बिजनेस लोन वर्तमान समय में कारोबारियों के लिए जरूरत बन गया है। कारोबारी बिजनेस लोन के अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं और कारोबार को बड़ा कर सकते हैं। लेकिन बिजनेस लोन लेने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों को याद रखना बहुत आवश्यक है।

आज के इस बेहताशा बढ़ती जनसंख्या वाले दौर में हर इंसान को नौकरी मिल सके। यह किसी भी तरीके से मुमकिन नहीं है। यह मुमकिन इसलिए भी नहीं हो सकता है, क्योंकि भारत की जनसंख्या वर्तमान में सवा सौ करोड़ से भी अधिक है।

सवा सौ से अधिक जनसंख्या वाले देश में किसी भी सरकार के लिए सभी लोगों के लिए नौकरी का अवसर उपलब्ध कराना बहुत बड़ी चुनौती है। ऐसे में स्वरोजगार और उद्योग रोजगार का बेहतरीन तरीका है। आज की तारीख में कुल उपलब्ध रोजगार में लगभग 80% रोजगार उद्योग और स्वरोजगार के जरिये से रोजगार के मौके उपलब्ध हैं।

2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही देश में कारोबारियों के लिए माहौल बेहतर होना शुरु हो गया। चूंकि नरेंद्र मोदी देश का प्रधानमंत्री बनने से पहले गुजरात जैसे विकसित राज्य के 3 बार मुख्यमंत्री रह चुके थे।

नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गुजरात राज्य विकास की बुलंदियों पर पहुंचा। वहां के कारोबारियों को बेहतर माहौल मिला, जिससे उन्हें अपना बिजनेस चलाने में और बिजनेस का विस्तार करने में आसानी हुई।

ठीक उसी प्रकार से नरेंद्र मोदी जी जब देश के प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए, जिससे कारोबारियों को सीधे तौर लाभ मिला। लालफीताशाही समाप्त हुई। परमिशन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बना और कारोबारियों को आर्थिक मदद देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना और स्टैंड अप इंडिया जैसी लोन योजनाएं शुरु की गई।

इन सभी प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि देश में कारोबार का माहौल तैयार हो गया। कारोबारी बेहिचिक इन्वेस्ट करने लगे। इनसब का सबसे सुखद परिणाम यह हुआ कि देश में नौकरी के अवसर बढ़ा जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ।

लेकिन क्या सभी कारोबारी एक जैसे होते हैं या सभी कारोबारियों के पास इतना धन होता है कि जिससे वह अपना बिजेनस आसानी से चला सकें? इसका उत्तर है- नहीं। सभी कारोबारी एक जैसे नहीं होते हैं और न ही सभी कारोबारियों की आर्थिक हैसियत एक जैसी होती है।

कुछ कारोबारी ऐसे होते हैं, जिनकी आर्थिक हैसियत कम होती है, जिन्हें अपना बिजनेस चलाने के लिए समय – समय पर बिजनेस लोन की आवश्यता पड़ती रहती है। बिजनेस लोन कारोबारियों के लिए बहुत साहायक साबित होता है। लेकिन बिजनेस लोन लेने से पहले कुछ आवश्यक बातों को जरुर याद रखना चाहिए।

बिजनेस लोन बैंक से लेना है एनबीएफसी से?

आज की तारीख में बिजनेस लोन का बहुत ऑप्शन मौजूद है। वर्तमान में लगभग सभी बैंकों के साथ बहुत सी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) से बिजनेस लोन बहुत आसानी से मिलता है।

ऐसे में देखें तो वर्तमान में कारोबारियों के सामने बिजनेस लोन लेने का एक से अधिक विकल्प मौजूद है। जब किसी व्यक्ति के किसी चीज का एक से अधिक विकल्प होता है तो उसे चुनने में दिक्कत होती है। चूंकि लोन एक फाइनेंशियल प्रोडक्ट है, इसको लेकर कारोबारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का प्रयास करना चाहिए।

बैंक से बिजनेस लोन

जब कोई कारोबारी द्वारा बैंक से बिजनेस लोन लेने का प्रयास किया जाता है तो उस कारोबारी से बहुत से कागजात मांगे जाते हैं। बैंक लोन देने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहता है कि जिसको वह लोन देने वाला है उस व्यक्ति की आर्थिक स्थिति कैसी है? अगर व्यक्ति लोन वापस नहीं कर पाया तो उसके एवज में कोई ऐसी संपति है नहीं जिसे बेचकर लोन की रकम वसूल किया जा सके।

इस तरह बहुत से कारोबारी बिजनेस लोन प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। क्योंकि, अधिकतर कारोबारियों के पास उस तरह की कोई संपति नहीं होती है, जिसे गिरवी रखकर वह लोन ले सकें। और जिस कारोबारी की आर्थिक हैसियत ठीक – ठाक हो वह उसे बिजनेस लोन लेने की आवश्यकता ही क्यों होगी भला?

