क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा दी जाने वाली एक ऐसी उधार की सुविधा है, जिसमें आप खुद के पास से पैसे खर्च करने की बजाय बैंक की तरफ से आपको दिए गए क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड के जरिये आप तरह-तरह की खरीदारी और अन्य जरूरी भुगतान कर सकते हैं। आज के दौर में नौकरीपेशा और बिजनेस करने वालों के अलावा आम आदमी भी क्रेडिट कार्ड की सुविधा उठाते हैं।

कारोबारियों के लिए जरूरी होता है क्रेडिट कार्ड 

क्रेडिट कार्ड साथ रखने पर आपको आमतौर पर लगभग सभी मुख्य जगहों पर खरीददारी करते वक्त कैश नहीं देना पड़ता है। इसके अलावा आपको अपने डेबिट कार्ड से भी पेमेंट करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

डेबिट कार्ड से भुगतान करने पर भुगतान की राशि सीधे आपके जमा खाते से कटती है लेकिन क्रेडिट कार्ड में ऐसा नहीं होता है। यहां भुगतान के पैसे वो बैंक देता है, जिसके क्रेडिट कार्ड से आपने पेमेंट किया है।

यानी आपके बचत खाते के पैसे, जस के तस सुरक्षित रहते हैं। अगर आप इंटरनेट का उपयोग करते हैं और ऑनलाइन शॉपिंग या लेन-देन करते हैं तो आपके लिए इसकी उपयोगिता और ज्यादा बढ़ जाती है। आप अपनी सुविधा के मुताबिक अपनी मनचाही चीज ऑनलाइन पेमेंट करके खरीद सकते हैं, वो भी बिना अपने पॉकेट से पैसे खर्च किये। सिर्फ इन्हीं फायदों की वजह से लोग वॉलेट में क्रेडिट कार्ड सजाकर रखते हैं।

इसके अलावा, आप अपने टेलीफोन, मोबाइल, बिजली का बिल भी अपने क्रेडिट कार्ड के जरिये भर सकते हैं। अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम हो या आपकी गाड़ी के इंश्योरेंस का रिन्यूवल, सब कुछ आप अपने क्रेडिट कार्ड से कर सकते हैं।

अगर आपको कहीं सफर करना हो और पास में टिकट कटाने को पैसे कम पड़ रहे हों, निश्चिन्त होकर अपने क्रेडिट कार्ड से खुद और अपने परिवार के लिए बस, ट्रेन या हवाई जहाज का टिकट मिनटों में कटा सकते हैं और पैसे बाद में अपनी सुविधा के हिसाब से अपने कार्ड का बिल आने पर चुका सकते हैं। क्रेडिट कार्ड क्यों जरूरी है, इसका जवाब आपको इन सुविधाओं में मिल गया होगा।

केन्द्र सरकार द्वारा छोटे कारोबारियों के लिए और स्टार्ट-अप के दैनिक खर्चों को मैनेज करने के लिए स्टार्टअप ओपन द्वारा एक क्रेडिट कार्ड लाँच किया जा रहा है। इस क्रेडिट कार्ड के जरिये कारोबारी अपने बिजनेस में दैनिक जरूरत की चीजों की खरीददारी कर सकते हैं।

क्या है क्रेडिट कार्ड स्कीम ?

स्टार्टअप कंपनी ओपन स्टार्टअप द्वारा छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) और स्टार्टअप्स के लिए एक क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया जायेगा। इस क्रेडिट कार्ड के जरिये कारोबारी अपने खर्चों को मैनेज करने में सहायता मिलेगी।

कारोबारी इस क्रेडिट कार्ड की मदद से 60 हजार से 3 लाख तक तक की खरीददारी तत्काल कर सकते हैं। खरीददारी करने के बाद पैसों का भुगतान करने के लिए कारोबारी को 60 दिनों का समय मिलेगा।

ओपन क्या है?

ओपन एक स्टार्ट-अप कंपनी है जो छोटे कारोबारों को बिजनेस बैंकिंग सर्विस देता है। ओपन कंपनी ने कारोबारियों के लिए क्रेडिट लाँच करने के लिए वीजा कंपनी के साथ समझौता किया है।

वीजा कंपनी से समझौता के तहत ही ओपन कंपनी द्वारा कारोबारियों और स्टार्ट –अप के लिए क्रेडिट कार्ड लाया जा रहा है। इस क्रेडिट कार्ड का नाम फाउंडर्स कार्ड रखा गया है।

ओपन कंपनी के अनुसार ने यह कार्ड एशिया में अपनी तरह का पहला क्रेडिट कार्ड होगा जो तमाम खर्चों और सब्सक्रिप्शन को मैनेज किया जा सकता है। इस कार्ड से प्रमोटर्स और फाइनेंस टीम को मदद मिलेगी।

कंपनी के अनुसार इस कार्ड का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को रिवार्ड्स पॉइंट्स भी मिलेंगे जिसमें क्लाउड होस्टिंग, को वर्किंग, एयरपोर्ट लॉन्ज का एक्सेस शामिल है।

क्रेडिट कार्ड पार कितना खरीदारी हो सकती है ?

कार्ड पर क्रेडिट लिमिट 60,000 से 3 लाख रुपये है जबकि अंडर राइटिंग का ध्यान ओपन खुद ही देखेगी। इस कार्ड को सिंगापुर फिनटेक फेस्टिवल में लॉन्च किया गया।

2017 में शुरू हुई स्टार्टअप कंपनी ओपन बैंकों के साथ पार्टनरशिप करके कारोबारियों को बिजनेस अकाउंट की सुविधा देती है।

इस अकाउंट में उन्हें पेमेंट्स को भेजने और लेने की सुविधा मिलती है। इसमें बैंकिंग और बिजनेस ऑपरेशंस को जोड़ने के लिए एक ऑटोमेटेड बुककीपिंग की सुविधा भी मिलती है।

यह प्लेटफॉर्म 2 लाख से ज्यादा छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) को सेवा देता है जिसमें सालाना 6।5 बिलियन डॉलर से ज्यादा के ट्रांजैक्शन किए जाते हैं। ओपन का दावा है कि वह महीने में 35,000 से ज्यादा SMEs जोड़ेगी और एशिया-पैसेफिक रीजन के बाजारों में ग्रोथ की ओर बढ़ रही है। साथ ही अमेरिका और मीडिल ईस्ट में आने वाले महीनों में ध्यान देगी।

वीजा ने भारत में पिछले साल फिनटेक फास्ट ट्रैक प्रोग्राम की शुरुआत की थी। वीजा के ग्रुप कंटरी मैनेजर टी आर रामचंद्रन के मुताबिक इसका मकसद घरेलू स्टार्टअप को बढ़ावा देना और इसके लिए उनको पेमेंट्स के साथ कमर्शियल सोल्यूशन्स मुहैया करवाना है।

इगर ग्लोबल का ओपन में 30 मिलियन डॉलर का निवेश

टाइगर ग्लोबल ने ओपन में इस साल जून में 30 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। इसमें 150 मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर निवेश किया गया था।

इससे पहले कंपनी ने ब्राजील के unicorn Nubank को बैक किया था। जहां Nubank B2C पर आधारित है, वहीं ओपन के पास B2B मॉडल है।

नियो बैंकिंग एशिया में एक नया कॉन्सेप्ट है लेकिन यूरोप में कई नियो बैंकिंग स्टार्टअप जैसे Revolut, N26, Monzo आदि काम करते हैं। इन्होंने अपनी लॉन्च होने के कुछ महीनों के भीतर 1 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन का आंकड़ा छू लिया। सोर्स: फाइनेंशियल एक्सप्रेस