बिजनेस करना हमेशा से ही फायदे का सौदा रहा है। बिजनेस में फायदा और नुकसान चलता है। ऐसा नहीं हो सकता है कि बिजनेस में हमेशा घाटा ही हो या हमेशा फायदा ही हो। घाटा और मुनाफा कारोबार का एक हिस्सा है।

देश के युवा अब नौकरी करने के बजाय बिजनेस को प्राथमिकता देते हैं। नौकरी और बिजनेस का अपना फायदा और अपना नुकसान है। नौकरी में जहां व्यक्ति कर्मचारी बनता है वहीं बिजनेस में व्यक्ति खुद का मालिक बनता है।

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ऐसे में जब व्यक्ति अपने बिजनेस का खुद मालिक बनता है तब वह अपने द्वारा लिए गये हर निर्णय का खुद जिम्मेदार होता है। यानी बेहतर हुआ तो भी और कुछ नुकसान हुआ तो भी व्यक्ति खुद ही जिम्मेदार होता है।

ऐसा कहा जाता है कि व्यक्ति को अगर आगे बढ़ना है तो उसे अपने जीवन में रिस्क लेना ही पड़ता है। लेकिन रिक्स लेने लेने के बाद व्यक्ति कोई दोनों यानी घाटा – मुनाफा के लिए मानसिक तौर पर तैयार होना चाहिए।

कारोबार में ऐसा अक्सर होता है कि बिजनेसमैन कोई फैसला लेता है और वह फैसला सही नहीं होता है जिसके वजह से कारोबारी को नुकसान झेलना पड़ता है। इससे लोग उस कारोबारी के फैसले पर शक करने लगते हैं। ऐसा होना नहीं चाहिए।

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गलतियां सभी से होती हैं। इंसान गलतियों का पुतला है। अगर वह गलती नहीं करेगा तो आगे नहीं बढ़ पायेगा। लेकिन समझदारी इस बात में हैं कि दूसरों के गलतियों से सीखते हुए उन गलतियों को करने से बचना चाहिए।

आइये इस आर्टिकल में उन गलतियों के बारें में समझते हैं जो कारोबारी करते हैं और अपने बिजनेस में नुकसान झेलते हैं। आप इस गलतियों से सीखते हुए ऐसी गलतियां करने से बच सकते हैं और अपने बिजनेस का मुनाफा अधिक बढ़ा सकते हैं।

बिजनेस में इस तरह की गलतियां करना महंगा साबित हो सकता है

  1. गलत लोकेशन पर बिजनेस स्टार्ट करना
  2. बिना मार्केट रिसर्च किये बिजनेस खोलना
  3. ग्राहकों के साथ खराब व्यवहार करना
  4. समय पर बिजनेस बढ़ाने के बारें में नहीं सोचना
  5. अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी होना

गलत लोकेशन पर बिजनेस स्टार्ट करना

अगर लोकेशन सही नहीं रहेगी तो बिजनेस नहीं चलेगा इसकी पूरी संभवना होती है। गलत लोकेशन का मतलब है पब्लिक की पहुंच से दूर वाली ऐसी जगह पर बिजनेस खोलना जहां ग्राहक न पहंच सकें। गलत लोकेशन हम उन जगहों को भी कह सकते हैं जहां पर किसी खास प्रोडक्ट के ग्राहक न होना लेकिन वहां उस लोकेशन पर बिना मांग वाले प्रोडक्ट का बिजनेस खोलना। बिजनेस शुरु करने से पहले उस स्थान के बारें में जांच – पड़ताल अच्छी तरह से कर लेना अनिवार्य होता है।

बिना मार्केट रिसर्च किये बिजनेस खोलना

बिजनेस शुरु करने के लिए बेसिक होता है मार्केट रिसर्च करना। मार्केट रिसर्च में यह बात पता चल जाती ही कि जहां बिजनेस शुरु होने वाला है वहां पर किस तरह की पब्लिक है और किस तरह की प्रोडक्ट की मांग होने वाली है। कारोबारी को इस बात का हमेशा ध्यान देना चाहिए कि बिजनेस उसी प्रोडक्ट का शुरु करें जिसकी मांग ग्राहक करते हैं।

