कारोबार में कुछ ऐसे खर्चें होते हैं जिनका पूरा करना बेहद जरूरी होता है. अगर जरूरी खर्चो को समय से पूरा नहीं किया गया तो कारोबार में नुकसान होने का डर बना रहता है. जरूरी खर्चो में शामिल होता है – नई मशीनरी की खरीद करना, पुरानी मशीनरी को ठीक करवाना यानी उसकी मरम्मत करवाना.

कर्मचारियों को ठीक समय पर सैलरी देना इत्यादि. खर्चो को पूरा करना ही होता है. अगर इन खर्चो को समय पर पूरा नहीं किया गया तो कारोबार में उत्पादन यानी प्रोडक्शन कम होने या रुकने की संभावना होती है. अगर प्रोडक्शन कम हो गया तो इसका सीधे तौर पर मुनाफे पर असर पड़ेगा. मुनाफा कम हो जाने से कई तरह की समस्याएं निकाल आयेंगी. कई बार चलते हुए कारोबार को बंद करने की स्थिति आ जाती है. कारोबारी को पता भी नहीं चलता है. ऐसी स्थिति में कारगर होता है – त्वरित यानी तुरंत पैसा मिलना. तुरंत पैसा मिलने का जरिया होता है बिजनेस लोन.

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बिजनेस लोन यानी वह रकम जिसे सरकारी बैंक या एनबीएफसी कंपनी द्वारा बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए और जरूरी मशीनरी या उपकरण खरीदने के लिए दिया जाता है. बिजनेस लोन दो प्रकार का होता है – पहला सिक्योर्ड यानी जब प्रॉपर्टी गिरवी रखने के बदले बिजनेस लोन मिलता है तो वह लोन सिक्योर्ड लोन कहलाता है.

बिजनेस लोन दूसरा प्रकार है – अनसिक्योर्ड बिजनेस लोन. अनसिक्योर्ड यानी जिस बिजनेस लोन के बदले प्रॉपर्टी गिरवी नहीं रखना होता है. इसे हम बिना प्रॉपर्टी गिरवी रखे लोन भी कहते हैं. छोटे और मध्यम  कारोबारियों के लिए लोन का यह प्रकार बेहद सहायक होता है. कारोबार में त्वरित यानी तुरंत पैसों की जरूरत को बिना गिरवी वाले बिजनेस लोन के सहायता से आसानी से पूरा किया जा सकता है.

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लोन मार्केट में बहुत अधिक संख्या में बिजनेस लोन प्रदान करने वाली कंपनियां है जिनकी वजह से कभी – कभी कारोबारियों में मन में भ्रम की स्थिति बन जाती है कि किस कंपनी से बिजनेस लोन लेना चाहिए. इस भ्रम की स्थिति से निपटने के लिए बेहतर होता है अपने बिजनेस की जरूरत की समझ और लोन मार्केट में चल रहे बिजनेस लोन में से अपने लिए बेहतरीन विकल्प का चयन करना.

मशीनरी लोन

मशीनरी लोन की जरूरत खासकर मैनुफैक्चरिंग वाले उद्योग में पड़ती है. मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में प्रोडक्शन का काम होता है, इसलिए इस सेक्टर में मशीनों की जरूरत अधिक पड़ती है. अगर अच्छी मशीन न हो तो प्रोडक्शन रुक जाता है या कम हो जाता है. ऐसे में हाई क्वॉलिटी मशीन होना बेहद ही जरूरी होता है.

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कारोबारियों का कहना होता है कि नई मशीनरी खरीदने के लिए जरूरी धन नहीं है या जरूरत से कम पैसा है. ऐसे में यहां कारोबारियों की मदद करता है मशीनरी लोन. मशीनरी लोन नई मशीन खरीदने के लिए तो मिलता ही है, साथ ही पुरानी मशीनरी की मरम्मत कराने के लिए भी दिया जाता है.

