कहते हैं कि इंसान गलतियों का पुतला होता है। इंसानों से गलतियां हो ही जाती हैं। लेकिन समझदार वह होता है जो गलती से सीख लेकर फिर गलती को नहीं दोहराता है। और चतुर वह होत है जो दूसरो की गलती से सीख लेता है। बिजनेस भी इससे कुछ अलग नहीं है।

बिजनेस का संचालन करते वक्त बिजनेस मालिको से कुछ गलतियां हो जाती है। इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि वह कौन – कौन सी गलतियां हैं जो कारोबारी से अनजाने में हो जाती हैं और कैसे गलती को सुधारा जा सकता है ताकि बिजनेस पर उसका कोई प्रभाव न पड़े।

कारोबारी द्वारा अनजाने में की जाने वाली गलतियां

एमएसएमई बिजनेस कैटेगरी की अगर बात करें तो इस कैटेगरी में बिजनेस करने वाले कारोबारी अत्यधिक व्यस्त होते हैं। क्योंकि एमएसएमई कारोबार बेहद सीमित संसाधनों से चलता है। इसमे लोग कम होते हैं। तो बहुत बार मालिक खुद बिजनेस में काम करते हैं या ग्राहकों को डील करते हैं। ऐसे मे अनजाने में यह पता ही नहीं चलता है कि उनके द्वारा गलती की जा रही है। एमएसएमई बिजनेस मालिक द्वारा कुछ इस तरह की गलतियां अनजाने में हो जाती हैं:

  1. बिजनेस प्लानिंग न करना
  2. तय समय पर उपकरण की खरीद न होना
  3. ग्राहको के साथ ठीक तरह से व्यवहार न करना
  4. ग्राहक बेस बढ़ाने के लिए आवश्यकता से अधिक डिस्काउंट देना
  5. पहले से स्वीकार शर्तो को नकारना

बिजनेस की प्लानिंग न करके चलना

कारोबार में हमेसा प्लानिंग करके चलना चाहिए। अगर बिजनेस प्लानिंग नहीं होता है तो चीजे ठीक तरह से वर्क नहीं करती है। कारोबार का कोई भविष्य नहीं रह जाता है। ऐसे में एक समय के बाद बिजनेस ठप हो जाने का खतरा रहता है। बिजनेस प्लानिंग इस तरह से की जा सकती है

बिजनेस प्लानिंग में निम्नलिखित चीजें आती हैः

  • बिजनेस प्रोडक्ट
  • बिजनेस की ग्रोथ
  • कारोबार की दिशा
  • बिजनेस का संचालन करने के लिए फंड का सोर्स
  • कर्मचारियों का करियर प्रोग्रेस

इस सभी पर कारोबारी को बेहद गंभीरता से विचार करना चाहिए। क्योंकि यहीं वह महत्वपूर्ण बिंदु होते हैं जिसपर किसी भी बिजनेस का भविष्य टीका होता है।

तय समय पर उपकरण की खरीद न होना

कारोबार का संचालन करने के लिए समय – समय पर उपकरणों की आवश्यकता होती है। कुछ पहले से चल रहे उपकरणों को ठीक रखने के लिए रिपेयर इत्यादि कराना होता है। अगर ठीक समय पर उपकरण रिपेयर नहीं होगा तो बिजनेस का प्रोडक्शन प्रभावित हो सकता है। इसलिए उपकरण के बंद होने से पहले ही उपकरणों को रिपेयर करवा लेना चाहिए।

जहां तक नये उपकरणों की खरीद का मसला है तो यह अनिवार्य कैटेगरी में आता है। क्योंकि आवश्यकतानुसार नये उपकरणों की खरीद नहीं की गई तो इसका सीधा असर बिजनेस पर पड़ेगा। कई बार बिजनेस मालिक के पास इतना फंड नहीं होता है कि जिससे वह नये उपकरणों की खरीद कर सकें। तो यहां पर ऐसे कारोबारियों को बिजनेस लोन लेने की सलाह दी जाती है।

