कोरोना यानी COVID-19 यह एक ऐसा वायरस है, जिसके प्रभाव से वर्तमान में दुनिया के अधिकतर देश आ चुके हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए भारत सरकार द्वारा 31 मार्च तक लॉक डाउन का आदेश दे दिया गया है।

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई वायरस (विषाणु) प्रकारों का एक समूह है, जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग के कारक होते हैं।

यह आरएनए वायरस होते हैं। मानवों में यह श्वास तंत्र संक्रमण के कारण होते हैं, जो अधिकांश रूप से मध्यम गहनता के लेकिन कभी-कभी जानलेवा होते हैं। गाय और सूअर में यह अतिसार और मुर्गियों में यह ऊपरी श्वास तंत्र के रोग के कारण बनते हैं।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अभी तक कोई टीका (वैक्सीन) या वायररोधी (antivirals) अभी उपलब्ध नहीं है। कोरोना से उपचार के लिए प्राणी की अपने प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भ है। रोगलक्षणों (जैसे कि निर्जलीकरण या डीहाइड्रेशन, ज्वर, आदि) का उपचार किया जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे।

कोरोना का नाम कोरोना कैसे पड़ा? आपको जानकारी के लिए बता दें कि लातीनी भाषा में “कोरोना” का अर्थ “मुकुट” होता है और इस वायरस के कणों के इर्द-गिर्द उभरे हुए कांटे जैसे ढाँचों से इलेक्ट्रान सूक्षमदर्शी में मुकुट जैसा आकार दिखता है, जिस पर इसका नाम रखा गया था।

कोरोना वायरस कहा से शुरु हुआ है?

नोवेल कोरोनावायरस – कोविड19 यानी कोरोना वायरस चीन के वूहान शहर से उत्पन्न हुआ है। जिसका संक्रमण सन् 2019-20 काल में तेज़ी से उभरकर 2019–20 वुहान कोरोना वायरस प्रकोप के रूप में फैलता जा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) द्वारा इसका नाम COVID-19 रखा गया है। 2019 नोवेल कोरोनावायरस (2019 novel coronavirus, 2019-nCoV), जो वूहान कोरोनावायरस (Wuhan coronavirus) भी कहलाता है।

कोरोना की पहचान एक वायरस के रुप में सर्वप्रथम सन् 2019-20 में वूहान, हूबेई, चीन में करी गई थी। वुहान में कोरोना वायरस प्रकोप की वजह से भारी जान – माल का नुकसान हुआ है।

कोरोना में कुछ पशुजन्यरोग होने के संकेत हैं। इसके पीछे कारण यह है कि कोरोना वायरस से प्रभावित जो पहला रोगी वूहान चीन में मिला था, वह माँस खाने के लिए प्रसिद्ध था। ऐसा कहा जाता है कि वह व्यक्ति चमगादड़ की मांस भी खाता था।

कोरोना वायरस का चमगादड़ों में पाए जाने वाले कुछ कोरोनावायरस से अनुवांशिक समानताएँ मिलती हैं संक्रमण (रोग) फैलाने वाला कोरोनावायरस प्रकार का एक वायरस (विषाणु) है जो श्वसन तंत्र संक्रमण उत्पन्न करता है और मानव-से-मानव में फैलता है।

सम्भव है कि कोरोना वायरस भी आरम्भ में चमगादड़ से मानव में फैला हो क्योंकि चीन में चमगादड़ भी खाए जाते हैं और इस वायरस का चमगादड़ों में पाए जाने वाले कुछ वायरस कोरोनावायरस से मिलते हैं।

इस तरह हमें पता चलता है कि वायरस जानवरों से आया है। ज्यादातर लोग जो चीन शहर के केंद्र में स्थित हुआनन सीफ़ूड होलसेल मार्केट में खरीदारी के लिए आते हैं या फिर अक्सर काम करने वाले लोग जो जीवित या नव वध किए गए जानवरों को बेचते थे जो इस वायरस से संक्रमित थे।

वुहान में कोरोना से नुकसान

जब वुहान में कोरोना ने अपना प्रभाव दिखाना शुरु किया तब वहां पर बहुत से लोगों को बिना किसी कारण निमोनिया होने लगा और यह देखा गया की पीड़ित लोगों में से अधिकतर लोग हुआँन सीफ़ूड मार्केट में मछलियाँ बेचते हैं तथा जीवित पशुओं का भी व्यापर करते हैं।

