जब किसी भी इंसान का पृथ्वी पर जन्म हो जाता है तो उसे भोजन की आवश्यकता होती ही है। अब यह उस इंसान पर निर्भर करता है कि वह अपने लिए भोजन का इंतजाम कैसे करता है।

भोजन का इंतजाम करने से हमारा तात्पर्य जीविकापार्जन करने से है। सभी लोगों को अपने जीविकापार्जन के लिए कुछ न कुछ करना होता ही है।

कुछ लोग जीविकापार्जन हेतु नौकरी करना पसंद करते हैं तो कुछ लोग जीविकापार्जन के लिए बिजनेस करना पसंद करते हैं।

नौकरी का फायदा और नुकसान

अगर मैं कहा जाय कि तय समय पर फिक्स सैलरी मिलना ही नौकरी का प्रमुख लाभ है तो यह सही नहीं होगा। नौकरी में तय समय पर फिक्स तनख्वाह तो मिलती ही है। इसके साथ ही बोनस, प्रमोशन, फिक्स पेढ छुट्टियाँ, स्वास्थ्य बिमा, एचआरए, सामाजिक सुरक्षा भी मिलता है।

यही चीजें किसी को भी नौकरी करने के लिए प्रत्यनशील कर सकती हैं। हांलाकि ऐसा नहीं है कि नौकरी में सिर्फ फायदे ही फायदे हैं। कुछ नुकसान या यूं कहें कि सीमित दायरा भी हैं।

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जैसे- काम के घंटे से बंधे रहना, फिक्स सैलरी के अलावा एक भी पैसा अधिक नहीं मिलना, ऑफिस के नियमों से बंधे रहना, कुछ भी अपने मन का नहीं कर पाना, अपने घर से दूर रहना, अपने से ऊपर के अधिकरियों के अधीन काम करना। यह कुछ नौकरी की कुछ मुश्किलें हैं, जिन्हें हर नौकरी करने वाले को झेलना होता है।

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अपना बिजनेस का घाटा – मुनाफा

जैसा आपने देखा कि बिजनेस में ‘अपना’ शब्द लगा हुआ है। मतलब सबकुछ अपना होता है। बिजनेस घाटा होगा तो अपना होगा और मुनाफा होगा तो अपना होगा। इसमें व्यक्ति बिजनेस की हर स्थिति के लिए खुद जिम्मेदार होता है। बिजनेस के प्रमुख फायदें में शामिल होता है:

  1. व्यक्ति खुद की मर्जी का मालिक होता है।
  2. बिजनेस में जितना भी मुनाफा होगा, सभी पर बिजनेस मालिक का अधिकार होता है।
  3. बिजनेस पीढ़ियों तक चलता है। मतलब एक के बाद एक को स्थापित बिजनेस मिलता जाता है। इससे आने वाली पीढ़ियों को अपना जीविकापार्जन के लिए कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता है।
  4. कारोबारी के तौर पर पहचान स्थापित होती है।
  5. बिजनेस बढ़ाने का भरपूर मौका होता है। बिजनेस बढ़ाने का मतलब है कि अधिक मुनाफा होना यानी व्यक्ति जितना चाहे उतनी इनकम बना सकता है, यह निर्णय व्यक्ति के हाथ में होता है।

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इस तरह आपने देखा कि जीविकापार्जन के लिए खुद का बिजनेस कितना लाभदायक है। लेकिन, कहते हैं कि गुलाब के साथ कांटें भी होते हैं। मतलब बिजनेस का लाभ होने के साथ – साथ कुछ नुकसान भी हैं। बिजनेस का प्रमुख घाटा निम्न है।

  1. व्यक्ति बिजनेस से बंध जाता है। मतलब कारोबारी अपना बिजनेस चलाने में इतना रम जाता है कि उसे खुद के लिए समय नहीं मिलता है।
  2. बिजनेस में इनकम सतत नहीं होती है। मतलब बिजनेस में कभी बहुत अधिक मुनाफा हो सकता है तो कभी – कभी घाटा भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए बिजनेस करते समय दोनों ही स्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए।
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इस तरह हमने आपके सम्मुख नौकरी के फायदे और नुकसान के साथ खुद का बिजनेस के घाटा – मुनाफा को बहुत ईमानदारी के साथ रख दिया है।