एनबीएफसी से बिजनेस लोन

भारत में अब आईटी क्रांति हो चुकी है यानी भारत में पूर्ण रुप से टेक्नोलॉजी का दौर आ चुका है। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर इससे अछूता कैसे रहता भला। नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी यानी एनएबसीएफसी भी बैंकिंग सेक्टर में टेक क्रांति की एक उपज है।

एनबीएफसी को फिनटेक भी कहा जाता है। फिनटेक का मतलब फाइनेंस टेक्नोलॉजी है। पिछले 20 वर्षों में फिनटेक सेक्टर द्वारा बैंकिंग के लोन प्रोडक्ट पर काफी काम किया गया है। एनबीएफसी पूर्ण से रुप से टेक्नोलॉजी संचालित होती है।

टेक संचालित होने के चलते एनबीएफसी का कार्य बहुत तेजी से होता है। देखा जाए तो एनबीएफसी का अधिकतर काम इंटरनेट पर ही होता है। इसलिए फिनटेक कम्पनियों द्वारा कारोबारियों को बिजनेस लोन बहुत तेजी से प्रदान किया जाता है।

एनबीएफसी की खास बात यह है कि ये बिजनेस लोन देने के लिए बहुत अधिक शर्तों को नहीं लगाती हैं या बहुत अधिक कागजी दस्तावेजों की मांग नहीं करती है। इसी के साथ आपको जानकारी के लिए बता दें कि एनबीएफसी बिजनेस लोन प्राप्त करने के लिए कोई भी संपति गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती है।

इस लिहाज से देखा जाये तो बैंकों की अपेक्षा बिजनेस लोन नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) से लेना ज्यादा फायदेमंद हैं। आपको जानकारी के लिए बता दें कि देश की प्रमुख एनबीएफसी ZipLoan द्वारा एमएसएमई कारोबारियों को 7 लाख 50 हजार रुपये तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जाता है।

बिजनेस लोन की ब्याज दर क्या है?

किसी भी तरह का लोन लेने से पहले लोन की ब्याज दर के बारे में बहुत ध्यान से समझ लेना चाहिए। लोन की ब्याज दर ही एक ऐसा एलिमेंट है जो लोन चलने तक व्यक्ति को प्रभावित करती है।

जब कारोबारी बिजनेस लोन लेता है तो उसे लोन चुकाने के साथ – साथ लोन पर लागू ब्याज दर भी चुकाना पड़ता है। इसीलिए जब भी कोई कारोबारी बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें तो सबसे पहले ब्याज दर के बारे जानकारी प्राप्त कर लेना सबसे महत्वपूर्ण होता है। आइये ब्याज के बारें में विस्तार से समझते हैं।

ब्याज क्या है और कितनी तरह का होता है?

इंटरेस्ट यानी ब्याज। ब्याज को ही इंग्लिश में इंटरेस्ट कहते हैं। ब्याज एक ऐसा शुल्क है जिसे लोन पर लगाया जाता है। यह लिए गए लोन की रकम के लिए अदा की गयी कीमत है। या इसे हम लोन की रकम का किराया भी कह सकते हैं।

ब्याज, ऋणदाता (लोन देने वाले बैंक या एनबीएफसी कंपनी) के लिए एक मुआवजा होता है जो उसे मूल धन के जोखिम के लिए दिया जाता है जिसे लोन रिस्क कहा जाता है।

ब्याज के बारे में सबसे प्रचलित अवधारणा है कि यह बैलेंस बनाने का काम करता है। मतलब जिसे पैसों की तत्काल जरूरत होती है, उसे पैसे मिल जाते हैं और बदले में पैसे उधार देने वाले को उन पैसों का किराया प्राप्त हो जाता है। इस तरह दोनों पार्टियों का मान हो जाता है।

ब्याज दर मुख्य रुप से दो तरीके का होता है:

  • साधारण ब्याज (Simple interest)
  • चक्रवृद्धि ब्याज (Compound interest)

साधारण ब्याज (Simple interest) क्या होता है?

