Digital Signature Certificate के आने के बाद से बिजनेस करना काफी आसान हो गया है। इसका इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस में बहुत बड़ा योगदान है। सीधे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि एक बिजनेस चलाने के लिए जो बहुत सारे सरकारी और गैर सरकारी काम करने पड़ते थे उनमे से अधिकतर कामों Ease Of Doing Business के चलते ऑनलाइन कर दिया गया है। बचे कामों को भी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी है। इन्ही महत्वपूर्ण ऑनलाइन कार्यों में से एक Digital Signature Certificate (DSC) है। क्योंकि बिजनेस का मालिक तो हर जगह, हर ऑफिस में पहुंच नहीं सकता, तो काम करवाने के लिए जो व्यक्ति अधिकृत होता है उसको अपनी कंपनी के पहचान के लिए Digital Signature Certificate (DSC) की आवश्यकता होती है। आइए जानते है की DSC क्या है, इसका उपयोग क्या है और यह कैसे प्राप्त किया जा सकता है?

क्या होता है Digital Signature Certificate

Digital Signature यानी डिजिटल दस्खत है जो कंपनी या व्यक्ति की पहचान प्रमाणित करता है। जिस तरह से व्यक्ति सामने दस्खत करता है ठीक उसी तरह Digital Signature भी काम करता है। बस फर्क इतना है की यह इसे इंटरनेट द्वारा भेजे जाने वाले डॉक्युमेंट्स में उपयोग किया जाता है। यह सर्टिफिकेट एक इलेक्ट्रानिक क्रेडिट कार्ड की तरह है, जो बिजनेस करते समय या वेब पर कोई भी ट्रांजेक्शन करते हुए उपयोगकर्ता ई पहचान को स्थापित करता है। इस सिग्नेचर के साथ भेजे गए डॉक्युमेंट से भेजने वाला कभी इनकार नहीं कर सकता। यह साइन यह सुनिश्चित भी करता है कि अगर कोई डॉक्युमेंट एक बार डिजिटली साइन हो गया तो फिर उसमें कोई रद्दोबदल या छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।

किस – किस काम में उपयोग किया जाता है?

वर्तमान में DSC का उपयोग कंपनी की रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में, ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग करने में, E-Tendering, DIN लेने, EPFO के लिए ऑनलाइन रजिस्टर्ड करने एवं विभन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने के साथ ही ईमेल भेजने और रिसीव करने, इंटरनेट आधारित कोई भी लेन-देन सुरक्षित करने के लिए के लिए इसकी जरूरत होती है। एम.एस.वर्ड, एम.एस एक्सेल और पीडीएफ डॉक्युमेंट्स को साइन करने के लिए डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग किया जाता है। यह ऑफिस को पेपरलेस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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Digital Signature Certificate के फायदे क्या है?

समय और धन की बचत : DSC प्राप्त लोगों को पेपरों पर फिजिकल हस्ताक्षर नही करना पड़ता बल्कि पीडीएफ फाइल पर ही हस्ताक्षर हो जाता है, इससे पेपर प्रिंट और पेपर पहुंचाने का खर्च बच जाता है।

दस्तावेजों की प्रमाणिकता: DSC उपयोग करने वाले लोग जो दस्तावेज भेजते है उसे प्राप्त करने वाला कभी बदल नही सकता, इससे प्रमाणिकता बनी रहती है।

कितने प्रकार के होते हैं Digital Signature Certificate

भारत में अभी तीन प्रकार के अलग – अलग DSC जारी किए जाते है। तीनों प्रकार के DSC का उद्देश्य एवं उपयोग अलग – अलग होता है। हालांकि Class 0 Certificate केवल Demonstrantion के लिए उपयोग में लाया जाता है, इसी लिए इसे DSC के प्रकारों में शामिल नहीं किया जाता है।

Class 1 DSC

यह किसी भी व्यक्ति को जारी किया जा सकता है। इसका उपयोग उपयोगकर्ता के नाम किसी ईमेल एड्रेस को प्रमाणित करना होता है। यह दस्तावेज को हस्ताक्षरित करने के लिए वैधानिक रूप से सक्षम नहीं है।

Class 2 DSC

इसे Ministry of corporate Affairs, Sales tax एवं इनकम डिपार्टमेंट के ऑनलाइन फॉर्म भरने में उपयोग किया जाता है।

Class 3 DSC

यह सबसे सुरक्षित होता है। इस प्रकार के DSC को Electronic commerce एवं ट्रेडिंग में पहचान स्थापित के उद्देश्य से उपयोग में लाया जाता है। Class 3 DSC के लिए आवेदन करने के लिए व्यक्ति को खुद समक्ष अथॉरिटी के सामने उपस्थित रहना होता है। DSC का यह प्रकार ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन में भी उपयोग में लाया जा सकता है।

DSC की वैधता

सामान्यतया Digital Signature Certificate की वैधता 1 से 2 वर्ष होती है। इसकी वैधता बढ़ाने के लिए समय – समय पर Renew करवाना पड़ता है।

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Digital Signature Certificate किसे चाहिए होता है?

  • कंपनी/संस्थान के डायरेक्टर
  • चार्टर्ड एकाउंटेंट/ऑडिटर
  • कंपनी सचिव
  • बैंको के अधिकारी
  • अन्य अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता

Digital Signature Certificate के लिए अप्लाई कैसे करें

DSC प्राप्त करने के लिए मुख्यत: तीन लाइसेंस्ड सर्टिफाइंग एजेंसियां हैं, जिनके जरिये डिजिटल सिग्नेचर लिए जा सकते हैं।

  • ई-मुद्रा – emudhra.com
  • सिफी – safescrypt.com
  • एनकोड – ncodesolutions.com

तीनों में से किसी भी एक एजेंसी से आप अपना या अपनी कंपनी का डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर DSC ले सकते हैं। इसके अलावा इन लाइसेंस्ड सर्टिफाइंग एजेंसियों की अपनी-अपनी लाइसेंस्ड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी भी होती हैं। वहां से भी आप डिजिटल सर्टिफिकेट ले सकते हैं। या तो आप सीधे ई-मुद्रा, सिफी जैसी लाइसेंस्ड सर्टिफाइंग एजेंसियों से डिजिटल सिग्नेचर ले सकते हैं या myesign.in, digitalsignatureindia.com, digitalsignature.in जैसी उनकी सर्टिफाइंग एजेंसियों के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते है।