वित्तीय स्थिति यानी फाइनेंशियल कंडिशन कारोबारियों के साथ ही सभी लोगों को सुरक्षात्मक रखना चाहिए। इसके लिए जरूरी है हर इंसान को फाइनेंशियल प्लान के बारे में जानकारी होना। जब कारोबारी किसी फाइनेंशियल प्लानिंग के मुताबिक चलते हैं तो किसी भी वित्तीय दिक्कतों से बचे रहते है।

फाइनेंस का नाम आते ही अधिकतर लोग लोन या जीवन बीमा समझ लेते है लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें यह जीवन बिना और लोन से बिल्कुल अलग है। यह पैसों की सही इस्तेमाल और मैनेजमेंट करने से संबंधित है। यह भविष्य को सुरक्षित करने के संबंध में है।

अकसर ऐसा होता है कि कारोबारी किसी जल्दबाजी में या किसी के कहने पर अपना पैसा गलत जगह इन्वेस्ट कर देते है और बाद में पछताते है। बाद में पता चलता है कि जो पैसा उन्होंने इन्वेस्ट किया था उस पर तो रिटर्न ही नहीं मिल रहा है।

कभी- कभी ऐसा भी होता है कि किसी छोटी गलती के चलते भी फाइनेंशियल प्लान धरा का धरा रह जाता है और नुकसान हो जाता है। ऐसे में आपके काम आता है फाइनेंशियल प्लान से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां।

फाइनेंशियल प्लान से संबंधित 7 ऐसी बातों को समझते है, जिनका पालन करके आप भी फाइनेंशियल स्थिति मजबूत कर सकते है।

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सभी इनकम सोर्स को मर्ज करने की कभी गलती न करें

कारोबार में ऐसा होता है कि इनकम यानी आय के कई जरिया होता है। जब आय के कई जरिया होता है तो कुछ समय बाद ऐसा होता है कि सभी सोर्स से आ रही इनकम इक्कठा होनी शुरु हो जाती है। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि किस सोर्स से कितनी इनकम हुई है। जब यह नहीं पता चल पाता कुछ समय बाद मुश्किल होनी शुरु हो जाती है।

अगर सभी सोर्स से हुई इनकम मर्ज होने लगेगी तो यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जायेगा कि किस सोर्स से कितनी इनकम हुई। किस सोर्स पर फोकस करना है। इसलिए इनकम के सभी सोर्स अलग- अलग करके रखे।

इमरजेंसी बजट नहीं रखना: मतलब अपने को हमेशा असुरक्षित रखना

कारोबार में कब मुनाफा हो जाए और कब घाटा, कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में अगर आप इमरजेंसी बजट नहीं रखते हैं तो बहुत सारी मुसीबतों से एक साथ दावत दे रहे हैं। इमरजेंसी बजट वह रकम रखी जाती है जिसे अचानक जरूरत पड़ने पर खर्च किया जाता है।

यह बजट कारोबार की पूरी बजट से अलग होती है। सभी कारोबारियों को चाहिए कि वह कारोबार में इमरजेंसी बजट जरूर रखे। ऐसा करके आप अपना भविष्य बेहतर कर सकते है।

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फाइनेंशियल प्लान: बिजनेस लोन लेने से डरना

कारोबारियों में यह आम धारणा होती है कि बिजनेस लोन लेना ठीक नहीं होता है। लोन से बँध जाता है। लेकिन सोचिए अगर आपको अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए कोई मौका हो और आपके पास धन कम हो तो आप क्या करेंगे? मन- मसोस कर तो रह नहीं जायेंगे?

इसके लिए आपको तुरंत बिजनेस लोन लेना चाहिए। कारोबार बढ़ाने के लिए बिजनेस लोन बेहतरीन कदम होता है। वर्तमान में एनबीएफसी कंपनियों की बेहतरीन सेवाओं पर बिजनेस लोन बहुत ही जल्दी और कम शर्तों पर मिल जाता है।

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पैसा कहा से आया, पैसा कहा खर्च हुआ! पता नहीं

यह बहुत गलत आदत है। जिन कारोबारियों की भी ऐसी आदत है उन्हें सलाह कि वह बिना देर किए तुरंत अपनी आदत बदल लें। कैश फ्लो का हिसाब न रखना बड़ी गलती है। अगर कैश फ्लो पर नजर नही होगी तो कई तरह के गैर जरूरी खर्चे होंगे जिनका कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं होगा।

फाइनेंशियल प्लान: गलत इंश्योरेंस का चयन करना

कारोबारी फाइनेंशियल प्लान बनाते हुए अकसर गलत इंश्योरेंस ले लेते है। कुछ कारोबारियों का मानना होता है कि इंश्योरेंस में निवेश में करना बेहतर रिटर्न की गारंटी होती है। लेकिन, यह हमेशा याद रखना चाहिए कि रिटर्न और एंडाउमेंट प्लान में फर्क होता है। इंश्योरेंस की जगह पर टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए।

सेल या छूट है तो खूब खरीदारी करो

अधिकतर ऐसा भी देखने को मिलता है कि लोग कहीं सेल या छूट का बोर्ड देखने मात्र से ही उत्साहित हो जाते है। खूब खरीदारी कर लेना चाहते है। यह नहीं देखते कि जिस चीज की जरूरत नहीं है उसकी भी खरीदारी हो रही है। ऐसा करना पैसा फंसाने के अलावा कुछ नहीं होता है।

खरीददारी कोई छूट या सेल को देखकर नहीं करनी चाहिए। खरीदारी हमेशा खुद की जरूरत के मुताबिक ही करना चाहिए।

पहले खर्च फिर निवेश (इन्वेस्ट) की आदत है खतरनाक

फाइनेंशियल प्लान में सबसे खराब आदतों में है- पहले खर्च करों फिर निवेश (इन्वेस्ट) करेंगे। बाद में यह संभव हो नहीं पाता है। इससे आगे आने दिनों में वित्तीय समस्या अधिक हो जाने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। निवेश (इन्वेस्ट) में अनुशासन अपनाना बेहद जरूरी है। यह आगे आने दिनों में बेहद फायदेमंद होता है।

 बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए ZipLoan से लीजिए बिजनेस लोन

ZipLoan’ फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। ‘कंपनी द्वारा सूक्ष्म, लघु उद्योग को फाइनेंशियल प्लान के लिए लोन से 5 लाख तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन में प्रदान किया जाता है।

ZipLoan से बिजनेस लोन पाने की शर्ते बहुत कम हैं 

  • बिजनेस कम से कम 2 साल पुराना हो।
  • बिजनेस का सालाना टर्नओवर कम से कम 5 लाख से अधिक का होना चाहिए।
  • पिछले साल भरी गई ITR डेढ़ लाख रुपये की हो या इससे अधिक की होनी चाहिए।
  • घर या बिजनेस की जगह में से कोई एक खुद के नाम पर होना चाहिए।

ZipLoan से बिजनेस लोन लेने के कई फायदे है

  • बिजनेस लोन की रकम अप्लाई करने के सिर्फ 3 दिन के भीतर मिल जाती है। (यह सुविधा जरुरी कागजी दस्तावेजों को उपलब्ध रहने पर मिलती है)
  • लोन घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है।
  • बिजनेस लोन की रकम 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री है।
  • लोन की रकम 12 से लेकर 24 महीने के बीच वापस कर सकते है।

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