छोटे कारोबारियों को बिजनेस की जरूरतों को पूरा करने और बिजनेस को बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन की आवश्यकता होती है। बाजार में दो तरीके के लोन उपलब्ध हैं। पहला सिक्योर्ड लोन और दूसरा अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन। छोटे कारोबारियों को बिजनेस लोन प्राप्त करने में परेशानी होती है। इसका सबसे बड़ा कारण है, कि छोटे कारोबारियों के पास सिक्योरिटी के रूप में जमा करने के लिए कुछ भी नहीं होता है। जिसके कारण वे बिजनेस लोन प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं।

अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन

आज हम आपको बताएंगें कि सिक्योर्ड बिजनेस लोन और अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन में क्या अंतर है और छोटे कारोबारियों के लिए कौन सा बिजनेस लोन ज्यादा बेहतर और सहायक साबित होता है।

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सिक्योर्ड बिजनेस लोन-

सिक्योर्ड बिजनेस लोन उस लोन को कहते हैं, जिसे प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सिक्योरिटी के रूप में संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है। यह संपत्ति सोना, प्रॉपर्टी और गाड़ी इनमें से कुछ भी हो सकती है। हालांकि इन सभी चीजों पर लोन की दर अलग-अलग होती है। ये संपत्ति (एसेट) द्वारा सुरक्षित होते हैं। सिक्योर्ड लोन से हम आसानी से ज्यादा राशि ले सकते हैं। सिक्योर्ड लोन में मासिक भुगतान कम होता है।

अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन-

अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन संपत्ति से जुड़े नहीं होते हैं। अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन प्राप्त करने के लिए कारोबारियों को किसी भी प्रकार की कोई भी संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती है। यह केवल उस आधार पर दिया जाता है, जिससे आपके आय और खर्च का निर्धारण हो सके| सामान्यत: अगर आपका सिबिल स्कोर अच्छा है और अगर आपने पूर्व में लिए गये किसी भी तरह के छोटे-बड़े loan को समय पर भुगतान कर दिया है, तो आपके लिए कोई चिंता की बात नहीं है। आप बड़े आराम से अपने लिए अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन  प्राप्त कर सकते हैं।

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दोनों में से कौन है बेहतर-

सिक्योर्ड लोन की लिमिट हमेशा अनसिक्योर्ड लोन से ज्यादा होती है। अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन जल्दी से मंजूर हो जाता है और सिक्योर्ड बिजनेस लोन मंजूर होने में काफी समय लेता है। सिक्योर्ड लोन में ब्याज दर संपत्ति के कारण कम होती है और अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन में ज्यादा। सिक्योर्ड लोन में ब्याज दर अनसिक्योर्ड लोन से कम होती है।

ये तो हो गए इनके मूलभूत अंतर लेकिन अगर छोटे कारोबारियों की व्यवसायिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाए, तो उनके लिए सबसे बेहतर विकल्प अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन ही होता है। क्योंकि सिक्योर्ड बिजनेस लोन में उनकी संपत्ति गिरवी रखी होती है, जिसके कारण उनके मन में एक टेंशन हमेशा बनी रहती है और वे अपने बिजनेस पर ध्यान नहीं केन्द्रित कर पाते हैं। इसके साथ ही अगर उनके पास कोई संपत्ति गिरवी रखने के लिए ना हो, तो फिर वे बिजनेस लोन से वंचित हो जाते हैं।

अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन

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अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन है बेहतर विकल्प-

जबकि वहीं अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन में कारोबारी बिना किसी सिक्योरिटी के बिजनेस का लाभ उठाते हैं और अपने बिजनेस को आगे बढ़ाते हैं। इसमें कारोबारी को बिजनेस लोन से वंचित नहीं होना पड़ता। इसके साथ ही सिक्योरिटी के रूप में जमा की गई संपत्ति की भी चिंता नहीं होती है।