चीनी वैज्ञानिकों ने बाद में कोरोनावायरस की एक नई नस्ल की पहचान की जिसे 2019-nCoV प्रारंभिक पदनाम दिया गया। इस नए वायरस में कम से कम 70 प्रतिशत वही जीनोम अनुक्रम पाए गए जो सार्स-कोरोनावायरस में पाए जाते हैं।

संक्रमण का पता लगाने के लिए एक विशिष्ट नैदानिक पीसीआर परीक्षण के विकास के साथ कई मामलों की पुष्टि उन लोगों में हुई जो सीधे बाजार से जुड़े हुए थे और उन लोगों में भी इस वायरस का पता लगा जो सीधे उस मार्केट से नहीं जुड़े हुए थे।

चीन के कारोबार पर कोरोना का असर

अभी तक चीन को कोरोना वायरस के चलते 140 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। जहां तक मानव नुकसान की बात है, तो चीन में कोरोना वायरस से अभी तक 17 हजार लोग प्रभावित हो चुके हैं।

चीन का शेयर मार्केट पिछले 5 वर्षो में पहली बार नीचे गिरा है। चीन में कोरोना से अभी तक 3248 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना से हो रही मौतों में यह बात देखने को मिली है कि जिन लोगों की कोरोना से मौत हुई है या जो लोग कोरोना से प्रभावित हुए हैं, उनकी औसत उम्र 63 साल है।

कोरोना वायरस से बुजुर्गों की सबसे ज्यादा मौत की वजह उनकी प्रतिरोध क्षमता का कम होना और डायबिटीज, फेफड़े के रोग जैसी पुरानी बीमारियां बड़ी वजह हैं। ऐसे में इस तरह का संक्रमण उनके लिए जानलेवा बन सकता है। बुजुर्ग भले ही ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाते हों लेकिन ये संक्रमण युवा लोगों के जरिए भी पहुंच रहा है।

भारत के व्यापार पर कोरोना का क्या असर पड़ा है?

बीबीसी हिंदी की खबर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र की कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवेलपमेंट (UNCTAD) ने ख़बर दी है कि कोरोना वायरस से प्रभावित दुनिया की 15 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत भी है।

चीन में उत्पादन में आई कमी का असर भारत से व्यापार पर भी पड़ा है और इससे भारत की अर्थव्यवस्था को क़रीब 34।8 करोड़ डॉलर तक का नुक़सान उठाना पड़ सकता है।

यूरोप के आर्थिक सहयोग और विकास संगठन यानी ओईसीडी ने भी 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था के विकास की गति का पूर्वानुमान 1.1 प्रतिशत घटा दिया है।

ओईसीडी ने पहले अनुमान लगाया था कि भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.2 प्रतिशत रहेगी लेकिन अब उसने इसे कम करके 5.1 प्रतिशत कर दिया है।

भारत में इन सेक्टरों पर कोरोना का असर पड़ा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जनता कर्फ्यू की अपील के बाद भारत का व्यापार पूरी तरह से ठप हो चुका है। हालांकि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए लॉक डाउन और जनता कर्फ्यू ही कोरोना की असल मर्ज है। कई प्रदेशों में लॉक डाउन हो चुका है।

देश में ट्रेनें रोक दी गई हैं और ट्रांसपोर्ट ठप हो चुका है, जिसके चलते भारत के कई बिजनेस पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा है। आइये जानते हैं, कि किन सेक्टर पर कोरोना का असर सबसे अधिक हुआ है।

ट्रेवेल सेक्टर

भारत में अब कई पर्यटन वाली जगहों को बंद कर दिया गया है। ऐसे में ट्रेवेल एजेंसी चलाने वालों की कमर टूट रही हैं, क्योंकि भारी संख्या में पहले से बुक टिकट कैंसिल हो रहा है।

ट्रेवेल रएजेंसी चलाने वाले नगीना कहते हैं कि “कोरोना के चलते अब तो बिजनेस का दैनिक खर्चा निकालना भी मुश्किल लग रहा है। ऐसे कहीं बिजनेस बंद न करना पड़े, यह बड़ी चुनौती है”।

एयरलाइन्स पर पड़ा है जबरदस्त प्रभाव

इटली, आस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में लाकडाउन हो गया है। इस देशों में नागरिकों को बाहर निकलने की मनाही है। कोरोना के प्रभाव को देखते हुए 6 मार्च 2020 को 585 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया।

