होम लोन, बिजनेस लोन, पर्सनल लोन या किसी भी तरह का लोन लेने के लिए बेहतर सिबिल स्कोर होना अनिवार्य शर्त होती है। बिजनेस सेक्टर के इतिहास में ऐसा कोई कारोबारी नहीं है जिसमे अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन का सहारा न लिया हो।

अगर हम कहें कि बिजनेस लोन एक कारोबारी के जीवन का एक आवश्यक अंग है तो यह गलत नहीं होगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग का भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान को देखते हुए सरकार की तरफ से लघु उद्योगों को बिजनेस लोन प्रदान करने का विशेष निर्देश दिया गया है।

बिजनेस लोन या किसी भी प्रकार का लोन पाने के लिए संबंधित व्यक्ति या बिजनेस का सिबिल स्कोर ठीक होना अतिआवश्यक है। क्रेडिट स्कोर ठीक रखने के लिए यह जानना आवश्यक है कि सिबिल स्कोर की जांच कैसे करते हैं। आइए इस ब्लॉग में समझते हैं कि सिबिल स्कोर कैसे चेक करते हैं?

सिबिल स्कोर कैसे चेक करते हैं? – Cibil Score Kaise Check Karte Hain?

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सिबिल संस्था (CIBIL) को यह अधिकार प्रदान करती है कि वह बैंक और एनबीएफसी के ग्राहकों का डाटा इक्कठा करें और उनका विश्लेषण करें। सिबिल मुख्य रुप से एक कंपनी है जिसका नाम क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड है (CIBIL – Credit Information Bureau India Limited) है।

सिबिल संस्था का मुख्य कार्य बैंक और एनबीएफसी कंपनी से लोन लेने वाले ग्राहकों द्वारा लोन चुकाने के तरीकों पर नजर रखना और उसका रिकार्ड बनाना है। सिबिल संस्था जो डाटा इक्कठा करती है वह बाद में बैंको और लोन देने वाली कंपनियों को प्रदान किया जाता है।

जब ग्राहक बिजनेस लोन या किसी भी ने तरह के लोन के अप्लाई करता है तो उसका सबसे पहले सिबिल स्कोर जांचा जाता है। क्रेडिट स्कोर 700 से कम होने पर बिजनेस लोन या किसी भी प्रकार का लोन मिलने मुश्किल हो जाता है।

लोन मिलने के लिए अगर बेहतर क्रेडिट स्कोर की बात करें तो 700 से 900 के बीच कोई भी संख्या होने पर आसानी से कम ब्याज दर पर बिजनेस लोन मिल जाता है। आपको बता दें कि क्रेडिट स्कोर की 3 अंकों की संख्या होती है। यह संख्या 300 से शुरु होकर 900 तक जाती है।

यहां एक तथ्य यानी फैक्ट स्पष्ट कर देते हैं कि सिबिल संस्था से निशुल्क क्रेडिट रिपोर्ट केवल व्यक्तियों को मिलती है संस्थानों को नहीं। संस्थाओं को क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए फीस चुकाना होता है। जब किसी को क्रेडिट रिपोर्ट मिलती है तो उसमे कुछ कोड वर्ड लिखे होते हैं, जिनका मतलब समझने के बाद ही रिपोर्ट अच्छी तरह से समझा जा सकता है। आइए क्रेडिट रिपोर्ट के कोड वर्ड के अर्थ को समझते हैं:

क्रेडिट रिपोर्ट में उपयोग कोड का अर्थ

एनए/एनएच (NA/NH) – जिस रिपोर्ट यह लिखा आता है, उसका कोई लेनदेन की कोई हिस्ट्री नहीं होती है।

एसटीडी (STD) – जिस क्रेडिट रिपोर्ट में यह लिखा आता है तो इसका मतलब है कि यह व्यक्ति अपने लोन का भुगतान समय से कर रहा है यानी स्टेंडर्ड है।

एसएमए (SMA) – जिनके सिबिल स्कोर में एसएमए लिखा होता इसका मतलब है कि ऐसे ग्राहक समय से पहले लोन का भुगतान कर देते हैं। एसएमए का फुल फॉर्म Special Mention Account होता है।

