बिजनेस मुख्य रुप से दो तरीके से होता है. एक होता है परम्परागत तरीके से बिजनेस करना और एक होता है स्मार्ट तरीके से बिजनेस करना.

बिजनेस परम्परागत के परम्परागत तरीके में अधिक मेहनत में भी औसत कमाई होती है. जबकि स्मार्ट तरीके से बिजनेस करने पर औसत मेहनत करने पर भी औसत से अधिक कमाई होती है.

तो ऐसे में यह सवाल उठना स्वभाविक है कि बिजनेस का परम्परागत तरीका क्या है और बिजनेस का स्मार्ट तरीका क्या है? आगे बढ़ने से पहले आइये हम यह समझते हैं कि बिजनेस का परम्परागत तरीका क्या है और बिजनेस का स्मार्ट तरीका क्या है?

बिजनेस का परम्परागत तरीका

जैसा कि इसमें परम्परागत शब्द जुड़ा हुआ है. तो हम सबसे पहले परम्परागत शब्द का अर्थ समझते हैं. परम्परागत शब्द का अर्थ है – वह तरीका जो कई पीढ़ियों या वर्षों से चला आ रहा हो, उसमे किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया हो. इस तरह के कार्य को हम परम्परागत कार्य की श्रेणी में रखते हैं.

परम्परागत बिजनेस का उदाहरण देखने के लिए आपको कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है. बल्कि आप अपने आस – पास ही परम्परागत तरीके का बिजनेस देख सकते हैं. परम्परागत बिजनेस में जनरल स्टोर की दुकानें, ग्रोसरी की दुकाने इत्यादि आती हैं.

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बिजनेस का स्मार्ट तरीका

यहां पर स्मार्ट शब्द का उपयोग किया गया है. स्मार्ट का मतलब चीजों को समानी से करना. बिजनेस में स्मार्ट शब्द का प्रयोग टेक्नोलॉजी से है. आज के इस ऑनलाइन के दौर में जब सभी कुछ ऑनलाइन हो गया है, तो बिजनेस को इससे वंचित क्यों रखना.

स्मार्ट तरीके से बिजनेस करने के लिए अपने बिजनेस को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर ले जाने की जरूरत होती है. ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का मतलब सिर्फ अमेज़न या फ्लिपकार्ट ही नहीं है बल्कि और भी बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं.

ऑनलाइन के अन्य विकल्पों में खुद की वेबसाइट बनाकर या खुद का ब्लॉग बनाकर अपने बिजनेस को प्रमोट करना या समान की होम डिलीवरी करना शामिल है. आइये अब आपको बताते हैं कि आप ऑनलाइन बिजनेस कैसे कर सकते हैं?

ऑनलाइन बिजनेस करना

आज के इस टेक्नोलॉजी के दौर में कोई बिजनेसमैन अपना बिजनेस ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर लेकर नहीं जाता है, तो वह बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि लोग अब इतने सुविधाभोगी बन चुके हैं कि वह हर सभी चीजों की डिलीवरी घर पर चाहते हैं.

ऐसे में बिजनेस लोन को ऑनलाइन करने का फैसला बहुत समझदारी भरा फैसला साबित होगा. अपने बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने के लिए यहां बताए जाने वाले प्रोसेस को फ़ॉलो करना होगा.

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सबसे पहले अपने बिजनेस में उपलब्ध चीजों की लिस्ट तैयार करें

ग्राहक जब किसी भी ऑनलाइन पोर्टल पर जाता है, तो वह सीधे सामान के लिए ऑर्डर नहीं दे देता है. बल्कि सबसे पहले सामान की लिस्ट और मूल्य देखना चाहता है. इसके बाद अगर व्यक्ति के मनमुताबिक चीजें मिलती हैं, तब वह सामान के लिए ऑर्डर देता है.

बिजनेस ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर ले जाने के लिए सबसे जरूरी है कि बिजनेसमैन अपने बिजनेस में उपलब्ध चीजों की एक लिस्ट तैयार करें. सामान की लिस्ट इस प्रकार होना चाहिए कि उसमे सामान का नाम और मूल्य दोनों साफ – साफ़ लिखा हो.

सामान की लिस्ट तैयार करते वक्त इस बात की सावधानी रखें कि लिस्ट में उसी प्रोडक्ट का नाम लिखें, जो प्रोडक्ट आपके यहां उपलब्ध हो. बिना उपलब्ध वाले प्रोडक्ट का नाम लिख देने पर ग्राहकों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है.

ऑनलाइन बिजनेस प्लेटफ़ॉर्म ढूढें   

जब कारोबारी अपने बिजनेस में उपलब्ध चीजों की लिस्ट तैयार कर लेते हैं, तो इसके बाद महत्वपूर्ण काम होता है, उस जगह की खोज करना, जहां से प्रोडक्ट बेचा जा सके. इसके लिए ऑनलाइन सेलिंग पोर्टल सर्च करना कारोबारी का दूसरा महत्वपूर्ण कार्य होना चाहिए.

वर्तमान समय में अमेज़न और फ्लिपकार्ट दोनों ऐसी ऑनलाइन सेलिंग प्लेटफ़ॉर्म हैं, जहां पर कोई भी बिजनेसमैन बहुत आसानी से जुड़ सकता है. आपको जानकारी के लिए बता दें कि ऑनलाइन सेलिंग प्लेटफ़ॉर्म से सिर्फ जुड़ना ही काफी नहीं होता है. बल्कि अपने बिजनेस में उपलब्ध प्रोडक्ट की सूची भी ऑनलाइन सेलिंग पोर्टल पर लिस्टिंग करना अनिवार्य होता है.

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अमेज़न और फ्लिपकार्ट दोनों पोर्टल पर कारोबारी को जुड़ने के लिए एक भी पैसा नहीं देना होता है. इन ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ने के लिए सिर्फ उनके वेबसाइट पर जाकर सेलर लॉग इन ऑप्शन में अपना नाम, अपने बिजनेस का नाम और बिजनेस का पता डालकर रजिस्टर्ड करना होता है.

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