भारत सरकार द्वारा सतर्कता बरतते हुए 12 मार्च 2020 से अगले एक महीने के लिए सभी वीजा निलंबित कर दिया है। कई इंटरनेशनल फ्लाईट को रद्द कर दिया है। वही बहुत से लोग अब फ्लाईट में यात्रा करने से हिचकिचाते हुए अपना पहले से बुक टिकट कैंसिल करा रहे हैं।

ऐसी संभवना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और अधिक टिकट कैंसिल होंगे। ऐसे में तमाम एयरलाइन्स को घाटा उठाना पड़ेगा।

दवा मार्केट 

ये केवल फार्मा कंपनियों की आमदनी का मामला नहीं है। किसी भी बुरे प्रभाव की एक मानवीय क़ीमत भी होती है। मेडिकल स्टोर में दवाओं की कमी हो रही है। तमाम बड़े शहरों में केमिस्ट, सैनिटाइज़र और मास्क के ऑर्डर तो दे रहे हैं लेकिन उन्हें एक हफ़्ते से माल की डिलिवरी नहीं मिल पा रही है।

अब जब बहुत से भारतीय अपने यहां दवाएं, सैनिटाइज़र और मास्क जमा कर रहे हैं, तो ये सामान अधिकतम खुदरा मूल्य से भी अधिक दाम पर बिक रहे हैं।

कपड़ा उद्योग पर कोरोना का पड़ा है प्रभाव

चीन के साथ काम करने वाले कारोबारियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि  हमारे देश में परिधान (कपड़ा) निर्यात का लगभग 30% ऑर्डर यूरोप से आते हैं।

अब जब कोरोना वायरस महामारी घोषित हो गई है और यूरोपीय देशों से माल माल और माल सप्लाई करना बंद कर दिया गया  है।

इसके आलावा भारत में सार्वजनिक जगह जैसे शॉपिंग माल इत्यादि बंद करने का आदेश हो गया है, तो इसका सीधा असर परिधान (कपड़ा) उद्योग पर पड़ा है।

इलेक्ट्रानिक्स मार्केट

कोरोना वायरस से इलेक्ट्रानिक मार्केट को गहरा घक्का लगा है। चूंकि इलेक्ट्रानिक का अधिकतर प्रोडक्ट चीन से बनकर आता है। चीन में कोरोना महामारी विकराल रुप धारण किया है। ऐसे में लोग अब इलेक्ट्रानिक का प्रोडक्ट खरीदने से पीछे हटने लगे हैं।

लोगों के दिमाग में यह बात घर कर गई है कि इलेक्ट्रानिक का माल चीन से बनकर आया है, तो इसे छूने से कोरोना संक्रमण होने का खतरा बढ़ेगा।

गांधी विहार, दिल्ली में इलेक्रनिक्स सामान बेचने वाले मनोहर बताते हैं कि, उन्होंने पिछले दिनों 5 लाख तक माल मंगा लिया। अब लोग न तो मार्केट में आ रहे हैं और न ही प्रोडक्ट बिकने रहा है।

कारोबारी को क्या करना चाहिए

सरकार की तरफ से अभी जो भी संवाद किया जा रहा है, उसमे यही कहा जा रहा है कि 31 मार्च तक ही बंद किया गया है। यानी सरकार अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास कर रही है। हम ऐसी उम्मीद कर रहे हैं की स्थिति जल्दी सामान्य होगी।

ऐसे में अगर किसी कारोबारी ने माल का स्टाक मंगा लिया है, जिसके चलते कारोबारी की पूंजी फंस गई है। या बिजनेस की सभी बुकिंग कैंसिल हो जाने के कारण बिजनेस का दैनिक खर्च मैनेज करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो कारोबारी के लिए बिजनेस लोन लेकर बिजनेस को सस्टेन करना सबसे सही तरीका हो सकता है।

बिजनेस लोन के जरिये कारोबारी अपने बिजनेस का दैनिक खर्च मैनेज कर सकते हैं। और जब, स्थिति समान्य हो और माल बिकना शुरु हो जाए तो बिजनेस लोन को किश्तों में वापस कर सकते हैं।

आपको जानकारी के लिए बता दूं कि एनबीएफसी कंपनी ZipLoan द्वारा कारोबारियों को 5 लाख तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, न्यूनतम कागजातों पर, सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जाता है। बिजनेस लोन लेने के लिए अभी अप्लाई करें।

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सोर्स एंड साभार:

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