इसे सिर्फ मूल रकम पर लगाया जाता है। साधारण ब्याज की गणना केवल मूल राशि पर, या मूलधन के उस भाग पर जिसे अभी तक अदा नहीं किया गया हो की जाती है। साधारण ब्याज की राशि की गणना फ़ॉर्मूले के अनुसार की जाती है।

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound interest) क्या होता है?

यह साधारण ब्याज की तरह ही होता है लेकिन इसमें कुछ परिवर्तन होता है। इसमें समय के साथ इनका अंतर काफी गहरा होता जाता है। यह अंतर इसलिए है क्योंकि बकाया ब्याज को देय बकाया राशि में जोड़ा जाता है।

इसे दूसरे तरीके से पेश किया जाए तो, उधारकर्ता पर पिछले ब्याज पर ब्याज लगाया जाता है। यह मानते हुए कि मूल धन या बाद के ब्याज का की किसी भी हिस्से का भुगतान नहीं किया गया है। चक्रवृद्धि ब्याज की राशि की गणना फ़ॉर्मूले के अनुसार की जाती है।

जांच करें कि ब्याज दर फिक्स्ड है या वेरिएबल है?

जैसा कि ऊपर ब्याज दर के बारे में जानकारी दी गई है। उसी के क्रम में ब्याज के बारे में यह भी जानना बहुत जरूरी है कि आपको जो लोन ऑफर हुआ है उसकी ब्याज दर फिक्स्ड है या वेरिएबल। ब्याज दर फिक्स्ड और वेरिएबल होने के अपने फायदे और नुकसान हैं। जानिए क्या है फिक्स्ड और वेरिएबल ब्याज दर।

फिक्स्ड ब्याज दर क्या है?

फिक्स्ड ब्याज दर का मतलब है जो शुरुवात में ब्याज दर बताई गई होगी, वही एक समान रूप से लोन के ख़त्म होने तक चलेगी।

वेरिएबल ब्याज दर क्या है?

वेरिएबल ब्याज मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (MCLR) से जुड़ी होती हैं और इनमें बदलाव होता रहता है।

दोनों ब्याज दर का अपना अलग – अलग फायदा है। वेरिएबल रेट्स में फायदा आपको तब होता है, जब ब्याज दरें और कम हो जायें। जब आप देख रहे हों कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका है, तब आपको तुरंत फिक्स्ड ब्याज दर वाले रेट पर बिजनेस के लिए लोन लेने का निर्णय लेना चाहिए।

बिजनेस लोन प्री पेमेंट चार्जेस फ्री है या नही है?

कारोबारी सहित यह सभी लोगों के लिए जानना बहुत जरूरी है कि लोन प्री पेमेंट चार्जेस है या नही है। क्योंकि समय से पहले लोन चुकाने पर अगर किसी तरह का चार्ज लग रहा है तो यह ठीक बात नहीं है।

कारोबार में अकसर ऐसा होता है कि कारोबारी जरुरत पड़ने पर बिजनेस के लिए लोन तो ले लेते हैं। लेकिन कुछ समय बाद मुनाफा होने पर अतिरिक्त ब्याज दरों से बचने के लिए जल्दी ही लोन की रकम वापस करना चाहते हैं।

लेकिन, जब कारोबारी बैंक या एनबीएफसी कंपनी से तय समय से पहले लोन वापस करने की बात करते हैं, तो बैंक या फाइनेंस कंपनी द्वारा प्री पेमेंट चार्ज लगाने की बात कही जाती है। चार्ज भी लोन की कुल रकम का 4 से 8% तक का होता है। ऐसे में जहां पर प्री पेमेंट चार्जेस फ्री बिजनेस लोन मिले वहां से बिजनेस लोन लेने का चुनाव करना बेहतर रहता है।

लोन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने से पहले बढ़िया से पढ़ें

यह बेहद जरूरी होता है। जहां भी यह लिखा होता “शर्तें लागू” वहां आपको खास ध्यान देने की जरूरत होती है। बिजनेस लोन लेने के दौरान किसी भी कारोबारी को यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी होता है कि कंपनी की शर्तें क्या – क्या है।

