वर्तमान वक्त ग्लोबलाइजेशन का है। आज के समय में पूरा विश्व एक बड़े गाँव की तरह हो गया है। गाँव के एक छोर पर जो चीजें मिलती है, वही चीज गाँव के दूसरे छोर पर भी मिल जाती है। एक ही मूल्य पर। ठीक यही बिजनेस में भी हो रहा है। एडवांस होती तकनीक ने सभी कारोबार के सम्मुख एक चुनौती पेश कर दी है। ऐसे में वही बिजनेस सस्टेन कर पायेंग जो मार्केट की जरूरत के अनुसार अपने को ढाल लें और भेड़-चाल से अलग चलें।

बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें

जहां तक बिजनेस बढ़ाने का सवाल है तो बिजनेस के इस कम्पटीशन के दौर में बिजनेस चलाना और बिजनेस बढ़ाना दोनों एक कला है। जिसने यह कला हासिल कर कर लिया, समझिये उसने अपना बिजनेस औरों के मुकाबले बड़ा कर लिया। आइये आपको इस आर्टिकल में कुछ ऐसे तरीके के बारें में बताते हैं, जिनके द्वारा आप अपना बिजनेस बहुत आसानी से बढ़ा कर सकते हैं यानी अपने बिजनेस का विस्तार कर सकते हैं।

बिजनेस को अगले स्तर पर ले जाना

सबसे पहले इस बात को समझना बेहद आवश्यक होता है कि अपने बिजनेस को अगले स्तर पर कैसे ले जा सकते हैं यानी बिजनेस का विस्तार करना किसे कहते हैं? क्या कोई कारोबारी एक छोटे से कमरे से निकलकर किसी बड़े कमरे में अपना बिजनेस सेट कर लेगा तो उसे हम बिजनेस बढ़ाना कह सकते हैं? इस बात उत्तर होगा- नहीं। हम इसे बिजनेस की जगह को बढ़ा करना कह सकते हैं। बिजनेस का विस्तार करना नहीं कह सकते हैं।

इसे भी जानिए: ऑनलाइन बिजनेस शुरु करना चाहते हैं? जानिए 5 महत्वपूर्ण जानकारियां

बिजनेस का विस्तार तब होता है, जब बिजनेस में पहले के मुकाबले अधिक प्रोडक्ट की बिक्री होने लगे, अधिक बिजनेस पर अधिक प्रोडक्ट रखे जाने लगे, बिजनेस अधिक लोग काम करने लगे और बिजनेस का मुनाफा अधिक होने लगे। तब हम हम कहते हैं कि बिजनेस का विस्तार हो गया है। मतलब बिजनेस की जो पहचान है वह अब अधिक हो गई है। लोगों को भरोसा हो गया है कि कोई चीज कहीं नहीं मिलेगी, वह अमुख बिजनेस के यहां जरुर मिल जाएगी। इस भरोसे को कहते हैं- बिजनेस बढ़ाना।

बिजनेस बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?

एक प्रसिद्ध एडवर्टाइजिंग गुरु ने कहा है कि बिना प्रचार के बिजनेस करना ठीक उसी प्रकार है जिस पर प्रकार कोई व्यक्ति किसी अँधेरे कमरे में किसी खूबसुरत कन्या को आंख मारे। मतलब आप अपने बिजनेस पर सभी प्रोडक्ट रखने के साथ – साथ खूब ऑफर भी दे रहें हो लेकिन आपके बिजनेस के बारें में लोगों को कोई जानकारी ही नहीं हो, क्या आपका बिजनेस चल पायेगा? इसका उत्तर होगा नहीं। तो इसी तरह बिजनेस बढ़ाने के लिए कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। बिजनेस बढ़ाने के लिए 10 निम्न तरीकों को अपनाया जा सकता है।

  1. बिजनेस का प्रचार करना
  2. समय – समय पर ऑफर देते रहना
  3. बिजनेस पर यथासंभव सभी प्रोडक्ट रखना
  4. ग्राहकों से बढ़िया व्यवहार करना
  5. पर्याप्त पूंजी न होने पर बिजनेस लोन की सहायता लेना
  6. दुकान की लोकेशन पब्लिक प्लेस पर रखना
  7. वैराइटी वाला सामान रखना
  8. ठीक तरह से बातचीत करना
  9. महंगे प्रोडक्ट क्रेडिट पर देने का प्रयास करें
See also  EMI कैशबैक योजना क्या है? किसको लाभ मिलेगा

