कारोबारी अपने बिजनेस के विस्तार के लिए बिजनेस लोन तो ले लेते हैं, लेकिन लोन की उंची ब्याज दरों से परेशान हो जाते हैं। ज्यादातर कारोबारियों को ब्याज की उंची दरों की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको उन उपायों के बारे में बताएंगें, जिनसे आप बिजनेस लोन की उंची ब्याज दरों की वजह से परेशान होने से बच जाएंगें।

बिजनेस लोन

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फ्लेक्सी बिजनेस लोन-

बिजनेस लोन की ब्याज दर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है कि कारोबारी लोन तो ले लेता है, लेकिन उसे चुकाने में बहुत समस्याएं होती हैं। समय से लोन ना चुका पाने के कारण ब्याज अधिक हो जाता है और कारोबारी परेशान हो जाता है। इसका सबसे अच्छा उपाय है कि कारोबारी फ्लेक्सी बिजनेस लोन ले। फ्लेक्सी लोन में कोरबारी के पास विकल्प होता है कि वह लोन को आसान EMI में चुका सके।

जितनी जरूरत हो उतना ही पैसा निकाला-

फ्लेक्सी लोन में कारोबारी के पास यह सुविधा होती है कि वह सुविधानुसार कभी भी पैसा निकाल सकता है। इसमें कारोबारी को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह अपने बिजनेस की जरूरतों के अनुसार ही पैसा निकाले। ज्यादा पैसा निकालने पर ब्याज दर भी अधिक होगी। कम पैसे निकालने पर कम ब्याज दर होती है, जिससे कारोबारी उसे समय पर चुका भी सकता है।

बिजनेस लोन

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प्री-पेमेंट में ना हो चार्ज-

बिजनेस करते वक्त कई बार हमारे पास पर्याप्त पैसा आ जाता है और उस वक्त हमारी कोशिश होती है कि जो कि कर्ज हो उसे चुका दिया जाए। लेकिन ज्यादातर बिजनेस लोन देने वाली कंपनियां और बैंक प्री-पेमेंट करने पर चार्ज काटते हैं। आप Ziploan से अपने बिजनेस पर लोन प्राप्त कर सकते हैं। Ziploan से प्राप्त लोन की प्री-पेमंट करने पर किसी भी तरह का कोई चार्ज नहीं लगाया जाता है।