आधार उद्योग या उद्योग आधार इसको लेकर अधिकतर कारोबारी कन्फ्यूजन में रहते हैं। सबसे पहले इसको स्पष्ट करना ठीक रहेगा। दरअसल Udyog Aadhar और आधार उद्योग दोनों एक ही है। बस इसके नामकरण में कई बार लोग आधार उद्योग बोल देते हैं तो कई बार Udyog Aadhar योजना।

1947 में जब भारत को जब इंग्लैण्ड शासन से स्वतंत्रता मिली तब के समय चीजे बहुत बिखरी हुईं थी। भारत के लोगों का कोई एक पहचान पत्र नही हुआ करता था। सभी राज्य अपनी सुविधानुसार पहचान पत्र की मांग करते थे।

कुछ समय बाद भारत में आम चुनाव हुआ और जवाहरलाल नेहरु को प्रधानमंत्री चुना गया। इसके बाद लीडरशिप ने देश के नागरिकों की पहचान और सरकारी सुविधाओं का लाभ देने के लिए निर्वाचन कार्ड (वोटर कार्ड) का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया।

समय बहुत तेजी से बदला। 80 का दशक आते – आते तकनीकी यानी टेक्नोलॉजी भारत में अपना पैर पसारने लगी। 1990 के बाद भारत में टेक्नोलॉजी ने अपना प्रभाव दिखाना शुरु कर दिया। चीजें टेक्नोलॉजी से चलाने लगी।

इन सब बादलों के बीच देश में एक ऐसा नागरिक पहचान पत्र की मांग होने लगी जिससे सभी नागरिकों की पहचान और उनके आवश्यक विवरण एक यूनिक नंबर पर दर्ज हों। 2016 में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) आधार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आधार कार्ड लांच किया गया।

आधार कार्ड लांच होने से भारत में यहां से नागरिकों को एक 12 अंकों का यूनिक पहचान नंबर मिला। 12 अंकों के इस यूनिक नंबर को आधार कार्ड नंबर कहा जाता है। इससें जहां भारत में कई दशकों से नागरिक पहचान की की कमी थी वह ख़त्म हो गई है।

आधार कार्ड आने से देश के नागरिकों के साथ ही सरकार को बहुत अधिक लाभ हुआ। लाभ के क्रम में छोटे और मध्यम कारोबारियों को पहले स्थान पर रख सकते हैं। क्योंकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकर द्वारा Udyog Aadhar योजना चलाई जा रही है। इस योजना द्वारा छोटे और मध्यम कारोबारियों की सीधे तौर पर लाभ मिलता है।

उद्योग आधार क्या है – Udyog Aadhar Kya hai

भारत में छोटे और मध्यम कारोबार (एमएसएमई उद्योग) का महत्वपूर्ण योगदान है। भारतीय अर्थव्यवस्था और जीडीपी ग्रोथ में छोटे और मझोले उद्योग अहम भूमिका निभाते हैं। लघु उद्यमियों के लिए सरकार की तरफ से कई योजना चलाई जाती हैं।

सरकारी योजनाओं का मकसद लघु उद्योग का बढ़ावा देना और बंद पड़े या धीमी गति से चल रहे उद्यम को रफ़्तार देना होता है। ऐसे में जब किसी लोन योजना जैसे मुद्रा लोन योजना या अन्य कोई योजना शुरु की जाती है तो बहुत अधिक संख्या में कारोबारी आवेदन कर देते हैं।

कई बार ऐसा भी होता है कि जिन उद्यमियों को बिजनेस लोन की जरूरत होती है उनको बिजनेस लोन योजना का लाभ नही मिल पाता है बल्कि किसी कम जरूरत वाले कारोबारी को लोन योजना का लाभ मिल जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बहुत अधिक आवेदन होने के चलते योग्य लाभार्थी की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

इस गफलत से बचने के लिए सरकार द्वारा एक तकनीक निकाली गई। योजना लाकर सभी छोटे और मध्यम उद्योग का रजिस्ट्रेशन करा लिया गया। इस योजना का नाम दिया गया “आधार उद्योग योजना”। आधार उद्योग योजना को उद्योग लोन योजना के नाम से भी जाना जाता है।

इस योजना के अंतर्गत कारोबारी लघु उद्योगों से लेकर मध्यम उद्योगों का Udyog Aadhar योजना रजिस्ट्रेशन (Udyog Aadhar Registration) करा कर के सरकार की विभिन्न योजनाओं और सरकारी लोन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

आधार उद्योग योजना (Udhyogaadhar) सरकार की ओर से नए Entrepreneurs के लिए एक नया सकारात्मक कदम है।Udyog Aadhar (Udhyogaadhar) योजना से जरूरतमंद कारोबारियों को सरकारी योजना का लाभ मिलना आसान हो जायेगा।

आधार उद्योग नंबर क्या होता होता है और कैसे मिलता है?

