जब कोई व्यक्ति बिजनेस लोन या व्यक्तिगत खर्च के लिए लोन लेना चाहता है तो सबसे पहले काम लोन के लिए एप्लीकेशन भरने का करता है। क्या आप जानते हैं कि क्रेडिट स्कोर की जानकारी आपको लोन दिलाने में और न दिलाने के बीच कड़ी होती है?

बिजनेस लोन या व्यक्तिगत लोन पर विचार करने के लिए बैंक या नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी – एनबीएफसी द्वारा विचार किया जाता है। इस बीच लोन आवेदन पर यह विचार किया जाता है कि लोन दिया जाना चाहिए या नहीं।

क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे कारण हैं जिनके कारण लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट भी हो सकता है यानी बैंक या एनबीएफसी कंपनी द्वारा लोन दिए जाने से मना किया जा सकता है। जी हाँ ऐसा हो सकता है। लोन एप्लिएक्शन रिजेक्ट होने का कारण कोई और नहीं बल्कि CIBIL Score होता है।

पैन कार्ड के जरिये अपना सिबिल स्कोर चेक करें

सिबिल क्रेडिट स्कोर मूलतः किसी व्यक्ति के फाइनेंशियल कंडीशन की हिस्ट्री होती है। यह 3 अंकों की एक संख्या होती है। इसी 3 अंकों की संख्या से अनुसार बैंक और एनबीएफसी कंपनी द्वारा यह डिसाइड होता है कि लोन दिया जाना चाहिए या नही दिया जाना चाहिए।

सिबिल क्रेडिट स्कोर 3 अंकों की संख्या होती है जो 300 से 900 के बीच होती है। सिबिल क्रेडिट स्कोर जितना अधिक होता है ग्राहक के लिए उतना ही बेहतर होता है। जितना अधिक सिबिल क्रेडिट होगा लोन मिलने की संभवना उतनी ही अधिक होती जाएगी।

सिबिल क्रेडिट स्कोर जितना कम होता जायेगा लोन मिलने की संभावना उतनी ही कम होती जाएगी। 500 से कम सिबिल क्रेडिट स्कोर होने पर लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट होने की संभवना अधिक हो जाती है। आइये सिबिल क्रेडिट स्कोर के बारे में 7 महत्वपूर्ण और रौचक बातों के बारे में।

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सिबिल स्कोर क्या होता है – What is CIBIL Score

एक छोटी सी कहानी से समझते हैं- कनिका और राशी दोनों अभी 2 दिन पहले एक सोसाइटी में रहने आई। दोनों में कुछ बातें हुई। दोनों में दोस्ती जैसा हो गया। अचानक कनिका ने राशी से कुछ रुपये उधार मांग लिया। राशी को कनिका के बारें में चूँकि अधिकारी नही थी तो वह पैसे देने से मना कर दिया।

अब हो सकता है कि कई लोग यह भी कहें कि दोनों की जान – पहचान तो थी और दोनों दोस्त भी बन गई थी। ऐसे उसने पैसा देने से मना क्यों किया। इस सवाल का जवाब है – राशी को कनिका की फाइनेंशियल कंडीशन के बारे में अच्छी तरह जानकारी नहीं थी। राशी यह नही जानती थी कि वह रुपये लेने के बाद कब लौटाएगी।

सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाये? जानिए तरीका

ठीक इसी तरह जब कोई व्यक्ति बैंक से या नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) से लोन के लिए अप्लाई करता है तो उसको तुरंत लोन नही दे दिया जाता है। पहले उस व्यक्ति का फाइनेंशियल बैकग्राउंड चेक किया जाता है। फाइनेंशियल कंडीशन की जाँच करने बैंक और एनबीएफसी कंपनी किसी के बैंक अकाउंट को तो चेक नही कर सकते हैं इस लिए यहां पर सिबिल क्रेडिट स्कोर जांचने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

सिबिल स्कोर चेक करने के लिए सिबिल क्रेडिट स्कोर मांगा जाता है। आपको बता दें कि सिबिल क्रेडिट स्कोर तैयार करने जिम्मेदारी सिबिल कंपनीकी होती है। सिबिल कंपनी जिसका पूरा नाम क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो लिमिटेड है। इसे शार्ट फॉर्म में CIBIL के नाम से जाना जाता है।

सिबिल क्रेडिट कंपनी की स्थापना सन 2000 में हुई है। इस कंपनी का मुख्य कार्य लोगों द्वारा लिए गये लोन का रिकार्ड रखना, लोन चुकाने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में जानकारी रखना और इस सभी रिकार्डों को एक जगह रखकर उसकी रिपोर्ट तैयार करना होता है।

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क्लिक कर जानिए सिबिल स्कोर कैसे चेक करें?

