आज व्यवसाय में सफल होने के लिए, आपके पास एक अच्छा बिजनेस प्लान होना अनिवार्य है। बिजनेस प्लान के आधार पर ही बिजनेस चलता है और सफल होता है। बिजनेस लोन लेने के लिए भी बिजनेस प्लान चाहिए होता है। तो जानिए कि एक अच्छा बिजनेस प्लान बनाने के लिए मूल तत्व कौन से हैं-

एक बेहतर बिजनेस प्लान के प्रमुख तत्व

एक अच्छा बिजनेस प्लान बनाने की प्रक्रिया शुरु होता है बिजनेस के प्रोडक्ट से। एक अच्छे बिजनेस प्लान में निम्नलिखित बातों को शामिल किया जाना चाहिए:

  • संपूर्ण अनुक्रमणिका (टोटल इंडेक्स) के साथ कवर पेज़
  • बिजनेस प्लान का सारांश
  • बिजनेस का आदर्श वाक्य या टैग लाइन
  • व्यवसाय का संक्षिप्त विवरण
  • कारोबारी माहौल का विश्लेषण
  • स्वाट अनालिसिस। प्रमुख बातों को शामिल करना होता है
  • उद्योग पृष्ठभूमि
  • प्रतियोगियों का विश्लेषण
  • मार्केट का विश्लेषण
  • मार्केटिंग प्लान
  • बिजनेस ऑपरेशन प्लान
  • मैनेजमेंट सारांश
  • वित्तीय योजना (फाइनेंशियल प्लान)
  • बिजनेस द्वारा हाल में हासिल की कई सफलता

उपरोक्त बातों से मिलकर एक बेहतर बिजनेस प्लान का निर्माण होता है। यह बात ध्यान रखने वाली है कि जितना बेहतर और डिटेल बिजनेस प्लान होगा, वास्तविक बिजनेस का दायरा भी उतना ही बड़ा होगा। बिजनेस प्लान में शामिल प्रमुख बातों के बारे में जानिए।

बिजनेस प्लान का सारांश क्या होता है?

जिस प्रकार किसी किताब का चैप्टर शुरु होने से पहले एक पेज पर उस चैप्टर के बारे में प्रमुख बातों की जानकारी दी जाती है। ठीक उसी प्रकार से बिजनेस प्लान का सारांश होता है। बिजनेस प्लान के सारांश में यह बताया जाता है कि किस चीज का बिजनेस है, बिजनेस क्यों महत्वपूर्ण है, बिजनेस कैसे चलेगा, बिजनेस में कितना मुनाफ होगा और बिजनेस को शुरु करने के लिए और संचालन करने के लिए धन कहां से आएगा। उपरोक्त सभी बातों को शामिल करके एक बेहतर बिजनेस प्लान तैयार किया जाता है।

अपना बिजनेस प्लान कैसे लिखें?

व्यवसाय के लिए बिजनेस प्लान कैसे शुरू करें? यह सबसे अधिक पूछा जाने वाला प्रश्न है। कई बार यह फर्मों और संगठनों के लिए हमेशा एक भ्रमित करने वाला विषय रहा है। एक उत्तम बिजनेस प्लान बनाना फर्म या व्यवसाय के विकास के लिए लाभदायक सिद्ध होता है। एक बिजनेस प्लान बनाने में बहुत सारा रिसर्च और विस्तृत प्रक्रिया शामिल होती है जिसमें बहुत सारे चरण शामिल होते हैं जिनमें से कुछ एक दूसरे को ओवरलैप करते हैं या परस्पर संबंधित होते हैं। आइये आपको बताते हैं कि अपने व्यवसाय का बिजनेस प्लान कैसे लिखा जा सकता है।

रिसर्च करना प्रमुख कार्य है

विस्तृत रिसर्च में ग्राहकों और प्रतियोगियो के बारे में जानकारी निकालना और व्यवसाय की वर्किंग कैपिटल लागत के बारे में विस्तार से पता चलता है। फैक्ट जानने के लिए विभिन्न विधियों का उपयोग किया जा सकता है। डेटा को लेखों और डेटा बेस से लेकर अन्य उद्यमियों या यहां तक कि संभावित ग्राहकों के साथ साक्षात्कार की व्यवस्था करने के लिए विभिन्न तरीकों से निकाला जा सकता है। एकत्र की गई सभी सूचनाओं के साथ रिसर्च को सावधानीपूर्वक व्यवस्थित और डॉक्यूमेंटेशन किया जाना है। इससे यह पता चलता है कि आपके बिजनेस का दायरा कैसा होगा और कितना फंड की आवश्यकता होगी।