बिजनेस का प्रचार करना

एक बहुत पुरानी लेकिन तर्कसंगत कहावत है ‘जो दिखता है, वही बिकता है’। मतलब ग्राहकों के सामने यह प्रदर्शित किया जाना चाहिए कि उनके पास में ही उनकी जरूरत का सामान आसानी से उपलब्ध है। इसके लिए प्रचार करना अनिवार्य होता है। प्रचार के माध्यम आप लोगों को यह बता पाते हैं कि आपका बिजनेस कहाँ पर है और आपके बिजनेस पर क्या – क्या उपलब्ध है।

इससे सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि ग्राहकों को जब किसी चीज की आवश्यकता होती है तो उन्हें तुरंत प्रचार में देखा गया बिजनेस याद आता है। इस तरह से बिजनेस का मुनाफा बढ़ती है। धीरे – धीरे जब बहुत अधिक लोगों प्रचार के माध्यम से आपके बिजनेस के बारे में जानकारी मिल जाती है तो बिजनेस बढ़ना अपने – आप शुरु हो जाता है।

बिजनेस का प्रचार करने के तरीके

बिजनेस का प्रचार मुख्य रुप से दो प्रकार से होता है-

  1. ऑनलाइन बिजनेस का प्रचार
  2. ऑफलाइन बिजनेस का प्रचार

ऑनलाइन बिजनेस का प्रचार

आज के दौर में इंटरनेट हमारी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है। बिजनेस के लिए ऑनलाइन प्रचार की बात करें तो बहुत से प्लेटफॉर्म हैं जहां पर ऑनलाइन बिजनेस का प्रचार होता है। ऑनलाइन बिजनेस प्रचार के प्लेटफॉर्म निम्न हैं-

  • फेसबुक ऐड
  • You tube ऐड
  • गूगल ऐड
  • इंस्टाग्राम
  • बिंग ऐड
  • ट्विटर ऐड
  • अमेज़न ऐड
  • SMS मार्केटिंग
  • ईमेल मार्केटिंग
  • वीडियो मार्केटिंग
  • इंटरनेट पर अपने व्यवसाय के प्रोडक्ट (उत्पाद)/सर्विसेज के बारे में आर्टिकल/ब्लॉग लिखें

ऑफलाइन बिजनेस का प्रचार

ऑनलाइन होती दुनिया में भी ऑफलाइन की संभावना बहुत अधिक है। बिजनेस नाम और प्रोडक्ट का प्रचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए ऑफलाइन बिजनेस प्राचर के लिए निम्न विकल्प हैं-

  • बैंनर
  • होर्डिंग
  • पोस्टर
  • पंफ्लेट
  • वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी
  • इत्यादि

समय – समय पर ऑफर देते रहना

एक पॉपुलर मार्केटिंग एजेंसी के एक सर्वे में यह बात निकलकर आई है कि भारतीय ग्राहक 40% अधिक खरीददारी करते हैं। मतलब जब कोई व्यक्ति एक शर्ट खरीदने के लिए शॉपिंग माल जाता है। लेकिन उसे 2 शर्ट के साथ 1 टीशर्ट फ्री का ऑफर दिख जाता है, तो वह व्यक्ति यह भूल जाता है कि उसे केवल एक ही शर्ट खरीदने के लिए आया है।

व्यक्ति तुरंत ही वह कैम्बो ऑफर खरीद लेता है। भले ही उसे एक अतिरिक्त शर्ट और टीशर्ट की आवश्यकता न हो। इस तरह से हम कह सकते हैं कि बिजनेस बढ़ाने में ऑफर्स की बहुत बड़ी भूमिका होती है। इसलिए कारोबारी को चाहिए कि वह समय – समय पर ग्राहकों के लिए ऑफर्स पेश करते रहें।

बिजनेस पर यथासंभव सभी प्रोडक्ट रखा

क्या आपको यह जानकारी है कि भारत में भी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का दायरा क्यों बढ़ रहा है? भारत में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का दायरा इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि अब लोग एक ही छत के नीचे सभी खरीददारी कर लेना चाहते हैं। लोग अब बहुत कम इस दुकान, उस दुकान घूमना पसंद करते हैं। इसलिए ग्राहकों को वह बिजनेस बहुत पसंद आता है, जिस बिजनेस पर उन्हें सभी चीजें आसानी से मिल जाती हैं। इससे बिक्री बढ़ने के साथ – साथ बिजनेस भी बढ़ता है।

See also  फार्मास्यूटिकल क्या है और इस सेक्टर में बिजनेस कैसे कर सकते हैं?