अभी बिजनेस लोन पाए

वर्तमान समय में सरकारी बैंको के साथ ही कई एनबीएफसी से बहुत ही आसाम तरीके से बिजनेस लोन मिल जाता है। तो बिजनेस लोन का लाभ उठाना चाहिए और समय पर जरुरी उपकरणों की खरीद कर लेना चाहिए। इससे बिजनेस में संतुलन बना रहता है और मुनाफा भी प्रभावित नहीं होता है।

ग्राहको के साथ ठीक तरह से व्यवहार न करना

ऐसी समस्या का सामना तब करना पड़ता है जब बिजनेस प्रोडक्ट ऐसा हो, जिससे में सीधे ग्राहकों से सीधे डील करना पड़ता हो। कस्टमर डीलिंग में बहुत बात तब दिक्कत का सामना करना पड़ जाता है जब कारोबारी के पास एक साथ कई काम होता है तो कारोबारी ग्राहक की बातों का सहीं प्रकार से जवाब नहीं दे पाता है। इसका प्रभाव यह होता है कि ग्राहक उससे नाराज हो जाता है औऱ कारोबारी को इस बात की भनक भी नहीं लगता है।

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इस समस्या का समाधान बहुत ही आसान है। पहला समाधान तो यह है कि बिजनेस मालिक को सीधे कस्टमर से डील नहीं करना चाहिए। इससे संबंध खराब होने का खतरा होता है। दूसरा तरीका यह है कि बिजनेस मालिक कस्टमर डील भी कर रहे हैं तो सिर्फ उन्हें एक ही काम कस्टमर से डील करने का करना चाहिए। इससे झंझलाहट नहीं होगी और बिजनेस सतत् चलता रहेगा।

ग्राहक बेस बढ़ाने के लिए आवश्यकता से अधिक डिस्काउंट देना

बहुत से कारोबारियों की यह सोच होती है कि कैसे भी करके पहले ग्राहकों को अपने बिजनेस की तरफ खींचों। इसके लिए कारोबारी अत्यधिक डिस्काउंट देने की घोषणा कर देते हैं। इस प्रक्रिया से ग्राहक तो बिजनेस पर आ जाते हैं लेकिन वह ग्राहक लायल ग्राहक नहीं बनते हैं। वह छूट का लाभ उठाते हैं और फिर गायब हो जाते हैं।

इससे सबसे बड़ा नुकसान बिजनेसमैन को होता है। क्योंक वह एक तो सामान का दाम कम करता है दूसरो ग्राहक भी उसके यहां लौटकर नहीं आता है। ऐसे में बिजनेस अस्थिर हो जाता है। इसका समाधान यह है कि बिजनेस में कभी भी इस प्रकार की छूट का ऑफर नहीं देना चाहिए जिससे खुद का नुकसान होने का खतरा हो। ग्राहक बेस बढ़ाने के लिए निम्न सोपान का पालन करेः

  • ग्राहको के साथ बेहतर व्यवहार करें
  • ग्राहको के लिए बेहतर प्रोडक्ट चुनने में उनकी मदद करें
  • बिजनेस में हर वक्त सामान फुल रखें
  • नई चीजों को अपने बिजनेस पर लेकर आइए

पहले से स्वीकार शर्तो को नकारना

किसी भी बिजनेस की उसकी ईमेज ही सबकुछ होती है। अगर मार्केट में एक बार भी यह रियूमर फैल गया कि फला कारोबारी पहले गारंटी देता है लेकिन बाद में मुकर जाता है। तो समझिए कि आधा बिजनेस वही पर खत्म हो गया। क्योंकि एक बात सुनकर 10 लोग प्रभावित होंगे और बिजनेस पर आने से कतराएगे। यह इलेक्ट्रानिक्स के बिजनेस में अधिक होता है। इसलिए एक बात गांठ बाध लिजिए कि आपने जो भी कमिट किया है उसे हर हाल में पूरा करें। ताकि ग्राहकों का भरोसा बना रहे।