बिजनेस शुरु करने की रणनीति बनाना

रिसर्च में एकत्रित की गई जानकारी को अपने बिजनेस प्लान का सपोर्ट करने के लिए प्रासंगिक रूप से उपयोग किया जाना चाहिए। एकत्रित की गई जानकारी के अनुसार आपके द्वारा नियोजित व्यावसायिक रणनीति को संशोधित करें। आपका रिसर्च गहन और सटीक होना चाहिए ताकि आपकी उचित मार्केटिंग रणनीति, व्यवसाय या फर्म के संचालन पर आपके निर्णय में सहायता प्रदान कर सके।

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एक बात यह ध्यान रखें कि ग्राहक आएगा तो ही बिक्री बढ़ेगी और ग्राहक लाने के लिए उचित मार्केटिंग रणनीति आवश्यक है। यहां पर उचित मार्केटिंग रणनीति का मतलब मार्केटिंग के तरीके और प्लेट-फॉर्म से है। जैसे ग्राहक अगर मोबाइल चलाने हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं तो डिजिटल मार्केटिंग करने फायदे का सौदा साबित होगा।

लागत की गणना करना

अगर बिजनेस प्लान बनकर तैयार है लेकिन लागत का कोई हिसाब – किताब नहीं है तो फिर वह बिजनेस प्लान किसी काम का नहीं है। क्योंकि लागत कितना होगी और लागत कैसे निकलेगी, इस बात का पता कारोबारी को होना चाहिए।

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कारोबारी द्वारा यह भी प्लानिंग करना चाहिए कि मुनाफा कैसे आएगा। किस प्रोडक्ट पर कितना मार्जिन रखना है कि लागत के साथ मुनाफा भी निकाला जा सके। रणनीति इस आधार पर होनी चाहिए कि लाभ और खर्च को कवर किया जा सके।

बिजनेस प्लान के प्रकार

बिजनेस प्लान मुख्य तौर पर दो प्रकार का बनाया जाता है। दोनों प्रकार का बिजनेस प्लान विस्तार से निम्नलिखित है:

  1. आंतरिक रुप से केंद्रित बिजनेस प्लान
  2. बाहरी रुप से केंद्रित बिजनेस प्लान

आंतरिक रुप से केंद्रित बिजनेस प्लान

यह एक वह बिजनेस प्लान है जो आंतरिक रूप से केंद्रित व्यावसायिक लक्ष्यों, मध्यवर्ती लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करता है। जो किसी संगठन को उनकी बाहरी रूप से केंद्रित व्यावसायिक योजनाओं तक पहुंचने में मदद करती है। एक आंतरिक रूप से केंद्रित बिजनेस प्लान में एक नई सेवा जैसे विवरण शामिल हो सकते हैं जिसे व्यवसाय में जोड़ा गया है, नए उत्पादों की एक पंक्ति जिसे कंपनी लॉन्च करने जा रही है, कंपनी के वित्तीय मामलों में पुनर्गठन, एक नई आईटी प्रणाली की स्थापना या यहां तक कि व्यवसाय या उद्यम का नवीनीकरण होना शामिल होता है। आंतरिक रुप से केंद्रि बिजनेस प्लान में यह भी बताया जाता है कि पिछले दिनों में बिजनेस ने क्या – क्या सफलता अर्जित की है।

बाहरी रुप से केंद्रित बिजनेस प्लान

बाहरी रूप से केंद्रित बिजनेस प्लान जिसमें बिजनेस, उद्यम या किसी टीम द्वारा अपने लक्ष्यों तक पहुँचने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में विस्तृत जानकारी होती है। इसमें लाभ संस्थाओं की विभिन्न सूची भी शामिल है, इसमें बाहरी हितधारकों की सूची शामिल है जिसमें कंपनी के निवेशक और ग्राहक शामिल हैं। विभिन्न प्रकार के बाहरी रूप से केंद्रित बिजनेस प्लान होते हैं, जिनमें विभिन्न हितधारक, निवेशक और ग्राहक शामिल होते हैं। विभिन्न प्रकार की बाहरी रूप से केंद्रित बिजनेस प्लान इस प्रकार हैं:

  • गैर-लाभकारी आधारित: बाहरी हितधारक ग्राहक और निवेशक हैं।
  • लाभ आधारित: बाहरी हितधारक निवेशक और ग्राहक हैं।

सरकारी एजेंसियां: बाहरी हितधारक उच्च स्तर के सरकारी निकाय, करदाता या अंतरराष्ट्रीय लोन देने वाले निकाय हैं। अंतर्राष्ट्रीय लोन देने वाले निकायों में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और विकास बैंक शामिल हैं।

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