देश के सबसे बड़े बिजनेसमैन में से एक अनिल अंबानी ने फाइनली रिलायंस कम्युनिकेशन (R-Com, आर-कॉम) के टेलिकॉम बिजनेस से निकलने की घोषणा कर दी है। एक जमाने में देश की अन्य कंपनियों को टेलिकॉम बिजनेस का पाठ पढ़ाने वाली कंपनी आने वाले कुछ सालों में इतिहास का विषय हो जाएगी। 2002 के समय जब मोबाइल फोन एक लग्‍जरी हुआ करता था, रिलायंस कम्युनिकेशंस (तब रिलायंस इंफोटेक) ने महज 500 रुपए में लोगों को मोबाइल की सुविधा उपलब्ध कराके इस इंडस्ट्री की सूरत बदल दी थी।

दूसरी कंपनियों को सिखाया बिजनेस पाठ-

इंडस्ट्री में जब कॉम्पिटिशन बढ़ा तो सस्ती कॉल दरें, अट्रैक्टिव ऑफर्स देकर इंडस्ट्री में नए बिजनेस मॉडल की शुरुआत की। बाद में इसी मॉडल को सभी बड़ी टेलिकॉम कंपनियों ने अपनाया। हालांकि एयरटेल, जियो, आइडिया और वोडाफोन जैसी कंपनियां तो आज भी मार्केट में मजबूती से टिकी हैं, लेकिन आरकॉम अब टेलिकॉम कारोबार नहीं करेगी।

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कंपनी से कहां हुई चूक-

R-Com वो कंपनी है, जिसने आज से 16 साल पहले महज 500 रुपये में मोबाइल फोन बेच कर टेलीकॉम इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था। अनिल अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी का सपना था, कि भारत में हर व्यक्ति पास एक मोबाइल फोन हो। इस सपने को अनिल अंबानी ने लगभग साकार भी कर दिया था। फिर ऐसा क्या हुआ कि देश की बड़ी कंपनियों में से एक कंपनी यह हालत हो गई। आज हम अपनी खास रिपोर्ट में आपको ये बताएंगें कि आखिरकार कैसे एक लीडर कंपनी कर्जदार बनी और अब उसी बिजनेस को ही अलविदा कह रही है।

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अनिल अंबानी की कंपनी ने पकड़ी गलत दिशा-

बिजनेस एक्सपर्ट्स का कहना है, कि जो R-com अनिल अंबानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी थी, वो गलत एक्सपेंशन प्लान की वजह से परेशानी में पड़ गई। कंपनी पर कर्ज बढ़ता गया, जो वह चुका नहीं पाई। वहीं, बाद में जब टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलायंस जियो के आने के बाद प्राइसिंग वार शुरू हुआ, कैश न होने से आर-कॉम इस प्रतियोगिता में टिकी नहीं रह पाई। इसी वजह से वह दूसरी बड़ी कंपनियों से पीछे होती गई और आज वह सब्‍सक्राइबर्स के मामले में टॉप 5 में शामिल नहीं है।

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2010 से शुरु हुई गिरावट-

साल 2010 तक R-com एडीएजी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी थी। 2010 तक आर-कॉम का मार्केट शेयर टेलिकॉम इंडस्ट्री में 17 फीसदी था और वह दूसरी बड़ी कंपनी थी। उसी दौरान कंपनी ने अपने विस्तार के लिए लोन लिया और उसका सही मैनेजमेंट नहीं हो पाया। इससे कर्ज बढ़ता गया, लेकिन उसे चुकाया नहीं जा सका, और कंपनी का वहीं से डिक्लाइन शुरू हो गया। फाइनेंशियल ईयर 2010 में कंपनी पर 25 हजार करोड़ कर्ज था, जो कि अब बढ़कर 45 हजार करोड़ हो चुका है।

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अनिल अंबानी

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आपको रहना है सावधान-

बिजनेस लोन लेने के बाद उस राशि को सही से मैनेज ना कर पाने की वजह से अनिल अंबानी की कंपनी R-Com यह हालत हुई है। आपको भी बिजनेस लोन लेते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजनेस लोन लेने के बाद लोन राशि को सही जगह पर प्रयोग करें। कोशिश करें कि फ्लेक्सी लोन लें, जिसके कारण आप सही समय पर उसे चुका सकें।

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