ग्राहकों से मधुर व्यवहार स्थापित करना

कोई कारोबारी ऊपर बताई गई सभी बातों पर अमल करके ठीक वैसे ही कर लेता है लेकिन जब उसके बिजनेस पर कोई ग्राहक आता है तो कारोबारी ग्राहक से बहुत बेरुखे तरीके से बात करता है। ग्राहक द्वारा कुछ भी पूछने पर खीज उठता है। तो क्या वह ग्राहक उस कारोबारी के यहां से खरीददारी करना पसंद करेगा? इसका उत्तर बिल्कुल साफ़ है कि नहीं।

ग्राहक को अगर किसी और जगह पर भले ही कुछ पैसे महंगी चीजें मिलेंगी वह उसी जगह पर खरीददारी करना पसंद करेगा। तो बिजनेस बढ़ाने के लिए कारोबारी का व्यवहार बहुत मायने रखता है। इसलिए बिजनेस सँभालने वाले व्यक्ति को ग्राहकों से अच्छे से बात करने आना चाहिए।

पर्याप्त पूंजी न होने पर बिजनेस लोन की सहायता लेना

अक्सर ऐसा होता है कि किसी कारोबारी को अपने बिजनेस में कुछ नई चीजें लाना होता है या किसी कर्मचारी को नौकरी पर रखना होता है। लेकिन, कारोबारी यह चाहते हुए भी नहीं कर पाता। क्योंकि उस कारोबारी के पास पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं होता। तो क्या ऐसी स्थिति में उस कारोबारी को सिर्फ ओना मन-मसोस कर रह जाना चाहिए? बिल्कुल नहीं। उस कारोबारी को चाहिए कि बिजनेस लोन की सहायता से पूंजी का इंतजाम करें और अपने बिजनेस की जरूरतों को पूरा करे।

इसे भी जानिए: सफल बिजनेसमैन कैसे बने? जानिए 5 टिप्स

आज की तारीख में लगभग सभी सरकारी – प्राइवेट बैंकों के साथ कई नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) से बिजनेस लोन बहुत आसानी से मिल जाता है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि देश की प्रमुख एनबीएफसी ZipLoan से एमएसएमई कारोबारियों को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन, सिर्फ 3 दिन* में प्रदान किया जाता है। ZipLoan से मिलने वाले बिजनेस लोन की खास बात है कि यह लोन 6 महीने बाद प्री-पेमेंट चार्जेस फ्री होता है।

इसी के साथ आपको बताते दें कि ZipLoan द्वारा व्यापारियों की सहायता के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट प्रदान किया जाता है। लाइन ऑफ क्रेडिट की विशेषताएं निम्न हैं-

  • लाइन ऑफ क्रेडिट में एक सेट लिमिट मिल जाता है।
  • लिमिट में से जितना धन खर्च होता है, उतने धन पर ही ब्याज लागू होता है।
  • लाइन ऑफ क्रेडिट में से खर्च लिमिट का भुगतान कर देने पर लिमिट पहले जितनी ही हो जाती है।
  • लाइन ऑफ क्रेडिट में खर्च का भुगतान करने के लिए 60 दिनों तक का समय मिलता है।

लाइन ऑफ क्रेडिट प्राप्त करने लिए ZipLoan ऐप डॉउनलोड करें। ZipLoan ऐप डॉउनलोड करने लिए क्लिक करें: ZipLoan App 

आप सीधे यहां पर क्लिक कर भी लाइन ऑफ क्रेडिट के लिए आवेदन कर सकते हैं-

क्रेडिट लोन के लिए आवेदन करें

दुकान की लोकेशन पब्लिक प्लेस पर रखना

कोई भी बिजनेस तभी चलता है जब बिजनेस वाले इलाके में पब्लिक हो। मतलब दुकान मार्केट वाले इलाके में होना चाहिए। यह तभी संभव है जब बिजनेस शुरु करने से पहले मार्केट रिसर्च किया गया हो। रिसर्च में यह भी शामिल करना अनिवार्य है कि पब्लिक की कितनी आमदनी है और लोग कितना पैसा खर्च करते हैं। इसके हिसाब से बिजनेस किया जाता है तो बिजनसे में लाभ प्राप्त होता है।

See also  एमएसएमई लोन और इसका महत्व जानिए

वैराइटी वाला सामान रखना

आज के ग्राहक अधिक पैसे खर्च करना चाहते हैं। बशर्ते उन्हें उनकी मनपसंद चीजे मिले। ग्राहक की मनपसन्द चीजे तभी मिलती है जब ग्राहक के सामने कई वेराइटी वाला प्रोडक्ट होता है। तो बिजनेसमैन को अपने बिजनेस में बिक्री बढ़ाना है तो उन्हें चाहिए कि वह अपने बिजनेस में कई वेराइटी वाला प्रोडक्ट रखें।

