टैक्स में छूट , स्टार्टअप के लिए बल्ले-बल्ले , MSMEs के लिए गुड न्यूज , कॉरपोरेट टैक्स में कटौती

वित् मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दिनांक 01 फ़रवरी 2020 को वित्तीय वर्ष 2020 के लिए बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री के रुप में सीतारमण जी द्वारा यह दूसरा बजट पेश किया गया है।

श्रीमती सीतारमण ने इससे पहले 2019 का वित्तीय बजट पेश क्या था। पहली बजट में निर्मला सीतारमण जी द्वारा कई एतिहासिक बदलाव किया गया था।

2019 से पहले जहां बजट पेश करने जाते वक्त तत्कालीन वित्त मंत्री द्वारा सूटकेस दिखाने का प्रचलन था। वहीं सीतारमण जी द्वारा इस प्रचलन को समाप्त करते हुए लाल रंग की पोटली में बजट पेश किया गया था।

इस वर्ष यानी 2020 में वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण द्वारा पेश बजट 2020 में भी कई फेरबदल किया गया है। इनकम टैक्स स्लैब में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। कुछ चीजों को मंहगा किया गया है तो कुछ चीजों को सस्ता भी किया गया है।

कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की गई है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSMEs) के लिए जल्द लॉजिस्टिक्स पॉलिसी लाने की बात कही गई है।

अगर बात करें स्टार्टअप की तो सालाना टर्नओवर 100 करोड़ वाले स्टार्टअप को 10 साल तक टैक्स छूट देने की बात कही गई है। बजट 2020 में ऐसी तमाम घोषणाएं की गई हैं। आइये जानते हैं बजट 2020 में क्या – क्या हाइलाइट्स है।

बजट 2020 हाइलाइट्स: टैक्स में छूट

मध्यम वर्ग के लिए टैक्स एक बड़ा मुद्दा होता है। मध्यम वर्ग हर बजट से यह उम्मीद करता है की उसके लिए इस बजट में कुछ टैक्स छूट की घोषणा की जाएगी।

बजट 2020 में मध्यम वर्ग के लिए टैक्स में छूट दी गई है। टैक्स स्लैब में कुछ इस तरह बदलाव किया गया है:

सालाना आय वर्ग पहले का टैक्स स्लैब नया टैक्स स्लैब
5 लाख तकटैक्स फ्री इनकमटैक्स फ्री इनकम
5 लाख से 7.5 लाख तक20% टैक्स10% टैक्स
7.5 लाख से 10 लाख तक20% टैक्स15% टैक्स
10 लाख से 12.5 लाख तक30% से टैक्स20% टैक्स
12.5 लाख से 15 लाख30% टैक्स25% टैक्स
15 लाख रुपये से ऊपर30% टैक्स30% टैक्स

 

नए टैक्स स्लैब में टैक्स भरने का दो विकल्प दिया गया है। व्यक्ति चाहें तो पहले के टैक्स स्लैब को चुन सकते हैं और चाहें तो नये टैक्स स्लैब का चुनाव कर सकते हैं।

व्यक्ति कौन टैक्स स्लैब चुनता है यह पूरी तरह से व्यक्ति के चुनाव के ऊपर निर्भर करता है। नये टैक्स स्लैब में उन लोगों को फायदा होगा जिन्होंने कहीं पर भी अपना पैसा इन्वेस्ट नहीं किया है। जिन्होंने अपना पैसा इन्वेस्ट किया है उनके लिए पहले का ही टैक्स स्लैब बेहतर साबित होगा।

यहां पर यह बताना जरूरी है की जो व्यक्ति नया टैक्स स्लैब चुनता है उसको किसी भी तरह का टैक्स बेनिफिट्स नहीं मिल पायेगा। यानी नया टैक्स स्लैब चुनने वाले व्यक्ति को टैक्स कम भरना पड़ेगा लेकिन किसी भी टैक्स छूट का नहीं ले पाएंगे।

स्टार्टअप के लिए बल्ले-बल्ले

नरेंद्र मोदी सरकार का जोर इस बात पर रहा है की देश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में कई बार इस बात का जिक्र भी किया है। स्टार्ट-अप्स के लिए सुविधाएँ प्रदान करना इसी का एक हिस्सा है।

