हर एक सिक्के का दो पहलू होता है। सिक्के के दोनों पहलू का अपना एक अर्थ होता है। कभी किसी को सिक्के का कोइ एक पहलू पसंद आता है तो किसी और को सिक्के का कोई दूसरा पहलू पसंद आता है। मतलब यह है कि हर कोई सिक्के को अपने नजरिये से देखना पसंद करता है।

ठीक ऐसा ही होता है फाइनेंनशियल प्रोडक्ट के साथ। किसी को लोन लेकर अपना जरुरी काम करना पसंद आता है तो किसी को लोन शब्द से ही परहेज हो जाता है। ऐसे में यह समझना बेहद जरुरी हो जाता है कि लोन का सकारात्मक पहलू क्या है और लोन का नकारात्मक पहलू क्या है।

आज हम इस ऑर्टिकल में बिजनेस लोन के विषय में जानेंगे कि बिजनेस लोन लेने से फायदा क्या होता है और बिजनेस लोन लेने का नुकसान क्या है? आइये सबसे पहले यह समझ लेते हैं कि बिजनेस लोन लेने का फायदा क्या है।

बिजनेस लोन लेने का फायदा

जिस प्रकार यह सार्वभौमिक सत्य है कि कोई भी बिजनेस शुरु करने के लिए पैसों की आवश्यकता होती ठीक उसी प्रकार यह भी सत्य है कि किसी भी कारोबार का संचालन करने के लिए रेगुलर तौर पर पैसे चाहिए होता है। क्योंकि बिजनेस में खर्चे भी रेगुलर तौर पर ही होता है।

बहुत बार ऐसी परिस्थिति बन जाती है कि कारोबारी का खुद का पैसा उनके हाथ में नहीं होता है। क्योंकि ग्राहकों से पेमेंट मिलने में देरी हो रही होती है या पैसा मार्केट में फंस गया होता है। ऐसी स्थिति में अचानक बिजसेन में किसी मशीनरी की जरुरत पड़ या कर्मचारियों को सैलरी इत्यादि देना हो तो कारोबारी क्या करेगा?

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यह स्थिति कारोबारी को बेहद परेशान करने वाली होगी। कारोबारी चाहे तो इस कंडिशन में बिजनेस लोन लेकर अपने बिजनेस को सुचारू रुप से चला सकता है। इस तरह देखें तो बिजनेस लोन कारोबारियों के लिए काफी फायदेमंद है। बिजनेस लोन लेने का निम्नलिखित फायदा होता हैः

  • बिजनेस की तत्काल पैसों की जरूरतों की पूर्ति होना
  • वर्किंग कैपिटल को मैनेज करने में साहायक होना
  • कच्चे माल की खरीद असानी से होना
  • पिछले लोन को चुकाने में साहायक होना
  • आईटीआर फाइल करते समय टैक्स बेनिफिट्स मिलना
  • कर्मचारियों को सैलरी देने में साहायक होना
  • बिजनेस की ब्रांच किसी और लोकेशन पर शुरु करने में साहायक होना
  • बिजनेस के लिए नई मशीनरी खरीदने में साहायक होना

बिजनेस की तत्काल पैसों की जरूरतों की पूर्ति होना

किसी भी बिजनेस में हर वक्त किसी न किसी चीज की जरुरत होती ही है। कभी नये फर्निचर चाहिए होता है तो कभी इलेट्रॉनिक उपकरण की जरुरत होती है। इन सभी जरुरतों को बिजनेस लोन के जरिये बहुत असानी के सात पूरा किया जा सकता है।

वर्किंग कैपिटल को मैनेज करने में सहायक होना

बिजनेस में होने वाली इनकम में सें बिजनेस के खर्चों को घटा दिया जाता है। जो रकम बचती है वही बिजनेस की वर्किंग कैपिटल रकम होती है। वर्किंग कैपिटल से ही बिजनेस के भविष्य की योजनाओं का निर्माण किया जाता है। बिजनेस लोन के जरिये वर्किंग कैपिटल तो असानी के साथ मैनेज किया जा सकता है।

कच्चे माल की खरीद असानी से होना

एमएसएमई के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रोडक्ट बनाने के लिए कच्चें माल की आवश्यकता होती है। मैन्युफैक्चरिंग कारोबारी बिजनेस लोन की मदद से कच्चे माल की खरीद असानी के साथ कर सकते हैं।

बिजनेस लोन लेने का क्या है नुकसान

एक कारोबारी के लिए बिजनेस लोन का नुकसान कभी नहीं हो सकता है। क्योंकि बिजनेस में जरुरतें बराबर बनी रहती हैं जिसके कानण बिजनेस लोन की भी आवश्यकता बनी  रहती है। इस तरह हम देखते हैं कि बिजनेस लोन लेकर बिजनेस चलाने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

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अगर आप बिजनेस करते हैं और अपने बिजनेस का विस्तार बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन लेने के लिए सोच रहे हैं तो ZipLoan आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। क्योकि ZipLoan से 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे सिर्फ 3 दिन* में मिलता है।

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  • तत्काल बिजनेस लोन मंजूर होता है।
  • बिजनेस लोन के लिए कुछ भी गिरवी रखने की जरुरत नहीं है।
  • इंटरेस्ट रेट (ब्याज दर) बेहद कम होती है।
  • बिजनेस लोन का घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई करके प्राप्त किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 12 से 36 महीने की आसान EMI में चुकाया जा सकता है।
  • 6 महिने बाद प्री-पेमेंट चार्जेंस फ्री है।

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