अगर किसी कारोबारी के पास वेराइटी के आइटम रखने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है तो उन्हें बिजनेस लोन का लाभ लेना चाहिए। बिजनेस लोन लेकर कारोबारी अपने बिजनेस को वेराइटी वाले प्रोडक्ट से भर सकते हैं। आज की तारीख में लगभग सभी बैंक और नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) से बिजनेस लोन बहुत आसानी से मिलता है।

समय – समय पर छूट का ऑफर देते रहना

ऑफर और छूट ये दोनों ऐसे शब्द हैं जिसपर हर भारतीय लट्टू होता है। लट्टू होने का मतलब है कि ग्राहक छूट पर मिल रहे प्रोडक्ट को हर कीमत पर खरीदना चाहता है। इसलिए भारतीय मार्केट में बिजनेस को सफल करने के लिए समय – समय पर छूट का ऑफर और एक सामान पर एक प्रोडक्ट फ्री जैसे ऑफर देते रहना चाहिए। इससे बिजनेस में बिक्री एकाएक बढ़ जाएगी।

दुकान पर आने वाले ग्राहकों के साथ अच्छा व्यवहार करें

इंसान को जहां सम्मान मिलता है, वहां से वह दो – चार पैसे अधिक कीमत पर भी चीजें खरीदने के लिए तैयार रहता है। सम्मान एक ऐसी चीज है जो इंसान को अपने तरफ खिच लाती है। इसलिए, बिजनेस पर जो भी व्यक्ति बैठे उसे ग्राहकों को सम्मान देने आना चाहिए। बिजनेस पर बैठने वाले व्यक्ति को इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि ग्राहकों से कैसे बात करना है और किस तरह का व्यवहार करना है।

जिस कारोबारी ने ग्राहकों के मन को सम्मान दे दिया, समझिये वह ग्राहक उस स्थाई ग्राहक बन जायेगा। इस तरह बिजनेस में बिक्री अपने आप बढ़ जाएगी। बिजनेस में बिक्री बढ़ाने का यह एक शानदार तरीका है।

महंगे प्रोडक्ट क्रेडिट पर देने का प्रयास करें

आज का समय टेक्नोलॉजी का दौर है। इस टेक्नोलॉजी के दौर में हर रोज नई तकनीकयुक्त चीजें मार्केट में आ रही हैं। इंसानी फितरत होती है कि वह हर नई चीज खरीदना चाहता है लेकिन उसके रस्ते में उसकी पाकिट आ जाती है। मतलब व्यक्ति कोई महंगी चीज खरीदना तो चाहता है लेकिन पर्याप्त पैसा न होने के चलते रुक जाता है।

इसे भी जानिए- लाइन ऑफ़ क्रेडिट क्या है? यह बिजनेस लोन से कैसे अलग है – What is Line of Credit

ऐसे में बिजनेसमैन को एक चीज बहुत लाभ करा सकती है। बिजनेसमैन को चाहिए कि वह महंगे प्रोडक्ट को किश्त पर बेचे। मतलब हर महीने एक निश्चित रकम लेकर प्रोडक्ट को ग्राहक को बेच दे। और महीने के हिसाब से प्रोडक्ट का मूल्य उसूल कर ले। इस हिसाब से दोनों खुश हो जायेंगे। ग्राहक को उसकी पसंदीदा चीज मिल जाएगी और कारोबारी को किश्तों के हिसाब से प्रोडक्ट का मूल्य मिल जायेगा।

कारोबारी चाहे तो किश्त के साथ कुछ ब्याज भी लगा सकता है। किश्त पर लगाने वाले ब्याज से ग्राहक नाराज भी नहीं होगा और बिजनेसमैन की बिक्री बढ़ जाएगी। जब बिक्री बढ़ेगी तो स्वाभाविक तौर पर मुनाफा बढ़ेगा।

इसे भी जानिए- जानिए कैसे मिलती है व्यापार में सफलता- Vyapaar Me Safalta Ke Upaay

Related Posts

MSME Full FormMSME RegistrationCGTMSE
MSME LoanVAT RegistrationUdyog Aadhaar
GST RegistrationStand Up India SchemeCGTMSE Fee
Shop LoanWhat is CGSTDownload GST Certificate
PM SVAnidhi SchemeCancelled ChequeUPI Full Form
Business Loan EligibilityGST Full FormE-Way Bill Unblocking
CIN NumberGST LoginUAN Number