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बिना मांग वाले बिजनेस को करने की गलती करने से बचना चाहिए। समय के साथ चीजों में तेजी से बदलाव हो रहा है तो कोशिश यह करना चाहिए कि मार्केट में लाँच नये प्रोडक्ट अपने बिजनेस पर ला सकें। इससे बिजनेस की अलग पहचान बनती है तो ग्राहकों में बिजनेस पॉपुलर भी होता है।

ग्राहकों के साथ खराब व्यवहार करना

बिजनेस में ‘ग्राहक’ राजा होता है। बिजनेसमैन ‘सेवादार’। यानी ग्राहक जिस चीज की मांग करता है उस चीज को मुहैया कराना कारोबारी का कर्तव्य होना चाहिए। इसमें दोनों का ही फायदा है। कस्टमर और कारोबारी के बीच का व्यवहार सबसे महत्वपूर्ण होता है। ग्राहक स्वभाव से कई तरह के हो सकते हैं लेकिन कारोबारी को हमेशा संयम के साथ पेश आना चाहिए।

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बिजनेसमैन की यह कोशिश होना चाहिए कि कस्टमर नाराज होकर न जाए। अगर कोई कस्टमर किसी बात से नाराज हो भी जाता है तो उसे कोई स्कीम देकर मनाने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि, एक कस्टमर अगले 10 कस्टमर को खराब कर सकता है। इस तरह बिजनेस की गतिविधि प्रभावित हो सकती है। इसलिए बिजनेस में कभी किसी भी बात को अहम पर नहीं लेना चाहिए।

समय पर बिजनेस बढ़ाने के बारें में न सोचना

कारोबारी शुरुवात में कम पैसों में बिजनेस शुरु कर देते हैं। बिजनेस चल जाता है। अब जब उनकों अपना बिजनेस बढ़ाना होता है तब वह खुद के पैसों को इक्कठा होने का इंतजार करने लगते हैं। यह ठीक नहीं है। कारोबारी को जब लगे कि बिजनेस ठीक चल रहा है और अब बिजनेस बढ़ाना चाहिए तो बिना देर किये बिजनेस लोन के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर देना चाहिए।

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बिजनेस लोन की मदद से बिजनेस का विस्तार समय से कर लेने में बहुत भलाई है। क्योंकि, अगर आप धन इक्कठा होने का इंतजार करते रहेंगे तब तक कोई और अपना बिजनेस खोल लेगा और ग्राहकों का बंटवारा हो जायेगा। इसका सीधा असर कारोबारी के मुनाफा पर पड़ेगा। इससे बेहतर है कि जब लगे कि अब बिजनेस का विस्तार करना चाहिए, तो तुरंत बिजनेस लोन की मदद लेना चाहिए।

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बिजनेस लोन की रकम को मंथली EMI के रुप में चुकाया जा सकता है। इस तरह बिजनेस का विस्तार भी हो जायेगा और कारोबारी को आर्थिक बोझ का भी सामना नहीं करना पड़ेगा। आपको जानकारी के लिए बता दें कि देश की प्रमुख एनबीएफसी ZipLoan द्वारा एमएसएमई करोबारियों को 7.5 लाख रुपया तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, सिर्फ 3 दिन* में मिलता है।

अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी होना

अक्सर ऐसा होता है कि पैसा आने पर खर्च बढ़ ही जाता है। लेकिन एक कारोबारी को मितव्ययी होना चाहिए। अतार्थ जितना आवश्यकता हो उतना ही खर्च करना चाहिए। क्योंकि एक कारोबारी को हर वक्त इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि कभी भी बिजनेस में धन की जरूरत हो सकती है। इसलिए व्यक्तिगत खर्च में कटौती करने का प्रयास करना चाहिए।

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जहां तक बिजनेस में होने वाले खर्च की बात है तो बिजनेस की जरूरत को पूरा करना हर कारोबारी का धर्म होना चाहिए। अगर बिजनेस का जरूरी खर्च पूरा करने में आर्थिक समस्या आ रही हो तो वर्किंग कैपिटल लोन लेकर बिजनेस के खर्चों को मेंटेन कर लेना चाहिए।

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