देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम व्यापार क्षेत्र यानी MSME सेक्टर बहुत ही तेज गति से आगे बढ़ रहा हैं। सरकार का एक आंकड़े के अनुसार इस साल इस सेक्टर का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में करीब 37 प्रतिशत योगदान है। बड़ी बात यह है कि इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर में सबसे अधिक रोजगार भी MSME ने ही दिया है। देश में 633 लाख के करीब MSME हैं, जिनमे 11.10 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि देश की एक बड़ी जनसँख्या को यह क्षेत्र रोजगार मुहैया करा रहा है।

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सरकारी स्तर पर भी सूक्ष्म, लघु और मध्यम व्यापार के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद से देश में छोटे एवं मझोले कारोबार को प्राथमिकता के आधार पर रखकर उनके उन्नयन के लिए कार्य किया जा रहा है। सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम व्यापार के आर्थिक विकास के लिए चलाई जा रही हैं। क्राउडफंडिंग के बढ़ते चलन को ध्यान में रखते हुए MSME के लिए मुख्य रूप 4 तरह की क्राउडफंडिंग हो रही है। ये 4 इस प्रकार से हैं: रिवार्ड, डोनेशन, पीयर-टू-पीयर, लैंडिंग और इक्विटी। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं।

रिवॉर्ड क्राउडफंडिंग

रिवार्ड क्राउडफंडिंग ला चलन देश में बहुत तेजी से चल रह हैं। इसकी खास बात यह है कि रिवार्ड क्राउडफंडिंग करने वाले इन्वेस्टर को डायरेक्ट फायदा मिलता है। इसमें लाभ तुरंत या भविष्य में हो सकते हैं। लाभ ग्राहक बनने, आजीवन सदस्यता मिलने या कुछ मुफ्त गिफ्ट के रूप में हो सकता है।

डोनेशन क्राउडफंडिंग

इस तरह के क्राउडफंडिंग में फायदा डायरेक्ट नही मिलता। क्राउडफंडिंग का यह तरीका अधिकतर इस्तेमाल सामाजिक उद्देश्य को पूरा करने या किसी की मदद करने के लिए किया जाता है। इस इथ से डोनेट करने वाले व्यक्ति को डायरेक्ट रिटर्न के रूप में कोई लाभ नही मिलता है।

पीयर-टू-पीयर लेंडिंग

यह पूरी तरह से ऑनलाइन लेनदेन होता है। इसमें दो व्यक्तियों के बीच पैसे का लेन-देन किया जाता है। ऑनलाइन तरीके से लोनदेने वालों और निवेशकों से सूक्ष्म, लघु और मध्यम व्यापारों का मेल कराया जाता है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती रेगुलेटर्स के लिए इन्वेस्ट करने वालों को सुरक्षा देना है।

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इक्विटी के आधार पर क्राउडफंडिंग

इस तरह की फंडिंग कंपनी के इक्विटी शेयरों के बदले ली और दी जाती है। इसमें इन्वेस्ट के बदले इन्वेस्टरों को कंपनी के इक्विटी शेयर मिलते हैं। यह तरीका उन क्षेत्रों में लाभदायक हो सकता है जिसमे रिटर्न मिलने की अधिक संभावना रहती है। क्राउडफंडिंग के जरिये व्यापार को विकसित करने में काफी मदद मिलती है।

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सरकार तमाम तरीकों से MSME कारोबार के लिए अधिक से अधिक इन्वेस्ट करने करने के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है. पिछले कुछ वर्षों से इस सेक्टर में पैसा भी खूब इन्वेस्ट हो रहा है तो कारोबार ग्रूम भी कर रहा हैं। इस तरह से मार्केट में काम बढ़ने के साथ ही अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है और भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंच रह है।

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