पहले आईटीआर फाइल करते वक्त सिर्फ पैन कार्ड का नंबर ही देना होता था। आईटीआर फाइल करने के लिए पैन कार्ड नंबर अनिवार्य था। लेकिन, अब आयकर विभाग ने आईटीआर फाइल करने से संबंधित नियमों को बदल दिया है। अब आईटीआर आधार कार्ड नंबर से भी फाइल किया जा सकता है।

आयकर द्वारा आईटीआर फाइल करने के नियमों में किये गये बदलाव से एक तरफ करदाताओं को जहां सुविधा हुई है, वहीं दूसरी तरफ गलती होने पर 10 हजार रुपये तक के जुर्मना का भी प्रावधान किया गया है। ऐसे में सहूलियत और मुश्किल दोनों की दस्तक एक साथ हुई है।

आयकर विभाग से जारी किये गये नये नियम से जुड़ी खास बातें

  • इनकम टैक्स द्वारा यह बदलाव आयकर अधिनियम 1961 के नये संसोधन द्वारा किया गया है।
  • आईटीआर फाइल करने के लिए सहूलियत हुई है, इसके साथ कुछ सावधानी भी बरतना होगा।
  • नये नियम से जुड़ी खास बात यह है कि आईटीआर फाइल करते वक्त अगर आधार नंबर गलत एंटर किया गया तो करदाता को 10 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है।
  • जुर्माना सिर्फ उन्हीं लोगों पर लागू किया जायेगा, जिन्होंने आईटीआर फाइल करते समय पैन कार्ड नंबर की आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल किये होंगे।

अक्सर ऐसा होता था कि बहुत से लोग इस डर से आईटीआर फाइल नहीं करते थे, कि उन्हें अपना पैन कार्ड नंबर देना पड़ेगा। इस डर को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पैन कार्ड नंबर के साथ अब आधार कार्ड नंबर द्वारा भी आईटीआर फाइल करने की अनुमति दे दिया है।

ऐसी स्थिति में उन सभी लोगों को बहुत आसानी होने वाली है, जो कर चुकाने योग्य इनकम करते हैं, लेकिन पैन कार्ड नंबर देने की डर से आईटीआर फाइल नहीं करते थे। अब जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होता है, या जो व्यक्ति आईटीआर फाइल करने के लिए पैन नंबर नहीं देना चाहते हैं, उनके लिए यह ऑप्शन तैयार हो गया है की वह लोग आधार कार्ड नंबर के जरिये आईटीआर बहुत आसानी से फाइल कर सकते हैं।

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हालांकि, इस सहूलियत के साथ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा नियम भी कड़ा किया गया है। कड़ा किये गये नियम के तहत आईटीआर फाइल करते समय आधार कार्ड नंबर से संबंधित कोई गलती होने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्मना हो सकता है।

पेश किये गये वित्त विधेयक 2019 में पेश आयकर अधिनियम 1961 का नवीनतम संशोधन न केवल पैन की जगह आधार नंबर के इस्तेमाल की मंजूरी प्रदान करता है, बल्कि गलत आधार नंबर देने पर 10 हजार रुपये के जुर्माने का भी प्रवाधान करता है।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि आधार कार्ड नंबर गलत होने पर, उन्हीं लोगों से जुर्मना वसूल किया जायेगा, जो लोग पैन कार्ड नंबर की जगह पर आधार कार्ड नंबर का उपयोग करके आईटीआर फाइल करते हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि आईटीआर फाइल करने के साथ आधार कार्ड नंबर को बैंक खाता खोलने के लिए, डीमैट अकाउंट खोलने के लिए और 50 हजार रुपये से अधिक के म्यूचुअल फंड और बॉन्ड खरीदने के लिए भी वैध कर दिया गया है।

यह है आधार का नया नियम

बदलाव आधार कार्ड नंबर के उपयोग को लेकर किया गया है, लेकिन इस नियम के बदलाव से यूनिक आइडेंटिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) द्वारा जुर्माना वसूल नहीं किया जायेगा, आधार कार्ड नंबर गलत होने के बाद जुर्मना आयकर विभाग द्वारा लगाया जाता है।

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नियमों में किये गये बदलाव के अनुसार आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 272बी के मुताबिक, अगर आयकरदाता पैन के प्रावधानों का पालन करने में नाकाम होता है तो आयकर विभाग जुर्माना लगा सकता है। जुर्माने की रकम हर डिफॉल्ट के लिए 10 हजार रुपये होगी।

यह बदलाव सितंबर में पैन-आधार इंटरचेंजिबिलिटी का प्रावधान के तहत आया तो यह आधार के लिए भी लागू हो गया। आइये जानते हैं कि किन परिस्थितियों में जुर्माना लगाया जा सकता है:

  • अगर आप पैन के बदले गलत आधार नंबर देते हैं।
  • अगर आप किसी खास ट्रांजैक्शंस में पैन या आधार नंबर देने में नाकाम होते हैं।
  • केवल आधार नंबर प्रदान करना ही काफी नहीं है, आपको बायोमेट्रिक आइडेंटिटी को भी ऑथेंटिकेट करना होगा और अगर यह फेल होता है तो आप पर जुर्माना लगाया जाएगा।

नियमों के तहत, अगर पैन या आधार नंबर सही ढंग से नहीं दिया गया है और उन्हें ऑथेंटिकेट नहीं किया गया है तो बैंकों, वित्तीय संस्थानों इत्यादि पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके अलावा, यह बात भी ध्यान रखने वाली है कि अगर आप दो फॉर्म्स में गलत आधार नंबर देते हैं तो आपको हर के लिए 10-10 हजार रुपये का जुर्माना यानी 20 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप फॉर्म भरते वक्त सतर्कता बरतें।

अब 50 हजार से अधिक की लेनदेन के लिए भी पैन कार्ड मान्य

अब 50 हजार से अधिक कैश के लेनदेन के लिए आधार कार्ड नंबर का भी किया जा सकता है उपयोग। पहले होता था सिर्फ पैन कार्ड का उपयोग। 5 जुलाई 2019 को वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण द्वारा बजट पेश करते हुए 50 हजार से अधिक के ट्रांजेक्शन पर आधार कार्ड की सहूलियत प्रदान करने की घोषणा की गई थी।

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पहले 50 हजार से अधिक के नगद कैश के लेनदेन में पैन कार्ड नंबर अनिवार्य रूप से देना होता था, वित्त मंत्री के घोषणा के अनुसार अब 50 हजार से अधिक के लेनदेन में आधार कार्ड का भी उपयोग किया जा सकता है यानी कैश के लेनदेन में आधार की जरूरत बन गई है।

कैश के लेनदेन में आधार की जरूरत को वित्त मंत्री ने बजट भाषण में ही बताया था

वित्त मंत्री के घोषणा के बाद राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने 6 जुलाई 2019 को बताया कि 50 हजार से अधिक के लेनदेन करने पर अब पैन कार्ड की अनिवार्यता हटा दी गई है।

अब जिनके पास पैन कार्ड नही है, वह लोग आधार कार्ड का भी उपयोग करके लेनदेन कर सकते हैं। श्री भूषण पांडे ने बताया कि बैंकों को यह सूचना दे दी गई है कि वह अपना सिस्टम अपग्रेड कर ले, जहां कहीं भी पैन कार्ड का उपयोग अनिवार्य हो वहां आधार कार्ड का भी ऑप्शन प्रदान कर दिया जाए।

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