आधार यानी आम आदमी का अधिकार। किस चीज का अधिकार? क्या  भारत में रहने का और यहां की नागरिकता का प्रमाण पत्र है? नही! बल्कि यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में अगर कोई व्यक्ति का किसी भी प्रकार का नागरिकता संबंधी नही है तो उसको एक यूनिक नंबर के जरिये पहचान दिलाने का काम करता है। इसके साथ ही आधार का और भी बहुत उपयोग होता है।

आधार नम्‍बर पहचान का सबूत है तथापि यह आधार नम्‍बर धारक को नागरिकता और अधिवास संबंधी कोई अधिकार प्रदान नहीं करता। यानी आधार नंबर से पहचान तो साबित हो सकती है लेकिन लेकिन आधार से किसी भी व्यक्ति को भारत की नागरिकता नही मिल सकती है और न ही आधार कार्ड को नागरिकता प्रमाण पत्र के रुप में उपयोग किया जा सकता है।

कब शुरु हुआ आधार  

स्वतंत्र भारत में 28 जनवरी 2009 एक ऐसी तारीख है जिसके बाद भारत के लोगों को एक 12 अंकों का नंबर वाला कार्ड मिल गया जिससे लोग अपनी पहचान साबित कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि आधार कार्ड से अपनी पहचान पूरे देश में साबित की जा सकती है। 2009 से पहले हर राज्य का अपना अलग पहचान पत्र हुआ करता था।

आधार कौन बनाता है?

आधार कार्ड बनाने वाली संस्था को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) कहते हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की स्थापना भी जनवरी में ही हुआ था। इसके पहले चेयरमैन नंदन नीलकोणी थे। नंदन नीलकोणी के नेतृत्व में ही आधार पुष्पित और पल्लवित हुआ।

अगर किसी व्यक्ति को अपना आधार बनवाना है तो स्वाभाविक तौर प्राधिकरण में जा नही सकता है। फिर कहां जायेगा? किससे संपर्क करेगा? इसी को आसान बनाने के लिए सहज जनसेवा केन्द्रों (CSC सेंटर) को यह लाइसेंस दिया गया कि वह लोगों का आधार कार्ड बनाने का काम करें।

आधार कार्ड बनाने में व्यक्ति के आँखों का लेंस और अँगुलियों का निशान डिजिटली दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही एक एड्रेस प्रूफ देना होता है। व्यक्ति जो एड्रेस फ्रूफ देता है उसी एड्रेस पर उसका आधार कार्ड डाक से भेजा जाता है।

क्या आधार में करेक्शन हो सकता है?

हां। आधार कार्ड में जरूरत पड़ने पर और कोई गलत जानकारी दर्ज होने के बाद बदलाव किया जा सकता है। आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग, एड्रेस और मोबाइल नंबर में करेक्शन किया जा सकता है।

आधार कार्ड में नाम कैसे बदले?

जैसा कि पहले ही जानकारी दी गई है कि आधार कार्ड में करेक्शन हो सकता लेकिन नाम नही बदला जा सकता है। आधार कार्ड में एड्रेस चेंज हो सकता है।

आधार कार्ड में पता बदलने के लिए इस स्टेप को फ़ॉलो करें

पता, पिन बदलाव के लिए इस स्टेप को फ़ॉलो करें:

सबसे पहले https://uidai.gov.in/ लिंक पर क्लिक करें।

अब आपके सामने स्क्रीन ओपन हो जाएगी।

अब आपको वेबसाइट के बाई साइड My Aadhaar पर क्लिक करना होता है। My Aadhaar पर क्लिक करते ही आपके सामने एक साथ बहुत से विकल्प आ जायेगा। अब आपको Update Your Adhar Card टैब पर क्लिक करना होता है। इस टैब पर क्लिक करते ही आपके सामने state, pin code और search box बटन दिखेगा।

इसे भी पढ़े: बिजनेस लोन मिलेगा अब आधार कार्ड से, जानिए कैसे?

अब आप स्टेट पर क्लिक करके अपना राज्य सलेक्ट करें और इसके अपना जिला सलेक्ट करें फिर अपना आधार इनरोल्ड नंबर एंटर करें। सबमिट करने के बाद ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आ जायेगा। उस ओटीपी को एंटर करके सबमिट कर दीजिये।

सबमिट होते ही आपका आधार करेक्शन फॉर्म खुल जायेगा। अब आप अपना सही एड्रेस दर्ज करें और सपोर्ट के लिए मांगे गये काजगी दस्तावेज को उपलोड करके फॉर्म सबमिट कर दें। फॉर्म सबमिट करने के बाद आपके मोबाइल पर एक कन्फोर्मेंशन नंबर मिल जायेगा।

आधार कार्ड करेक्शन होने 10 से 15 दिन का समय लगता है। अगर आपका आधार करेक्शन फॉर्म स्वीकार होता है तो एक सप्ताह के भीतर आपके मोबाइल नंबर पर कन्फोर्मेंशन मैसेज आ जायेगा। इस तरह आप अपने आधार में नाम और पता बदल सकते हैं।