ज़िन्दगी में उधार लेना बहुत सामान्य बात है। आपकी लगभग सभी जरूरतों के लिए लोन उपलब्ध हैं। ऐसे में अगर आप अपने बिजनेस के विस्तार के लिए बिजनेस लोन तलाश रहे हैं, तो यह लेख आपके बेहद काम आ सकता है। इस लेख में हम आपको बिजनेस लोन लेने का प्रॉसेस और EMI Calculate करने के बारे में सारी जानकारी देगें। यह जानकारी आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकती है।

EMI

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EMI क्या है?

EMI या समेकित मासिक किस्त एक निश्चित राशि है, जो आपके द्वारा बैंक को हर महीने एक विशिष्ट तारीख पर भुगतान की जाती है। जब भी हम ऐसा कोई लोन लेते है, जिसे एकबार में चुकाना नामुमकिन हो जाता है, तो बैंक हमें EMI का ऑप्शन देती है। यानि ईएमआई के तौर पर हमें हर महीने उस लोन की कुछ रकम बैंक में जमा करानी पड़ती है। यानि बैंक हमें लोन को किश्तों में चुकाने की सुविधा देती है। बैंकों या फाइनेन्शियल कंपनियों द्वारा लोन को किस्तों में चुकाने की सुविधा को EMI कहते है।

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EMI में क्या शामिल होता है-

प्रत्येक ईएमआई में कुछ मात्रा में मूलधन और कुछ मात्रा में ब्याज शामिल होता है। जब बैंक या फाइनेन्शियल कंपनियां बिजनेस लोन को किस्तों में चुकाने की सुविधा देती हैं, तो उस पर थोड़ा ब्याज भी लगाती हैं। ऐसे में जब भी आप ईएमआई की इंस्टालमेंट (किश्त) चुकाते हैं, तो समय के साथ साथ मूलधन और ब्याज भी कम होता जाता है।

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कैसे की जाती है गणना-

EMI की गणना तीन चीजों पर आधारित होती है। पहली लोन की राशि, दूसरा ऐप्लिकेबल ब्याज दर और तीसरा रिपेमेंट का कार्यकाल। जितनी ज्यादा लोन राशि और एप्लिकेबल ब्याज दर होती है, उतनी ज्यादा ईएमआई की राशि होती है। वहीं दूसरी ओर जितना लंबा रिपेमेंट का कार्यकाल होगा उतनी कम ईएमआई होगा। आप इसके लिए ऑनलाइन कैल्कूलेंटर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि बैंक और एग्रिगेटर्स की वेबसाइट पर मौजूद होते हैं। या फिर आप इसकी गणना खुद भी कर सकते हैं।

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लोन की अवधि

ईएमआई का भुगतान प्रति महीने किया जाता है। तो गणना के लिए आपके लोन को मासिक आधार पर माना जाता है। अत: महीनों की वह संख्या अनिवार्य है जिसके दौरान आपको ब्याज सहित लोन चुकाना है। उदाहरण के लिए यदि लोन 2 साल के लिए लिया गया है तो महीनों की संख्या 24 होगी। ZipLoan से प्राप्त होने वाले बिजनेस लोन की अवधि 1-2 साल होती है, इसका मतलब है कि आप 12 से 24 महीने के अंतराल में बिजनेस लोन को चुका सकते हैं।

कब बदल सकती है ईएमआई

EMI की राशि एप्लिकेबल ब्याज दर पर निर्भर करती है । फिक्स्ड ब्याज दर लोन जैसे कि ऑटो लोन में इंस्टॉलमेंट की राशि बदलती नहीं है। हालांकि फ्लोटिंग रेट इंटरेस्ट लोन जैसे कि होम लोन के लिए ईएसआई बदल सकती है। अगर आप पार्शियल प्री पेमेंट करते हैं तो ईएमआई उस हिसाब से ही बदलेगी। जब आप पार्शियली प्री-पेमेंट करते हैं, तो लोन के कार्यकाल को कम करने के विकल्प का भी चयन कर सकते हैं। लेकिन कई बार प्री-पेमेंट करने पर बैंक या फाइनेंशियल कंपनियां चार्ज लगा देती हैं। ऐसे में अगर आप ZipLoan से बिजनेस लोन लेते हैं, तो प्री-प्रेमेंट पर किसी भी तरह का कोई चार्ज नहीं लगाया जाता है।

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EMI Calculator-

अब हमारे पास सभी ज़रूरी जानकारी उपलब्ध है, तो अब EMI की गणना की जा सकती है। EMI Calculate करने के दो तरीके हैं- एक है एक्सेल शीट का उपयोग करना और दूसरे तरीके में गणना करना थोडा जटिल हो जाता है। एक्सेल समझने के लिए आसान है। एक्सेल में आप पीएमटी टूल का उपयोग कर सकते हैं। एक नई शीट खोलें, मेन्यु के फॉर्मूला सेक्शन में जाएँ और फाइनेंशियल फार्मूला में से पीएमटी को चुनें। आपको कुछ डाटा डालने के लिए कहा जाएगा। मासिक दर ‘एनपर’ डालें या महीनों की संख्या डालें जब तक आपको लोन चुकाना है तथा मूलधन को पीवी सेक्शन में डालें। एफ़वी सेक्शन में ‘0′ डालें तथा “पेमेंट एट द एंड ऑफ द पीरियड’ विकल्प चुनें। बस इतना ही करना है। एक्सेल आपको मासिक ईएमआई बता देगा।

वैसे एक तरीका और है EMI Calculate करने का, और वे है ZipLoan के EMI Calculator. आप ZipLoan की EMI Calculator की सुविधा का लाभ उठा कर आसानी से EMI Calculate कर सकते हैं।

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कैसे करें EMI का भुगतान-

EMI भुगतान करने के 2 तरीके हैं। पहला तरीका ऑनलाइन जो कि वर्तमान समय में काफी प्रचलन में है और दूसरा तरीका तरीका है ऑफलाइन। दूसरे तरीके को परंपरागत तरीका भी बोल सकते हैं। ऑनलाइन तरीके से EMI पे करने के लिए आप अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। या फिर आप सीधे इंटरनेट बैंकिंग की सहायता से अपनी EMI का भुगतान कर सकते हैं। ऑफलाइन तरीके में आपको बैंक में जाकर EMI का भुगतान नकद पैसों के रूप में कर सकते हैं।