लोन के बारे में अधिकतर लोगों की जानकारी बहुत सीमित होती है। अधिकतर लोग सोचते हैं कि लोन का पैसा मिल गया सिर्फ इतना ही काफी है। लेकिन, लोन लेने से पहले इस बात की जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए की जो आपको लोन मिल रहा है वह पर्सनल लोन है या बिजनेस लोन क्योंकि, लोन की प्रकृति पर ही यह तय होता है की लोन पर पर कितनी ब्याज दर लागू होगी और लोन चुकाने के लिए कितना समय मिलेगा। आइये समझते हैं कि पर्सनल लोन क्या होता है और बिजनेस लोन क्या होता है।

बिजनेस लोन क्या होता है ?

जब कोई व्यक्ति कारोबार करने के लिए लोन लेता है तो उसे बिजनेस लोन कहा जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है की व्यक्ति पर्सनल लोन लेकर बिजनेस नहीं कर सकता है। बिल्कुल पर्सनल लोन लेकर बिजनेस कर सकते हैं लेकिन आपको जानकारी के लिए बता दें कि पर्सनल लोन पर किसी प्रकार से टैक्स में छूट नहीं मिलती है। वहीं, बिजनेस लोन पर टैक्स में छूट मिलने का प्रावधान किया गया है। बिजनेस लोन 2 प्रकार का होता है:

  1. सिक्योर्ड बिजनेस लोन (प्रॉपर्टी के पेपर गिरवी रखकर मिलने वाला बिजनेस लोन)
  2. अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन (बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन)

सिक्योर्ड बिजनेस लोन क्या होता

यह अंग्रेजी भाषा का शब्द है। सिक्योर्ड शब्द का हिन्दी में अर्थ सुरक्षित होता है। अगर वित्तीय क्षेत्र में सिक्योर्ड शब्द अर्थ लगाना होता है तो हम उसे गिरवी कहते हैं। इस तरह देखें तो दोनों शब्द के अर्थ को समझने के लिए दोनों शब्दों का अर्थ अलग – अलग करके देखना पड़ता है।

सिक्योर्ड यानी गिरवी (सुरक्षित) लोन। यानी जब कोई बैंक या कंपनी लोन देती है तो लोन की रकम के बदले में बैंक/कंपनी को लोन की रकम के बराबर कुछ गिरवी चाहिए होता है। गिरवी में खेत की जमीन, घर, दुकान, जूलरी, फिक्स्ड डिपोजिट इत्यादि जमा किया जा सकता है।

इस तरह हम कह सकते हैं कि सिक्योर्ड बिजनेस लोन उस लोन को कहते हैं, जिसे प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सिक्योरिटी के रूप में संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है। यह संपत्ति सोना, प्रॉपर्टी और गाड़ी इनमें से कुछ भी हो सकती है।

अभी बिजनेस लोन पाए

आपको जानकारी के लिए बता दूँ कि गिरवी रखने के बदले मिलने वाले बिजनेस लोन पर ब्याज अलग – अलग लागू होता है। ब्याज दर गिरवी रखी गई संपत्ति पर निर्भर करता है। सिक्योर्ड बिजनेस लोन की खास बात यह है कि यह बिजनेस लोन बहुत आसानी से मिल जाता है।

अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन क्या होता है ?

जैसा कि नाम से जी स्पष्ट हो जाता है अनसिक्योर्ड यानी असुरक्षित बिजनेस लोन। अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन पाने के लिए कोई संपत्ति गिरवी नही रखना होता है। भारत में ऐसे बहुत से कारोबारी हैं जो अपना खुद का बिजनेस चला रहे हैं। लेकिन उनकी पूंजी कम है।

See also  छोटे बिजनेस को आगे बढ़ाने में कैसे सहायता कर सकता है बिजनेस लोन? जानिए

कम पूंजी होने के कारण वह अपने बिजनेस का विस्तार नही कर पाते हैं। इन कारोबारियों के पास इतनी संपती नही होती है कि वह उसे गिरवी रखकर सिक्योर्ड बिजनेस लोन ले सकें। ऐसी स्थिति में ये कारोबारी क्या करेंगे?

