आत्मनिर्भर भारत पैकेज के पार्ट 3 में वित्त मंत्री ने एकबार फिर से किसानों और कृषि संबंधी अन्य काम जैसे फिशरीज, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, मधुमक्खी पालन, पशुपालन को राहत देने का ऐलान किया है।

खेती से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का फंड दिया गया है। 11 कदमों की घोषणा की गई है। इससे कृषि उत्पादक संघ, कृषि स्टार्टअप आदि को भी लाभ प्राप्त होगा। किसानों को उनके उत्पाद की सही कीमत दिलाने के लिए तीन सुधारों का ऐलान भी किया गया है।

किसानों के लिए की गई घोषणा

  • लॉकडाउन में 74 हजार करोड़ की फसल की खरीद हुई है।
  • एएसपी के रूप में किसानों के लिए 74 हजार 300 करोड़़ रुपए खर्च किए गए हैं।
  • पीएम किसान योजना के जरिए किसानों को 18 हजार 700 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस योजना में हर किसान को 2 हजार रुपया प्राप्त हुआ है।
  • पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 6400 करोड़ रुपए का मुआवाजा दिया गया है।
  • लॉकडाउन के दौरान दूध की डिमांड 20-25 पर्सेंट घट गई थी इसलिए किसानों से 111 करोड़ लीटर अतिरिक्त दूध की खरीद की गई ह। इस पर 4100 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
  • किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके इसके लिए सरकार आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) में संशोधन करेगी। अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दालें, प्याज और आलू सहित कृषि खाद्य सामग्री को डी-रेग्युलेट किया जाएगा
  • ऑपरेशन ग्रीन का विस्तार टमाटर, प्याज और आलू के अलावा बाकी सभी फल और सब्जियों के लिए भी किया जाएगा। इसके लिए 500 करोड़ की घोषणा की गई है। फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छह महीने के लिए लागू किया जाएगा।

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एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए घोषणा की गई है

  • फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
  • माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (एमएफई) के फॉर्मलाइजेशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। लगभग 2 लाख एमएफई को इसका लाभ मिलेगा।
  • इससे जुड़े लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ंगे। जैसे बिहार का मखाना, जम्मू कश्मीर का केसर, नॉर्थ ईस्ट का बंबू शूट, यूपी का आम इत्यादि।

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मछली पालन के लिए की गई घोषणा

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
  • पीएम मतस्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए रखा गया हैं।
  • इससे अगले 5 साल में मतस्य उत्पादन 70 लाख टन बढ़ेगा। इससे 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और निर्यात दोगुना होकर 1 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा।
  • पीएम मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य पालन, मछली पकड़ने के बुनियादी ढांचे और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए 20000 करोड़ रुपये का फंड का प्रावधान किया गया है।
  • इस सभी कदम से 55 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और 1 लाख करोड़ रुपये का दोहरा निर्यात होगा।

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नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम

  • पशुओं को मुंह पका-खुर पका बीमारी से बचाने के लिए वैक्सीन लगाया जाएगा।
  • इस पर 13,343 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत 53 करोड़ पशुओं को टीका लगाया जाएगा। अभी तक 1.5 करोड़ गाय और भैसों को टीका लगाया गया है।
  • 53 करोड़ पशुधन का 100% टीकाकरण किया जायेगा।

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पशुपालन में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 15 हजार करोड़

  • इससे अधिक दूध उत्पादन होगा और प्रोसेसिंग यूनिट आदि लगाए जाएंगे।
  • पशुपालन के बुनियादी ढांचा बेहतर किया जायेगा। इस योजना में दूध का एक्सपोर्ट का अवसर मिलेगा
  • डेयरियों के बुनियादी ढांचा को बेहतर बनाने के लिए 15000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे दूध और दूध से बने प्रोडक्ट का उत्पादन बढ़ेगा।
  • सहकारी समितियों द्वारा प्रतिदिन 560 लीटर दूध की खरीद की गई है और 2 करोड़ किसानों को 5000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लिक्विडिटी बेनिफिट्स यानी नगदी लाभ दिया जायेगा।

हर्बल खेती के लिए 4 हजार करोड़ रुपए

  • 10 लाख हेक्टेएयर में हर्बल की खेती होगी। इससे किसानों इनमें से 800 हेक्टेएयर की खेती गंगा के दोनों किनारों पर की जाएगी।
  • हर्बल खेती करने के लिए किसानों को 4000 करोड़ का प्रोत्साहन दिया जायेगा। इससे किसानों को 5000 करोड़ रुपए की आमदनी होगी।

मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

  • इससे 2 लाख मधुमक्खी पालकों को लाभ होगा।
  • मधुमक्खी पालन इंफ्रा डेवलपमेंट फंड के लिए 500 करोड़ प्रावधान किया गया है।

कृषि उत्पाद कीमत और गुणवत्ता

  • किसानों के लिए सुविधाजनक ऐसा कानूनी ढांचा बनाया जाएगा, जिसके तहत उन्हें निश्चित आमदनी हो।
  • इससे किसानों के जीवन में बदलाव जाएगा। वह बड़े खुदरा व्यापारी, निर्यातकों के साथ पारदर्शिता के साथ काम कर सकेंगे।

टॉप टु टोटल के लिए 500 करोड़

  • सभी फल और सब्जियों के लिए ‘टॉप टु टोटल पहल’
  • पहले यह टमाटर, आलू और प्याज के लिए था लेकिन अब अन्य सभी फल और सब्जियों के लिए लागू किया जाएगा।
  • जो खाद्य पदार्थ नष्ट हो जाते थे उन्हें दबाव में कम मूल्य में बेचना पड़ता है। इस योजना के तहत सभी फल सब्जियों को लाने से 50 फीसदी सब्सिडी मालभाड़े और 50 फीसदी स्टोरेज, कोल्ड स्टोरेज के लिए दी जाएगी।
  • मालभाड़े और स्टोरेज पर 50% सब्सिडी दी जाएगी। सप्लाई चैन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ का निवेश किया जायेगा।

किसान जहां चाहें वहां बेच सकेंगे उत्पाद

किसानों को अपने उत्पाद की सही कीमत मिले और दूसरे राज्यों में जाकर भी उत्पाद बेच सकें उसके लिए कानूनी में बदलाव किया जाएगा। ऐसा कानून बनेगा जिससे तहत उन्हें किसी भी राज्य में अपना उत्पाद ले जाकर बेचने की छूट होगी।

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आवश्यक वस्तु अधिनियम में विशेष संशोधन किया जायेगा

  • कृषि क्षेत्र में प्रतियोगिता और निवेश बढ़ाने के लिए 1955 के आवश्यक वस्तु अधिनियम में बदलाव किया जाएगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
  • बेहतर मूल्य प्राप्ति के लिए कई उत्पादों को अनियमित किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों के अलावा स्टॉक लिमिट लागू नहीं होगी।
  • विशेष परिस्थितियों के अलावा स्टॉक लिमिट लागू नहीं होगी।

इसके अतिरिक्त माइक्रो फूड एंट्रप्राइजेज के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के विजन वोकल फॉर लोकल को आगे लेकर जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि अन-ऑर्गनाइज्ड माइक्रो फूड एंट्रप्राइजेज (MFE) को टेक्निकली अपडेट करने की जरूरत है जिससे उन्हें FSSI से मंजूरी मिल सके। इस स्कीम से करीब 2 लाख MFE को लाभ मिलेगा।

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