जैसे-जैसे भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है, वैसे-वैसे देश में बिजनेस लोन लेने वाले ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। बैंक और NBFCs सुरक्षित और असुरक्षित बिजनेस लोन आकर्षक दरों पर ऑफर कर रहे हैं। भारत में ऑनलाइन लैंडिंग प्लेट्फ़ॉर्म की संख्या बढ़ने से बिजनेस लोन लेना काफी आसान हो गया है। इसीलिए आज हम आपको बिजनेस लोन से जुड़ी वे 6 बातें बताने जा रहे हैं, जिनका लोन लेते वक्त ध्यान रखना चाहिए।

बिजनेस लोन लेते वक्त ध्यान रखने वाली बातें

कर्ज भुगतान की क्षमता के अनुरूप ही लें उधार

आप बिजनेस लोन किसी भी माध्यम से लीजिए, लेकिन ये जरूर ध्यान रखिए कि बिजनेस लोन की रकम आपकी लोन चुका सकने की क्षमता के अनुरूप ही हो। बिजनेस लोन लेने से पहले ये जरूर सुनिश्चित कर लें कि आप अपनी नियमित आय से पैसा बचा कर लोन की रकम एक निश्चित समय में चुका सकते हैं या नहीं।

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ब्याज दरें: फिक्स्ड या वेरिएबल-

ब्याज दरें 2 प्रकार की होती हैं- फिक्स्ड और वेरिएबल। फिक्स्ड ब्याज दर वाले लोन के मामले में कर्ज की पूरी अवधि तक ब्याज दरें एक ही रहती हैं। वेरिएबल ब्याज दरों वाले लोन में इंटरेस्ट रेट्स मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) से जुड़ी होती हैं और इनमें बदलाव होता रहता है। अपनी ब्याज दर सोच-समझ कर चुनें क्योंकि फिक्स्ड टू वेरिएबल रिजीम में शिफ्ट होना इतना आसान नहीं है। इसमें कुछ खर्च जुड़े होते हैं।

बिजनेस लोन कम से कम समयावधि के लिए लें-

किसी भी तरह के लोन को चुकाने की अवधि जितनी ज्यादा होगी उतनी ही ज्यादा धनराशि को आपको चुकानी पड़ेगी। टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि लोन की अवधि जितनी कम होती उतना ही लोन चुकाने के लिए अच्छा होता है। लोन चुकाने की समयावधि बढ़ाने पर EMI की राशि तो कम हो जाती है लेकिन कर्जदाता की ओर से चुकायी जाने वाली कुल रकम बढ़ जाती है।

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प्री पेमेंट या पार्ट पेमेंट चार्ज-

बिजनेस लोन लेते वक्त अधिकतर व्यवसायियों को यह अंदाजा नहीं होता कि वे समय से पहले लोन चुका सकते हैं या नहीं। आप यह ध्यान रखें कि आप लोन को समय से पहले चुकाने से संबंधित सभी नियम एवं शर्त को लोन लेने के पहले ही जान लें। जिससे कि अगर लोन समय से पहले चुकाने में कोई चार्ज लग रहा हो, तो आप इससे बचने के रास्ते निकाल सकें। कुछ लोन में एक साल से पहले इसके पार्ट या प्री पेमेंट की इजाजत नहीं होती। कोशिश करिए कि ऐसा बिजनेस लोन लीजिए जिसमें आप प्री पेमेंट या पार्ट पेमेंट कर सकें। Ziploan से बिजनेस लोन लेने पर किसी भी तरह की प्री पेमेंट या पार्ट पेमेंट कोई भी चार्ज नहीं लगता है।

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प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्च-

लोन की स्कीम में इधर-उधर के कई प्रकार के खर्च जुड़े होते हैं, जो लोन का दबाव बढ़ा देते हैं। इसमें प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेजों का खर्च, प्री-पेमेंट चार्जेज, पेनल्टी जैसी कई शर्ते छुपी होती हैं। इनके बारे में तब तक नहीं बताया जाता, जब तक आप पूछते नहीं हैं। इसलिए बिजनेस लोन के बारे में जानकारियां लेते वक्त इन सभी खर्चों के बारे में जरूर पूछें।

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बिजनेस में जरूरी चीजों के लिए लोन जरूर लें-

हर बिजनेसमैन की ख्वाहिश होती है कि वह अपने बिजनेस को एक नए मुकाम पर ले जाए। जिसके लिए उसे अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है। अगर आपकी भी अपने बिजनेस के भविष्य के लिए योजनाएं हैं, तो आप बिजनेस लोन जरूर लीजिए। अपने बिजनेस के भविष्य की योजनाओं को प्रभावित न करिए।

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