इन्हीं कारोबारियों के लिए बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफसी) अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन प्रदान करते हैं। कारोबारी को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी रखे दिया जाता है।

पाए बिजनेस लोन

अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन मूलतः बिजनेस के ऊपर दिया जाता है। अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन की शर्तें बहुत आसान होती हैं। शर्तों में मुख्यतः बिजनेस का सालाना टर्नओवर, आईटीआर, बिजनेस का प्रूफ, बिजनेस या घर में से किसी एक के मालिकाना हक़ प्रूफ चाहिए होता है।

इस तरह देखा जाये तो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों (एमएसएमई) के लिए अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन बहुत फायदे का सौदा है। कारोबारी जब चाहे तब अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन लेकर अपने बिजनेस का विस्तार कर सकते हैं।

सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन में से बेहतर कौन?

वर्तमान में हर वक्त टेक्नोलॉजी बदल रही है। उन्नत हो रही है। ऐसे में बदलती टेक्नोलॉजी का प्रभाव मशीनों पर पड़ता है। जब मशीने प्रभावित होती हैं तो कारोबार में उत्पादकता प्रभावित होती है। इसीलिए मशीनों के उपकरण को समय – समय पर बदलते रहना चाहिए।

नई टेक्नोलॉजी युक्त मशीनों को खरीदना भी कारोबार में उत्पादकता बढ़ाने के लिए सहायक है। लेकिन ऐसा नही होता है कि हर कारोबारी के पास नई मशीन खरीदने के लिए या मशीनों का उपकरण बदलने के लिए उपयुक्त धन हो।

ऐसे में कारोबारी यह तो नही कर सकता है कि वह अपना कारोबार ही बंद कर दे। तो इसका विकल्प क्या हो सकता है? इसका विकल्प हो सकता है – बिजनेस लोन। बिजनेस लोन की सहायता से कारोबार में इस्तेमाल होने वाले मशीनों की खरीददारी की जा सकती है। मशीनों के उपकरण बदले जा सकते हैं।

इसे भी जानिए- कमर्शियल लोन क्या है?

बिजनेस में कुछ आवश्यकताएं ऐसी होती हैं कि उनको पूरा करना अनिवार्य होता है। अगर समय पर बिजनेस की जरूरत नही पूरी की गई तो बिजनेस में घाटा होने की संभावना होती है। ऐसी स्थिति में भी बिजनेस लोन सहायक सिद्ध हो सकता है।

अब सवाल यह आता है कि किस तक का बिजनेस लोन लेना सही रहेगा? या किस तरह का बिजनेस लोन लेना चाहिए? कारोबारी अगर सिक्योर्ड बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो उनको लोन की रकम के बराबर संपत्ति गिरवी रखना होता है।

MSME लोन के लिए अप्लाई करें

जरूरी नही है कि कारोबारी के पास इतनी संपत्ति हो कि वह उसे गिरवी रखकर सिक्योर्ड बिजनेस लोन ले सके। ऐसे में कारोबारी के पास अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन लेने का विकल्प होता है। अनसिक्योर्ड बिजनेस कारोबारी को तुरंत बिजनेस लोन मिल जाता है।

इस तरह देखें तो कारोबारी अपने बिजनेस मनमुताबिक विस्तार कर सकता है। वहीं कारोबारी सिर्फ सिक्योर्ड बिजनेस लोन के भरोसे रहता तो वह अपने बिजनेस का विस्तार नहीं कर सकता। अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन कारोबार के लिए सदैव बेहतर होता है।

ZipLoan से मिलता है बहुत आसानी से बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन

गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफसी) क्षेत्र की प्रमुख बिजनेस लोन देने वाली कंपनी ZipLoan है। ZipLoan द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के कारोबारियों को 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जाता है। ZipLoan से मिलने वाला बिजनेस की खास बात यह है कि यहां से बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी रखे मिलता है। 6 महीने बाद प्री पेमेंट चार्जेस फ्री होता है और कम कागजातों पर बिजनेस लोन दिया जाता है। ZipLoan से बिजनेस लोन के लिए जिन कागजातों की जरूरत पड़ती है वह निम्न हैं:

  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • पिछले दो साल का बैंक स्टेटमेंट
  • पिछले साल फाइल की गई आईटीआर की कॉपी
  • घर या बिजनेस की जगह में से किसी एक का मालिकाना प्रूफ (यह ब्लड रिलेटिव यानी माता – पिता, भाई – बहन, पति – पत्नी, पुत्र – पुत्री के नाम पर हो तो भी मान्य किया जाता है)
See also  आत्मनिर्भर भारत अभियान: ऑनलाइन आवेदन लाभ व पात्रता

पर्सनल लोन क्या होता है ?

आए दिन हमें फोन और ईमेल पर आसान और सस्ते पर्सनल लोन के बारे में जानकारियां मिलती रहती हैं। कई बार तो आपके बैंक की तरफ से ही ऐसे ई-मेल या एसएमएस भेजे जाते हैं।

पर्सनल लोन आपातकालीन स्थिति में तुरंत अतिरिक्त पैसा जुटाने का एक अच्छा विकल्प है। मगर यह काफी महंगा है। खास बात यह है कि ऐसे ऑफर को हां कहने की आदत आपको लोन के जाल में फंसा सकती है।

इसलिए पर्सनल लोन लेने से पहले पर्सनल लोन के बारे में  जानकारियां जरूर ले लें। ज्यादा जरूरी होने पर ही ऐसे ऑफर पर विचार करना चाहिए। यहां हम आपको बता रहे हैं कि पर्सनल लोन के बारे में जानकारियां, जिन्हें लोन लेने से पहले जरूर जान लें।

इसे भी जानिए- स्थाई पूंजी और कार्यशील पूंजी में क्या अंतर

पर्सनल लोन लेने से पहले यह जान लें कि क्या वाकई आपको इसकी जरूरत है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस लोन के लिए तभी अप्लाई करें, जब आपके पास कोई अन्य विकल्प नहीं हो। इस लोन के लिए आपको मासिक किस्त चुकानी पड़ती है, जो आपका बजट हिला सकता है।

साथ ही यह जान लेना भी बेहद अहम है कि क्या आप इस लोन की मासिक किस्त का दबाव झेल सकते हैं या नहीं। इसकी वजह यह है कि पर्सनल लोन का बोझ ज्यादा होता है और किस्त की रकम भी बड़ी होती है। कर्ज लेने से पहले उसे चुकाने के विकल्प के बारे में भी सोच लें।

चुकाई जाने वाली कुल रकम के बारे में जान लें

लोन लेते समय आपको सिर्फ यह बताया जाता है कि आपको लोन कितनी राशि का मिलेगा और आपकी मासिक किस्त कितने पैसे की होगी। इसके साथ आपको लोन चुकाने की अवधि और ब्याज दर भी बताई जाती है।

मगर लोग अकसर यह भूल जाते हैं, कि इस दौरान असल में उन्होंने कितनी रकम चुकाई। साथ ही कई बैंक आपको ज्यादा समय में कम ईएमआई का लालच भी दे सकते हैं, जो असल में ज्यादा महंगा पड़ता है। कर्ज की कीमत को कम करने के लिए यह अनिवार्य है कि कम से कम समय में कर्ज से मुक्त हो जाएं।

प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्च

लोन की स्कीम में इधर-उधर के कई प्रकार के खर्च जुड़े होते हैं, जो लोन का दबाव बढ़ा देते हैं। इसमें प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेजों का खर्च, प्री-पेमेंट चार्जेज, पेनल्टी जैसी कई शर्ते छुपी होती हैं। इनके बारे में तब तक नहीं बताया जाता, जब तक आप पूछे नहीं।