वर्किंग कैपिटल लोन

कारोबार चलाने में हर रोज की कुछ जरूरतें होती हैं जिनको पूरा करना आवश्यक होता है. वर्किंग कैपिटल अंग्रेजी का शब्द है, इस शब्द का हिंदी में अर्थ – कार्यशील पूंजी होता है. कार्यशील पूंजी यानी कार्य को आगे बढ़ाने वाला धन.

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वर्किंग कैपिटल में दैनिक जरूरतों जैसे – रोजमर्रा के खर्च, बिजनेस वाली जगह का पानी, बिजली बिजनेस अगर किराया पर है तो उसका किराया, कर्मचारियों की सैलरी इत्यादि शामिल होता है. इन्हें पूरा करने के लिए वर्किंग कैपिटल लोन लिया जाता है.

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कार्यशील पूंजी अधिकतर एनबीएफसी यानी नॉन बैंकिंग फाइनेसियल कंपनी देती है. वर्किंग कैपिटल लोन मिलने की प्रक्रिया बेहद आसान होती है. बेहद कम कागज़ी दस्तावेजों पर इस प्रकार का बिजनेस लोन मिलता है.

टर्म लोन

अगर किसी कारोबार में उपकरण खरीदने के लिए या बिजनेस की नई ब्रांच नई जगह पर खोलने के लिए पैसों की जरूरत होती है तो इसके लिए टर्म लोन बेहतर विकल्प होता है. टर्म लोन मुख्य रुप से दो प्रकार का होता है – शार्ट टर्म लोन और लॉन्ग टर्म लोन.

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टर्म लोन सरकारी बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेसियल कंपनी के साथ ही लोन देने वाली अन्य संस्थाओं से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से मिल जाता है. टर्म लोन की विशेषताओं में शामिल है –  लोन चुकाने के लिए लंबा समय मिलना, लोन की पात्रता अपेक्षाकृत लचीली होना और न्यूनतम कागज़ी दस्तावेज की प्रक्रिया.

बिना प्रॉपर्टी गिरवी रखे बिजनेस लोन

छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए बिना कुछ गिरवी रखे बिजनेस लोन बेहद उपयोगी होता है. अधिकतर छोटे और मध्यम कारोबारी लोन के बदले अपनी प्रॉपर्टी गिरवी नहीं रखना चाहते हैं. कुछ कारोबारियों के पास इतनी प्रॉपर्टी भी नहीं होती है कि वह उसे गिरवी रखकर बिजनेस लोन ले सके.

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बिजनेस बढ़ाने की जरूरत हर कारोबारी को होती है. ऐसा तो नहीं हो सकता है कि जिन कारोबारियों के पास गिरवी रखने के लिए प्रॉपर्टी न हो वह अपना बिजनेस बढ़ा ही सकते है. ऐसे कारोबारियों के लिए उपलब्ध है बिना प्रॉपर्टी गिरवी रखे बिजनेस लोन.

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बिना गिरवी रखे बिजनेस लोन का उपयोग कारोबारी बिजनेस का कैश फ्लो ठीक रखने के लिए, मशीनरी, इन्वेंट्री (सामान) खरीदने के लिए और रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं. इस तरह का बिजनेस लोन सरकारी बैंक और एनबीएफसी द्वारा मिलता है.

ZipLoan से मिलेगा सिर्फ 3 दिन में बिजनेस लोन

ZipLoan फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। ‘ZipLoan’ कंपनी द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम कारोबारियों को कारोबार बढ़ाने के लिए बेहद कम शर्तों पर 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन में प्रदान किया जाता है।

ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते बहुत कम हैं 

  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 5 लाख से अधिक का होना चाहिए।
  • पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।
  • बिजनेस लोन की रकम अप्लाई करने के सिर्फ 3 दिन के भीतर मिल जाती है। (यह सुविधा जरुरी कागजी दस्तावेजों को उपलब्ध रहने पर मिलती है)
  • लोन घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
  • लोन की रकम 12 से लेकर 24 महीने के बीच वापस कर सकते है।

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