जॉब छोड़कर बिजनेस शुरु करना 

जैसा कि इस आर्टिकल के शुरुआत में ही क्लियर कर दिया गया है कि नौकरी का क्या – क्या फायदा होता है और बिजनेस का क्या – क्या फायदा होता है। अब आपको बता देते हैं कि अगर आप जॉब छोड़कर बिजनेस शुरु करना चाहते हैं, तो इन 5 बातों पर ध्यान देना होगा।

  1. बिजनेस आइडिया को परखे
  2. मजबूत फाइनेंस का इंतजाम करे
  3. बिजनेस को एकदम से बढ़ा न दे
  4. मल्टी चैनल मार्केटिंग करें
  5. बिजनेस लोन का उपयोग करें

बिजनेस आईडिया को परखें

अच्छी सैलरी वाली जॉब करने के दौरान दुनिया बहुत रंगीन नजर आती है। कई बार लोग रंगीन चश्मों से दुनिया देखते हुए कोई बिजनेस आइडिया सोच लेते हैं। लेकिन वह बिजनेस आइडिया कितना कारगर है, यह तब पता चलता है, जब उस आइडिया को मार्केट में लांच किया जाता है।

अगर बिजनेस चला चतो ठीक है, लेकिन बिजनेस नहीं चला तो सब कुछ धरा का धरा रह जाता है। इसलिए बिजनेस आइडिया को परखना बेहद जरुरी है।

कोई व्यक्ति अपनी चलती हुई नौकरी छोड़कर बिजनेस तभी करें. जब उसे अपने बिजनेस आइडिया पर भरोसा हो। क्योंकि इस एक फैसले से व्यक्ति का पूरा जीवन बदल जाता है।

मजबूत फाइनेंस का इंतजाम करे

कहा जाता है कि ‘पानी बिन सब सुन’ ठीक इसी तरह बिजनेस में कहा जाता है कि बिना फाइनेंस के सब सुन। कहने का तात्पर्य यह है कि नौकरी छोड़कर जब बिजनेस करने का प्लान करें तो पहले मजबूत फाइनेंस का इंतजाम कर के ही बिजनेस में हाथ आजमाना चाहिए। इससे भविष्य में होने वाली दिक्कतों से बचा जा सकता है।

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बिजनेस को एकदम से बढ़ा न दे

बिजनेस का विस्तार सतत रुप से करना चाहिए। पहले मार्केट को परखते हुए मार्केट में अपने बिजनेस प्रोडक्ट की जगह बनाने की कोशिश करना चाहिए। जब यह लगे कि आपका बिजनेस प्रोडक्ट मार्केट में अपनी जगह बना लिया है और लोगो को आपके बिजनेस के बारे में जानकारी हो गई है तब, धीरे – धीरे बिजनेस का विस्तार करने के तरफ बढ़ना चाहिए और मल्टीपल प्रोडक्ट लांच करना चाहिए।

मल्टी चैनल मार्केटिंग करें

जॉब छोड़कर बिजनेस शुरु करने पर सबस बड़ी चुनौती होती है अपने बिजनेस को लोगो के बीच पहुंचाना। बिजनेस को लोगो के बीच पहुंचाने के लिए मार्केटिंग सबसे बेहतरीन तरिका हो सकता है।

मार्केटिंग करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीको का संयुक्त मार्केटिंग की जा सकती है। इससे बिजनेस की पहंच लोगो के बीच बढ़ेगी और बिजनेस स्तापित होने में भी मदद मिलेगी।

बिजनेस लोन का उपयोग करें

कारोबार को स्थापित करने के लिए और बिजनेस का विस्तार करने के लिए बिजनेस लोन एक संजीवनी की तरह काम करता है। बिजनेस कुछ समय चलने का बाद जब लगे कि अब बिजनेस का विस्तार करना चाहिए तो इस कार्य के लिए बिजनेस लोन बहुत मददगार साबित हो सकता है।

वर्तमान में बैंको के अलावा एनबीएफसी से भी बिजनेस लोन असानी के साथ मिल जाता है। आपको जानकारी के लिए बात दें कि देश की प्रमुख एनबीएफसी ZipLoan से 7.5 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन, बिना कुछ गिरवी रखे, सिर्फ 3 दिन* में मिलता है।

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