See also  सफल बिजनेसमैन कैसे बने? जानिए 5 टिप्स

इसलिए पर्सनल लोन के बारे में  जानकारियां जरूर जान लें। पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने से पहले उसके सभी नियम व शर्ते अच्छी तरह से जान लेने में समझदारी है।

साथ ही अगर, कहीं भी कोई बिंदु पेचीदा या संदिग्ध नजर आए, तो आप उस पर सवाल खड़ा कर सकते हैं। “बतौर कंज्यूमर, जागरूक रहें कि आप लोन क्यों रहे हैं और कितना ले रहे हैं।

मगर इस बारे में दोगुना सोच-विचार करें कि आप उसके कैसे चुकाएंगे। कागजों पर दस्तखत करने के बाद आप बैकफुट पर चले जाते हैं और फिर किसी भी तरह के बदलाव की गेंद आपके पाले में नहीं होती है।

ऑफर की जानकारी

कई लोगों को पर्सनल लोन के साथ कोई ऑफर बताकर बेच दिया जाता। हालांकि, बहुत बार यह एक जाल की तरह होता है, जिसमें ग्राहक फंसता चला जाता है। इसलिए लोन लेने से पहले इत्मिनान से यह जान लें कि ऑफर क्या है और वो आपको कितना ‘महंगा’ पड़ रहा है।

पर्सनल लोन की खूबियां और खासियतें

  • इसे लेना काफी आसान है
  • KYC काफी सरल है
  • पैसा तुरंत आपके हाथ में आ जाता है
  • इस लोन को वापस करने की समय-सीमा को घटाया या बढ़ाया जा सकता है
  • पर्सनल लोन को आप समय से पहले भी पूरी तरह चुका सकते हैं, हालांकि, इसके लिए आपको 4 फीसदी क्लोजर चार्ज भरना होगा।

पर्सनल लोन और बिज़नस लोन में अंतर

पर्सनल लोन बिजनेस लोन
पर्सनल कार्यो जैसे- शादी के खर्च, खुद की जरुरत का खर्च को पुरा करने के लिए मिलता है। हार्डकोर बिजनेस करने के लिए होता है। बिजनेस लोन तभी मिलता है जब बिजनेस का प्रोजेक्ट पेश किया जाता है।
पर्सनल लोन का रकम कहां कितना खर्च हुई, इस बात का कोई हिसाब नहीं रखना होता है। बिजनेस लोन की रकम कहां-कहां खर्च हुई, एक – एक रुपये का हिसाब बनाना होता है।
किसी प्रकार से टैक्स में छुट नहीं मिलती है। आईटीआर फाईल करते वक्त टैक्स में छुट मिलती है।
पर्सनल लोन खुद की इनकम जैसे सैलरी के आधार पर या पिछले साल भरी गई आईटीआर के आधार पर मिलता है। बिजनेस के सालाना टर्नओवर और आईटीआर के आधार पर बिजनेस लोन प्रदान किया जाता है।
पर्सनल लोन के लिए किसी प्रकार की कोई सरकारी योजना कभी नहीं चलाई जाती है। और न ही सरकार का यह प्रयास होता है कि लोग अधिक से अधिक पर्सनल लोन लें। समय – समय पर बिजनेस लोन योजना का संचालन किया जाता है। सरकार की तरफ से भी यह प्रयास किया जाता है कि कारोबारी बिजनेस लोन लेकर अपना बिजनेस आगे बढ़ाएं।
ब्याज दर अपेक्षाकृत अधिक होती है। ब्याज दर में किसी प्रकार का कोई ढ़ील नहीं दी जाती है। कारोबारियों को बिजनेस लोन अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर मिलता है। सरकार की तरफ से भी यह प्रयास किया जाता है कि कारोबारियों को कम ब्याज दर पर बिजनेस लोन मिले।
पर्सनल लोन पर किसी प्रकार की कोई गारंटी नहीं होती है। बिजनेस लोन की गारंटी क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत होती है।