जब कारोबारी आधार उद्योग योजना में रजिस्ट्रेशन करा लेता है तो उसको एक 12 अंकों का यूनिक नंबर दिया जाता है। इस 12 अंकों के यूनिक नंबर को आधार उद्योग नंबर कहते हैं।

अगर बात करें कि Udyog Aadhar नंबर कैसे मिलता है तो इसका उत्तर होगा कि जब कारोबारी Udyog Aadhar के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर देता है और फॉर्म सबमिट और अप्रूव होने के बाद कारोबारी को जो 12 अंकों का एक नंबर मिलता है, वही Udyog Aadhar नंबर होता है।

एमएसएमई लोन क्या होता है और किसे मिलता है

आधार उद्योग फॉर्म कैसे भरा जाता है?

आधार उद्योग का फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से भरा जाता है। Udyog Aadhar ऑफलाइन फॉर्म भरने के लिए कारोबारी को आधार उद्योग की वेबसाइट https://udyogaadhaar.gov.in/UA/UAM_Registration.aspx पर जाना होगा  और वेबसाइट से Udyog Aadhar का फॉर्म डाउनलोड करना होगा।

आधार उद्योग फॉर्म डाउनलोड करने के बाद उसे ठीक तरीके से भरना होता है। फॉर्म भरने के बाद उसके कुछ जरूरी कागज़ी दस्तावेज तत्थी करना होता है।

कोई कारोबारी जब भी Udyog Aadhar का फॉर्म भरें उनको सलाह दी जाती है कि सबसे पहले वह यह जांच कर लें कि फॉर्म के साथ किस –किस डोक्युमेन्ट्स की जरूरत पड़ने वाली है। उन सभी डोक्युमेन्ट्स को तैयार रखे। जब फॉर्म अच्छी तरह से भर जाये और सभी जरूरी डोक्युमेन्ट्स नत्थी हो जाएं तो उसे लेकर जिला उद्योग कार्यालय में जमा कर दें।

उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन प्रोसेस कैसे होता है?

जैसे कि ऊपर बताया गया है आधार उद्योग रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस 2 तरीके से होता है: ऑनलाइन और ऑफलाइन। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस ऊपर बताया गया है। आइये अब आपको आधार उद्योग के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के प्रोसेस के बारें में समझते हैं।

  • सबसे पहले https://udyogaadhaar.gov.in/UA/UAM_Registration.aspx वेबसाइट ओपन करें।
  • वेबसाइट ओपन करने के बाद अपना आधार नंबर और कारोबारी का नाम लिखकर वैलीटीडेट और OTP जेनरेट करें।
  • फॉर्म वैलीटीडेट होने के बाद उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन का फॉर्म खुल जायेगा।
  • फॉर्म दो पार्ट में होगा। पहले पार्ट में कारोबारी की व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है। फॉर्म के दूसरे पार्ट में कारोबार से संबंधित सभी तरह की जानकारी मांगी जाती है।
  • दोनों पार्ट में अच्छी तरह से जानकारी भरने के बाद उसे सबमिट कर दीजिये।

आधार उद्योग फॉर्म सबमिट होने के बाद एक 12 अंकों का यूनिक कोड मिल जाता है, उसे ही Udyog Aadhar नंबर कहते हैं। फॉर्म सबमिट करने के 15 दिनों के भीतर कारोबारी के दिए गये एड्रेस पर Udyog Aadhar कार्ड भेजा जाता है। आधार उद्योग कार्ड का इस्तेमाल कारोबारी किसी भी लोन योजना में फॉर्म भरने के लिए कर सकते हैं। इसी कार्ड के बदौलत कारोबारियों को किसी भी योजना में लाभ देने में प्राथमिकता दी जाती है।

आधार उद्योग के फायदे क्या हैं?

उद्योग आधार के फायदें निम्न हैं:

  • योजना का रजिस्ट्रेशन ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी होता है।
  • किसी भी सरकारी योजना का लाभ सबसे पहले मितला है।
  • एक व्यक्ति/एक कारोबार को एक ही बार उद्योग आधार नंबर मिलता है।
  • प्रक्रिया काफी लचीली है।
  • रजिस्ट्रेशन बिना कोई शुल्क दिए होता है।