पहले जहां कारोबारियों के लिए मुद्रा लोन योजना, स्टार्ट –अप योजना, स्टैंड अप लोन योजना चलाई गई हैं। वहीं बजट 2020 में स्टार्टअप के लिए बहुत बड़ी छूट दी गई है। अब 100 करोड़ तक वाले स्टार्ट-अप को 10 साल तक टैक्स में छूट दी जाएगी।

अब तक सिर्फ 25 करोड़ रुपये तक के सालाना कारोबार करने वाले स्टार्ट अप को ही टैक्स छूट मिलती थी। नई व्यवस्था में अब 100 करोड़ रुपये तक के कारोबार करने वाले स्टार्ट अप को टैक्स छूट मिलेगी। स्टार्ट अप को तीन साल के लिए अपने मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

बजट 2020 में MSMEs के लिए शानदार मौका

वित्त मंत्री द्वारा MSME के लिए सिंगल विंडो वाले ई-लॉजिस्टिक्स बाजार का गठन करने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और MSME को आपस में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए जल्द ही एक राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति लाने की घोषणा की गई है।

ई-लॉजिस्टिक्स बाजार का गठन करने की घोषणा करने के साथ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नीति में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों तथा प्रमुख नियामकों की भूमिकाएं स्पष्ट की जाएंगी। श्रीमती सीतारमण का मानना है की इससे सिंगल विंडो वाले ई-लॉजिस्टिक्स बाजार का सृजन होगा तथा एमएसएमई प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इससे रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।’

बजट 2020 हाइलाइट्स: कॉरपोरेट टैक्स में कटौती

वित्त मंत्री की बजट पोटलीके बजट भाषण में कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करने की बात कही गई। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में खपत और मांग, प्राइवेट निवेश और सरकारी खर्चों में सुधार लाने के लिए सरकारी राजस्व पक्ष कम नहीं किया जा सकता है।

सरकार की जिम्मेदारी थी की वह राजकोषीय घाटे को कम करें। राजकोषीय घाटा 0।5% तक कम करना था। यह लक्ष्य कॉरपोरेट टैक्स में कटौती करके, नई कंपनियों द्वारा प्राप्त लाभ, साथ ही जीएसटी संग्रह में सुधार से राजस्व उत्पादन में सुधार होगा और विनिवेश में सुधार के साथ अगले साल राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। ऐसा वित्त मंत्री का मानना है।

बजट 2020 पर पीएम नरेंद्र ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2020 की तारीफ करते हुए कहा कि यह बजट किसानों की आय दोगुनी करने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री आगे बोलते हुए कहें कि इस बजट में 16 एक्शन प्लान और कृषि क्षेत्र के लिए एकीकृत नीति अपनाई गई है।

नरेंद्र मोदी के अनुसार यह बजट अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करेगा। इससे देश के प्रत्येक नागरिक को आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। श्री मोदी जी का कहना है कि बजट 2020 में रोजगार के प्रमुख क्षेत्र कृषि, इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्सटाइल और रोजगार पर बजट में जोर दिया गया है।

डिफेंस बजट में 6% बढ़ोतरी की है

वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट 2020 में रक्षा बजट को बढ़ाया गया है। कहा गया है की इस बार डिफेंस बजट में 6% की बढ़ोतरी हुई है।

पिछले साल रक्षा बजट सालाना 3.18 लाख करोड़ रुपये था। अब यह बजट 3.37 लाख करोड़ हो गया है। अगर इसमें पेंशन बजट को भी जोड़ दें तो यह बढ़कर 4.7 लाख करोड़ हो जाता है।

एलआईसी के हिस्से को बेचने की बात कही गई है

बजट 2020 में भारतीय जीवन बिमा निगम (एलआईसी) के एक हिस्से को बेचने की बात कही गई है। हालाँकि अभी यह नहीं बाताया गया है ऐसा क्यों किया जा रहा है और एलआईसी का कौन सा हिस्सा बेचा जायेगा।

एलआईसी के एक हिस्सा बेचने के बात पर केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अगर एलआईसी का एक छोटा सा हिस्सा बेचा जाता है तो इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इससे पब्लिक को कोई नुकसान नहीं होगा।