अमेरिका और चीन के बीच इस समय ट्रेड वॉर चल रहा है और दोनों देश एक दूसरे के यहां से आयात पर शुल्क बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों के बीच ट्रेड वार ने भारतीय उत्पादों के लिए अवसरों के नए आयाम पेश किए हैं। उद्योग जगत की संस्था भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को कहा कि मौजूदा हालात में भारत को अमेरिका में मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, वाहन और परिवहन पुर्जे, रसायन, प्लास्टिक और रबर उत्पादों के निर्यात पर फोकस करना चाहिए।

अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार

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अमेरिका और चीन का ट्रेड वार क्या है-

आपको बता दें कि हाल में अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया है। चीन भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इन दो आर्थिक महाशक्तियों के बीच ट्रेड वॉर से भारत के लिए मौके बढ़े हैं। सीआईआई ने कहा, ‘अमेरिका और चीन द्वारा एक दूसरे के आयात पर शुल्क बढ़ाने के फैसले से भारत दोनों देशों के बाजारों में निर्यात के लिए कई उत्पादों पर ध्यान दे सकता है।’

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CII ने कहा कि जिन उत्पादों पर शुल्क बढ़ाया गया है उनमें अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले भारत के शीर्ष उत्पादों में पंप, सैन्य विमान के कलपुर्जे, इलेक्ट्रोडायग्नास्टिक उपकरण के पुर्जे, 1500 से 3000 सीसी के यात्री वाहन और वॉल्व बॉडीज शामिल हैं। पिछले साल भारत से इन वस्तुओं का निर्यात 5 करोड़ डॉलर (करीब 343 करोड़ रुपये) से कुछ ज्यादा रहा था।

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यूएस की तरफ से FDI को दें बढ़ावा-

CII ने कहा कि वियतनाम, इंडोनेशिया, थाइलैंड और मलेशिया जैसे देशों ने पिछले कुछ वर्षो में अमेरिका में इन उत्पादों का निर्यात खासा बढ़ाया है। संस्था के अनुसार परिधान और कपड़ा, फुटवियर, खिलौने और गेम्स तथा सेलफोन विनिर्माण भारत में प्रतिस्पर्धी उद्योग बन गए हैं जिन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। CII ने कहा कि इसके अलावा, भारत के बिजनेस क्लाइमेट में अमेरिकी कंपनियों के विश्वास को बढ़ाकर यूएस की तरफ से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।