सिबिल कंपनी की स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गाइडलाइन के अनुसार हुई है। सिबिल कंपनी में एक CIC यानी केन्द्रीय सूचना आयोग का सदस्य अवश्य रुप से सदस्य होता है। लोगों द्वारा लोन से संबंधित जितनी भी क्योरी या जो लोन चल रहे होते हैं उन सभी की जानकारी सिबिल कंपनी के पास उपलब्ध होती है।

जब कोई व्यक्ति किसी बैंक या किसी कंपनी से बिजनेस लोन या पर्शनल लोन के लिए अप्लाई करता है तो उसका सिबिल क्रेडिट स्कोर लोन देने वाली कंपनी द्वारा उस व्यक्ति का सबसे पहले सिबिल क्रेडिट स्कोर की जाँच की जाती है। अगर आप चाहें तो खुद से भी अपना सिबिल क्रेडिट स्कोर जाँच सकते हैं।

लोन पाने के लिए सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए?

सिबिल स्कोर चेक ऑनलाइन फ्री कुछ सिमित सुविधाओं के साथ होता है। जब आप क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं तो आपके सामने 300 से 900 अंकों के बीच की संख्या आती है। इसी संख्या को सिबिल क्रेडिट स्कोर कहते हैं।

लोन पाने के लिए CIBIL Score कितना होना चाहिए? इस सवाल का उत्तर है – 700 से अधिक सिबिल क्रेडिट होने पर लोन मिलने की गारंटी हो जाती है। सिबिल स्कोर चेक ऑनलाइन फ्री करके आप अपना सिबिल क्रेडिट स्कोर पता कर सकते हैं।

अभी बिजनेस लोन पाए

700 से 900 के बीच सिबिल क्रेडिट स्कोर होने पर लोन बहुत आसानी से मिलता है और और इंटरेस्ट रेट यानी ब्याज दर भी अपेक्षाकृत कम होती है। 600 से 700 के बीच सिबिल क्रेडिट स्कोर होने पर लोन मिलने की संभवना तो होती है लेकिन अपेक्षाकृत ब्याज दर अधिक होती है या मार्केट रेट के अनुसार होने की संभवना होती है।

कभी – कभी ऐसा भी होता है कि अनजाने में हुई गलती से भी सिबिल क्रेडिट स्कोर कम हो जाता है तो भी कारोबारियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। एनबीएफसी सेक्टर की प्रमुख कंपनी ZipLoan की तरफ से कारोबारियों को सुविधा देने के लिए खुद से बनायें क्रेडिट स्कोर ‘ZipScore’ के आधार पर 1 से 5 लाख तक का बिजनेस लोन सिर्फ 3 दिन में बिना कुछ गिरवी रखे प्रदान किया जाता है।

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क्लिक कर जानिए सिबिल स्कोर सही करने का तरीका

ZipLoan द्वारा प्रदान किये जाने वाला बिजनेस लोन को चुकाने के लिए 2 साल का समय मिलता है। सबसे बड़ी विशेषता यह है कि लोन 6 महीने बाद प्री पेमेंट फ्री होता है यानी अगर कोई कारोबारी 24 महीने के लिए लोन लेता है लेकिन उस कारोबारी के पास सातवें महीने में ही पैसा आ गया तो वह चाहें तो बाकी की बची ब्याज दरों से बचने के लिए अपने लोन को समय से पहले भी चुका सकता है, इसके लिए किसी भी तरह का कोई अतिरिक्त चार्ज नही देना होता है।

सिबिल क्रेडिट स्कोर के बारें में 7 ऐसी जानकारी जो आपको जानना चाहिए

  • सिबिल क्रेडिट स्कोर का और सेविंग अकाउंट का कोई लेना – देना नही होता है। दोनों अलग – अलग दो चीजें हैं।
  • क्रेडिट स्कोर से कभी कोई भी व्यक्ति आपके बैंक अकाउंट में जमा या निकाले गये पैसों के बारें में जानकारी नही प्राप्त कर सकता है।
  • सिबिल क्रेडिट स्कोर तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में किसी को कोई जानकारी नही होती है। यह प्रक्रिया आन्तरिक तरीके से पूरी की जाती है।
  • खुद से सिबिल क्रेडिट स्कोर चेक करना कभी भी नेगेटिव नही होता है। इससे आपके लोन एप्लीकेशन पर कोई फर्क नही पड़ता है।
  • यदि कोई व्यक्ति किन्हीं कारणों से कभी डिफॉल्टर रहा हो तो भी सिबिल उसको सार्वजनिक तरीके से डिफॉल्टर प्रदर्शित नही करता है।
  • सिबिल क्रेडिट के बारे में यह जानकारी पूरी तरह गलत है कि यह सिर्फ नेगेटिव की जाँच करता है।
  • सिबिल क्रेडिट स्कोर के आधार पर कभी किसी का बैंक खाता बंद नही हो सकता है।

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