किसी भी प्रकार के लोन के लिए सिबिल स्कोर काफी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है, तो आपको लोन प्राप्त नहीं होगा। इसके लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि भविष्य में खराब सिबिल स्कोर के चक्कर में आपको लोन प्राप्त करने में कोई दिक्कत ना हो। आज हम आपको उन कारणों के बारे में बताएगें, जिनसे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है। इसके साथ ही उन तरीकों को भी बताएंगें, जिनसे आप अपना सिबिल स्कोर सुधार सकते हैं।

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कैसे चेक करें सिबिल स्कोर-

अपना सिबिल स्कोर जानने के लिए आपको अपनी सिबिल रिपोर्ट की जरूरत होगी। क्रेडिट रिपोर्ट के लिए आपको सिबिल की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। जिसके बाद आपको 550 रुपये का भुगतान करना होगा। इसमें एक बार ऑथेंटिकेशन प्रोसेस होगी और उस प्रोसेस के बाद आप क्रेडिट स्‍कोर और रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं। यह क्रेडिट स्‍कोर आपके ईमेल पर भी भेजा जाता है। इसके साथ ही ऐसी बहुत से वेबसाइट हैं, जो कि आपको फ्री में ही सिबिल स्कोर चेक करने का ऑप्शन देती हैं।

सिबिल स्‍कोर

सिबिल स्कोर खराब होने के कारण-

क्रेडिट रिपोर्ट में आपके बैंक एकाउंट, लोन और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सारी जानकारियां दी होती हैं। सभी जानकारियां सही होने पर डीपीडी यानि क्रेडिट कार्ड के बिल या किसी लोन की EMI के भुगतान में कितने दिनों की देरी हुई है, इसे जरूर देखें। डीपीडी यह बताता है कि किस महीने क्रेडिट कार्ड के बिल या लोन की EMI भुगतान में आपने कितने दिनों की देरी की है। यदि आपका डीपीडी 000 अंक से ज्यादा है, तो इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर उल्टा असर पड़ेगा। साथ ही ‘रिटेन-ऑफ’ या ‘सेटल्ड‘ के नीचे दी गई जानकारी बताती है, कि बीते दिनों में कहां-कहां आपकी ओर से डिफॉल्ट किया गया है। सिबिल स्कोर के कम होने का मुख्य कारणों में से यह एक कारण है।

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सिबिल स्कोर गलत होने पर क्या करें-

आपके लोन एकाउंट या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारियां बैंक सिबिल को भेजते हैं। जाहिर है इसमें रिपोर्टिंग की प्रक्रिया के तहत गलती होने की संभावना भी होती है। बैंक की इन गलतियों की वजह से भी आपका सिबिल स्कोर प्रभावित होता है। कई बार लोन चुकाने के बावजूद भी ऐसा शो किया जाता है कि बकाया बाकी है या अपर्याप्त बैलेंस है। ऐसे में आप सिबिल की वेबसाइट पर डिस्प्यूट रिक्वेस्ट फॉर्म को भरकर अपना पक्ष रख सकते हैं।  सिबिल का डिस्‍प्‍यूट रिजॉल्‍यूशन को गलती ठीक करने में लगभग 30 दिन लगते हैं।

कैसे सुधारें सिबिल स्कोर-

सिबिल रिपोर्ट सुधारने के लिए आपको समय पर अपने बिलों का भुगतान करते रहना चाहिए। अगर आप लगातार 6 महीने तक वक्त में कर्ज चुकाते है तो सिबिल रिपोर्ट में सुधार देखने को मिल सकता है। आपको अपने क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट और बकाया रकम को कम रखना चाहिए और क्रेडिट कार्ड से ज्यादा लोन नहीं लेना चाहिए और ना ही बहुत सारे लोन के लिए आवेदन करना चाहिए। होम लोन, ऑटो लोन जैसे सिक्योर्ड लोन को ज्यादा अहमियत देनी चाहिए और अनसिक्योर्ड लोन लेने से बचना चाहिए। आपको अपना क्रेडिट कार्ड अकाउंट बंद करने से बचना चाहिए और लगातार अपने ज्वाइंट अकाउंट खातों की, सिबिल स्कोर की समीक्षा करते रहना चाहिए।

सिबिल स्‍कोर

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कैसे बनता है सिबिल स्कोर-

अब आइए आपको बताते हैं कि सिबिल स्कोर आखिर बनता कैसे है। वक्त पर कर्ज चुका रहे हैं, या नहीं इस पर 30% क्रेडिट स्कोर बनता है। सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड लोन पर 25%, क्रेडिट एक्सपोजर पर 25% और कर्ज के इस्तेमाल पर 20% सिबिल स्कोर बनता है। ऐसे में साल भर में 3-4 बार अपनी सिबिल रिपोर्ट की समीक्षा करिए, यह आपके लिए बेहतर रहेगा।

सिबिल स्कोर

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एक समाधान और भी है-

आप Ziploan से बिजनेस लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। Ziploan बिजनेस लोन देने के लिए केवल सिबिल स्कोर पर निर्भर नहीं होता है, बल्कि Ziploan में बिजनेस लोन प्रदान करने का अपना एक अलग तरीका होता है। जिसे Zipscore कहते हैं। Zipscore की गणना हम कारोबारी की बैंक डीटेल, पिछले 2 सालों का ITR, क्रेडिट स्कोर और बिजनेस प्रॉफिट मार्जिन इन सभी दस्तावेजों को समायोजित करके करते हैं। Zipscore कारोबारी के बिजनेस लोन पाने के अवसर बढ़ा देता है।