तलाश लोन की अवधि के बीच में ही करते हैं। आप यह ध्यान रखें कि आप लोन को समय से पहले चुकाने से संबंधित सभी नियम एवं शर्त से अवगत रहें। अगर लोन समय से पहले चुकाने में कोई चार्ज लग रहा हो, तो आप इससे बचने के रास्ते निकाल लें। कुछ लोन में एक साल से पहले इसके पार्ट या प्री पेमेंट की इजाजत नहीं होती। ZipLoan आपको बिजनेस लोन की प्री-पेमेंट में किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लेता है।

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