कभी – कभी ऐसा भी होता है कि कुछ छुपी शर्तें होती है, इसका पता कारोबारी को लोन लेने के बाद पता चलता है तो उसको लगता है कि उसके साथ कुछ फ्राड हुआ है।

इस तरह की किसी भी समस्या से बचने के लिए लोन देने वाली कंपनी की सभी शर्तों के बारे बहुत इत्मीनान से पता कर लें और किसी और अन्य प्रकार के लगने वाले चार्ज, फीस इत्यादि को अच्छी तरीके से देखने के बाद ही लोन एग्रीमेंट पर साइन करें।

बिजनेस लोन के लिए अप्लाई कैसे करें?

आसानी से बिजनेस लोन पाने के लिए ऑनलाइन तरीके से अप्लाई करना चाहिए। बिजनेस लोन के लिए आवेदन करने के लिए मुख्य रुप से दो तरीका होता है। पहला तरीका ऑनलाइन का और दूसरा तरीका ऑफलाइन का।

बिजनेस लोन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए सबसे पहले कारोबारी को उस बैंक या एनबीएफसी कंपनी की वेबसाइट को लॉग इन करना होता है, जहां से कारोबारी बिजनेस लोन लेना चाहता है। वेबसाइट लॉग इन करने के बाद, ‘अप्लाई फॉर बिजनेस लोन’ बटन पर क्लिक कर देना होता है।

अप्लाई फॉर बिजनेस लोन की बटन पर क्लिक करते ही, बिजनेस लोन एप्लीकेशन फॉर्म खुल कर सामने आ जाता है। अब कारोबारी को बिजनेस लोन एप्लीकेशन फॉर्म सावधानी पूर्वक भरना होता है। फॉर्म भरने के बाद जरूरी कागजात पीडीएफ फाइल अपलोड कर देना होता है। फॉर्म भरने और कागजातों को अपलोड करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक कर देना होता है।

बिजनेस लोन आवेदन फ्रॉम सबमिट होने के एक या दो दिन बाद संबंधित बैंक या एनबीएफसी कंपनी के अधिकारी कारोबारी से फोन पर संपर्क करके, जरूरी जानकारी प्राप्त करते हैं और बिजनेस लोन देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।

ZipLoan से मिलता है सिर्फ 3 दिन* में बिजनेस लोन

देश की प्रमुख नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) ZipLoan द्वारा इस बात को समझा जाता है कि देश के एमएसएमई कारोबारियों को अपना कारोबार चलाने के लिए आवश्यक धन की बहुत जरूरी होता है। ऐसे में कारोबारियों के पास अगर पैसों की कमी होती है, तो उन्हें अपना बिजनेस चलाने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे में एनबीएफसी कंपनी ZipLoan द्वारा यह बीड़ा उठाया गया है कि देश के एमएसएमई कारोबारियों को आवश्यक धन की कमी न महसूस हो, इसके लिए ZipLoan द्वारा 10 लाख तक का बिजनेस लोन, सिर्फ 3 दिन* में, बिना कुछ गिरवी रखे, दिया जाता है।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के लिए निम्न पात्रता होती है

  • बिजनेस दो साल से अधिक पुराना होना चाहिए।
  • सालाना आईटीआर डेढ़ लाख से अधिक की फाइल होनी चाहिए।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर 10 लाख से अधिक होना चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए। 

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के लिए निम्न कागजातों की जरूरत पडती है

  • आधार कार्ड।
  • पैन कार्ड।
  • पिछले 9 महीने का बैंक स्टेटमेंट।
  • पिछले साल फाइल की गई आईटीआर की कॉपी।
  • घर या बिजनेस की जगह में से किसी एक का मालिकाना प्रूफ (यह माता – पिता, भाई बहन, पिता – पुत्र, पति – पत्नी में से किसी एक के नाम पर भी हो, तो भी मान्य किया जाता है।)

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने का लाभ

  • बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन* में मिल जाता है।
  • कुछ गिरवी नहीं रखना होता है।
  • 6 महीने बाद प्री पेमेंट चार्जेस फ्री होता है।
  • 9 ईएमआई ठीक टाइम पर जमा करने के बाद टॉप अप लोन की भी सुविधा दी जाती है।