डीबीटी (DBT) – संदेहजनक खाता! जिनके रिपोर्ट में डीबीटी लिखकर आ रहा है उनके खाता को यह माना जाता है कि ऐसे लोग पिछले 12 महीनों से अपने लोन का भुगतान नहीं किये हैं।

एलएसएस (LSS) – घाटा वाले खाता! जिनके रिपोर्ट में एलएसएस लिखा होता है उनको यह माना जाता है कि ऐसे लोग लोन लेने के बाद उसे वापस करने का इरादा नहीं रखते हैं।

डीपीडी (DPD) – जिस रिपोर्ट में डीपीडी लिखा होता है तो इसका मतलब है कि इस खाता से बहुत अधिक रकम बकाया है।

लिखित तौर पर बंद/ सेटलड (Written Off/Settled Status) – इसका मतलब है कि लोन लेने वाले व्यक्ति ने 180 दिन तक कोई भी रकम जमा नहीं किया है और बकाया रकम लिखी हुई हैसेटलड स्टेटस का मतलब है कि बकाया राशि को लोन लेने वाले व्यक्ति और लोन देने वाली संस्था के बीच सुलह – समझौता के तहत समायोजन के साथ तय किया गया है।

क्रेडिट स्कोर रिपोर्ट कैसे मिलती है – Cibil Score Report Kaise

सिबिल स्कोर प्राप्त करने के लिए सबसे पहले सिबिल (CIBIL) की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है। सिबिल वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन से सिर्फ क्रेडिट रिपोर्ट ही नहीं मिलती बल्कि क्रेडिट स्कोर बनने की प्रक्रिया और उसपर आपको नियमित जांच करने का विकल्प भी मिलता है।

सिबिल कंपनी यह सुविधा प्रदान करने के लिए 500 रुपये फीस के तौर पर चार्ज करती है। 500 रुपया एक वर्ष के लिए फीस होती है। 2 वर्ष के लिए 800 रुपये भुगतान करना होता है। वहीं आपको बता दें कि अगर आप एक साल में 4 रिपोर्ट लेना चाहते हैं कि आपको 1200 रुपये भुगतान करना होगा।

पैन कार्ड से ऐसे करें सिबिल रिपोर्ट के लिए रजिस्ट्रेशन

  • सिबिल की वेबसाइट www.cibil.com ओपन करें।
  • उस मेम्बरशिप को सलेक्ट करें जिसकी सदस्यता आप लेना चाहते हैं।
  • जरूरी जानकारी जैसे पैन नंबर, ईमेल एड्रेस, जन्मतिथि, जेंडर का इत्यादि का चयन करें।
  • अब फीस जमा करें। फीस आप ऑनलाइन तरीके से ही भुगतान कर सकते हैं।
  • अब आपको अपने लोन से संबंधित और क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी भरना होगा।
  • फॉर्म भरने के बाद एक बार क्रास चेक करें और फॉर्म सबमिट कर दें।

फॉर्म सबमिट करने के बाद CIBIL के अधिकारी आपसे जानकारी कंफर्म करने के लिए संपर्क करेंगे। जानकारी कंफर्म होने के बाद संबंधित व्यक्ति को सिबिल रजिस्ट्रेशन नंबर और भुगतान की लेनदेन आईडी बताए गए ईमेल आईडी पर भेज दिया जाता है।

जानिए भारत में कैसे मिलता है बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन?

सिबिल रजिस्ट्रेशन आईडी से CIBIL वेबसाइट पर लॉग इन करना होता है। CIBIL वेबसाइट पर लॉग इन करने के बाद अपलोड किए गए दस्तावेजों को CIBIL द्वारा सत्यापित किया जाएगा और रिपोर्ट तैयार की जाएगी (कंपनी क्रेडिट रिपोर्ट, अर्थात, CCR और CIBIL रैंक) ।

सिबिल रैंक को समझिए

CIBIL रैंक 1 से 10 तक के बीच की संख्या होती है। बिजनेस लोन के लिए 1 से 4 के बीच की रैंक और व्यक्तिगत लोन के लिए 1 से 3 के बीच रैंक बहुत बेहतर होती है। आपको बता दें कि सिबिल रजिस्ट्रेशन के समय पैन कार्ड नंबर और केवाईसी को सही तरीके से अपलोड करना अनिवार्य होता है। बिना इस दस्तावेज़ों के क्रेडिट रिपोर्ट नहीं बनती है।

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